डिजिटल सर्विस टैक्स लगाने वाले देशों पर अमेरिका का बड़ा फैसला, 100% टैरिफ की चेतावनी; भारत पर क्या होगा असर?

डिजिटल सर्विस टैक्स पर अमेरिका की बड़ी चेतावनी, 100% टैरिफ से भारत पर क्या होगा असर?

अमेरिका ने उन देशों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं, जो अमेरिकी टेक कंपनियों से डिजिटल सर्विस टैक्स (DST) वसूल रहे हैं। अमेरिकी प्रशासन ने ऐसे देशों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है। इस फैसले का असर भारत समेत कई देशों की अर्थव्यवस्था और व्यापारिक संबंधों पर पड़ सकता है।

दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों जैसे Google, Meta, Amazon और Apple पर कई देशों द्वारा लगाए जा रहे डिजिटल सर्विस टैक्स को लेकर अमेरिका ने कड़ा रुख अपनाया है।

अमेरिका का कहना है कि डिजिटल सर्विस टैक्स मुख्य रूप से अमेरिकी टेक कंपनियों को निशाना बनाता है और यह अंतरराष्ट्रीय व्यापार के सिद्धांतों के खिलाफ है। इसी वजह से अमेरिका ने ऐसे देशों पर 100 प्रतिशत तक आयात शुल्क (टैरिफ) लगाने की चेतावनी दी है।

डिजिटल सर्विस टैक्स क्या है?

डिजिटल सर्विस टैक्स वह कर है, जो किसी देश में डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन विज्ञापन, ई-कॉमर्स और डिजिटल सेवाओं से होने वाली कमाई पर लगाया जाता है। कई देशों का तर्क है कि बड़ी टेक कंपनियां उनके यहां भारी मुनाफा कमाती हैं, इसलिए उन्हें स्थानीय स्तर पर टैक्स देना चाहिए।

भारत पर क्या पड़ सकता है असर?

भारत ने विदेशी डिजिटल कंपनियों पर ‘इक्वलाइजेशन लेवी’ (Equalisation Levy) लागू की थी, जिसे आमतौर पर डिजिटल टैक्स के रूप में देखा जाता है। हालांकि हाल के वर्षों में भारत ने वैश्विक कर समझौते को ध्यान में रखते हुए अपनी कर नीति में कुछ बदलाव किए हैं।

अगर अमेरिका डिजिटल टैक्स लगाने वाले देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लागू करता है, तो भारत के लिए कई चुनौतियां पैदा हो सकती हैं—

1. निर्यात पर असर

भारत से अमेरिका को होने वाले कुछ निर्यात उत्पाद महंगे हो सकते हैं, जिससे भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो सकती है।

2. व्यापारिक संबंधों में तनाव

दोनों देशों के बीच व्यापारिक वार्ताओं और प्रस्तावित व्यापार समझौतों पर दबाव बढ़ सकता है।

3. टेक सेक्टर में अनिश्चितता

भारत में काम कर रही अमेरिकी टेक कंपनियों और डिजिटल कारोबार के लिए नीति संबंधी अनिश्चितता बढ़ सकती है।

4. निवेश पर प्रभाव

यदि व्यापारिक तनाव बढ़ता है, तो विदेशी निवेशकों के बीच भी चिंता का माहौल बन सकता है।

किन देशों पर पड़ सकता है असर?

भारत के अलावा कई यूरोपीय देशों और अन्य अर्थव्यवस्थाओं ने भी डिजिटल सर्विस टैक्स लागू किया है। ऐसे में अमेरिकी फैसले का प्रभाव वैश्विक व्यापार और डिजिटल अर्थव्यवस्था पर व्यापक रूप से पड़ सकता है।

फिलहाल दुनिया की नजर अमेरिका और विभिन्न देशों के बीच होने वाली आगामी व्यापारिक वार्ताओं पर टिकी हुई है। यदि कोई समझौता नहीं बनता, तो आने वाले समय में वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंका भी बढ़ सकती है।

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