ठोकर खाकर लौटे श्रमिक अब शुरू कर सकेंगे स्वरोजगार, योगी सरकार ने लागू की मुख्यमंत्री प्रवासी रोजगार योजना

लखनऊ लॉकडाउन के दौरान दूसरे राज्यों से बेरोजगार होकर प्रदेश लौटे प्रवासी मजदूरों को रोजगार मुहैया कराने के बाद अब योगी सरकार इनके बीच स्वरोजगार को बढ़ावा देगी। इसके लिए प्रदेश में मुख्यमंत्री प्रवासी रोजगार योजना लागू की है। इसके तहत प्रवासी कामगार केवल 5 फीसदी अंशदान कर अपना खुद का उद्यम शुरू कर सकेंगे।
योजना के तहत वे 50 लाख रुपये तक की इकाई लगा सकेंगे। परियोजना की लागत का 70 फीसदी हिस्सा बैंकों से लोन लिया जा सकेगा जबकि 25 फीसदी हिस्सा राज्य सरकार अनुदान के रूप में वहन करेगी। योजना के क्रियान्वयन के लिए श्रमिकों का आंकड़ा सेवायोजन विभाग द्वारा जुटाया गया है।
सभी श्रेणी की इकाइयां स्थापित करेगी सरकार
योजना के तहत ऐसे प्रवासी कामगार, श्रमिक जो किसी विधा मसलन इलेक्ट्रिशन, प्लंबर, मैकेनिक, दर्जी, ड्राइवर, बुनाई, रंगाई आदि में कुशल हैं और अपना रोजगार करने के लिए इच्छुक हैं, उन्हें स्वरोजगार इकाई परियोजनाएं स्थापित करने के लिए राज्य सरकार मदद करेगी।
राज्य सरकार प्रवासी कामगारों, श्रमिकों को अपने गांव, शहर में खुद का उद्यम और सेवा व्यवसाय स्थापित करने के लिए 50 लाख तक की इकाई की स्थापना कराएगी। योजना के तहत उद्योग, सेवा एवं व्यवसाय सभी श्रेणी की इकाइयां स्थापित की जा सकेंगी। सभी प्रकार की व्यवसायिक गतिविधियां योजना में शामिल होंगी। योजना के तहत माल ढुलाई के लिए हल्के व्यवसायिक वाहनों की खरीद भी की जा सकेगी।
कम-कम से 8वीं पास होने जरूरी
स्वरोजगार लगाने और लोन प्राप्त करने के लिए कम से कम क्लास 8 तक की शिक्षा अनिवार्य होगी। 10 लाख से अधिक की परियोजना के लिए हाई स्कूल किया होना अनिवार्य होगा। ऐसे प्रवासी श्रमिक कामगार जो बैंक लोन न लेकर अपने श्रोतों से धनराशि लगाने में सक्षम होंगे, उनके लिए कक्षा-8 पास करने की बाध्यता नहीं होगी।
योजना के लिए आयु की सीमा 18 में 59 वर्ष तय की गई है। योजना में आवेदन की ऑनलाइन व्यवस्था होगी। मौजूदा समय में ऑनलाइन संचालित मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में भी एक लिंक बनाया जाएगा। प्राप्त आवेदनों को मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की तर्ज पर परीक्षण के बाद बैंकों को भेजा जाएगा।
सभी श्रेणी की इकाइयां स्थापित करेगी सरकार
योजना के तहत ऐसे प्रवासी कामगार, श्रमिक जो किसी विधा मसलन इलेक्ट्रिशन, प्लंबर, मैकेनिक, दर्जी, ड्राइवर, बुनाई, रंगाई आदि में कुशल हैं और अपना रोजगार करने के लिए इच्छुक हैं, उन्हें स्वरोजगार इकाई परियोजनाएं स्थापित करने के लिए राज्य सरकार मदद करेगी।
राज्य सरकार प्रवासी कामगारों, श्रमिकों को अपने गांव, शहर में खुद का उद्यम और सेवा व्यवसाय स्थापित करने के लिए 50 लाख तक की इकाई की स्थापना कराएगी। योजना के तहत उद्योग, सेवा एवं व्यवसाय सभी श्रेणी की इकाइयां स्थापित की जा सकेंगी। सभी प्रकार की व्यवसायिक गतिविधियां योजना में शामिल होंगी। योजना के तहत माल ढुलाई के लिए हल्के व्यवसायिक वाहनों की खरीद भी की जा सकेगी।