भारत-फ्रांस के बीच हुए 13 बड़े समझौते, राफेल से न्यूक्लियर और AI तक क्या बनी सहमति?

पीएम नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की नीस बैठक में 13 बड़े समझौते हुए। जानिए राफेल, न्यूक्लियर, AI, रक्षा, व्यापार और UPI पर क्या फैसले लिए गए।

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भारत और फ्रांस में हुए कौन-से 13 समझौते? देश को कब मिलेगा राफेल और न्यूक्लियर-AI पर क्या बनी सहमति

फ्रांस के नीस शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में दोनों देशों ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए कई अहम फैसले लिए। इस बैठक में प्रधानमंत्री के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी मौजूद रहे।

बैठक के बाद भारत और फ्रांस ने रक्षा, परमाणु ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), व्यापार, डिजिटल भुगतान, अंतरिक्ष और शिक्षा समेत 13 प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।

भारत-फ्रांस के बीच हुए 13 बड़े समझौते

1. व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य

दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को लगभग दोगुना करने का लक्ष्य तय किया है।

2. रक्षा सहयोग को नई मजबूती

रक्षा उपकरणों के संयुक्त निर्माण, अनुसंधान और नई तकनीकों के विकास पर सहमति बनी।

3. राफेल और एडवांस डिफेंस टेक्नोलॉजी

दोनों देशों ने राफेल समेत रक्षा परियोजनाओं की समीक्षा की और भविष्य के सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

4. न्यूक्लियर ऊर्जा सहयोग

सिविल न्यूक्लियर सेक्टर में सहयोग बढ़ाने और लंबित परियोजनाओं को गति देने पर चर्चा हुई।

5. AI साझेदारी

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के लिए संयुक्त कार्य योजना तैयार की जाएगी।

6. इनोवेशन रोडमैप 2030

स्टार्टअप, रिसर्च और उभरती तकनीकों में सहयोग के लिए नई रणनीति बनाई गई।

7. अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग

स्पेस टेक्नोलॉजी, सैटेलाइट और मानव अंतरिक्ष मिशनों में साझेदारी मजबूत होगी।

8. इंडो-पैसिफिक रणनीति

समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए दोनों देश मिलकर काम करेंगे।

9. डिजिटल पेमेंट और UPI

फ्रांस में भारतीय डिजिटल भुगतान प्रणाली UPI के विस्तार पर सहमति बनी।

10. महत्वपूर्ण खनिज और सप्लाई चेन

क्रिटिकल मिनरल्स और वैश्विक सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाने के लिए सहयोग बढ़ेगा।

11. हाई-स्पीड ट्रांसपोर्ट

रेल और आधुनिक परिवहन प्रणालियों में तकनीकी साझेदारी पर जोर दिया गया।

12. शिक्षा और अनुसंधान

विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों के बीच नए सहयोग कार्यक्रम शुरू होंगे।

13. स्टार्टअप और निवेश

दोनों देशों के उद्यमियों और निवेशकों के लिए नई साझेदारी को बढ़ावा दिया जाएगा।

देश को कब मिलेगा राफेल?

नीस बैठक में राफेल लड़ाकू विमानों से जुड़े रक्षा सहयोग पर चर्चा हुई, लेकिन नए विमानों की डिलीवरी के लिए कोई आधिकारिक समयसीमा घोषित नहीं की गई।

भारत और फ्रांस के बीच प्रस्तावित अतिरिक्त राफेल विमानों के सौदे पर बातचीत जारी है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, अंतिम अनुबंध और वित्तीय मंजूरी के बाद ही डिलीवरी शेड्यूल तय होगा। फिलहाल सरकार की ओर से नई राफेल खेप के आगमन की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई है।

न्यूक्लियर सेक्टर में क्या बनी सहमति?

दोनों देशों ने सिविल न्यूक्लियर एनर्जी सहयोग को और मजबूत करने का फैसला किया है। विशेष रूप से महाराष्ट्र के जैतापुर परमाणु ऊर्जा परियोजना समेत भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तकनीकी और औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।

AI पर क्या फैसला हुआ?

भारत और फ्रांस AI के क्षेत्र में रिसर्च, सुरक्षित उपयोग, डिजिटल गवर्नेंस और नई तकनीकों के विकास के लिए मिलकर काम करेंगे। दोनों देशों का लक्ष्य जिम्मेदार AI विकास के साथ उद्योग और नवाचार को बढ़ावा देना है।

क्यों अहम है यह बैठक?

भारत और फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी पिछले कई दशकों से मजबूत रही है। रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा के बाद अब AI, डिजिटल टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा दे सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नीस में हुई यह बैठक भारत-फ्रांस संबंधों को केवल रक्षा तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि तकनीक, व्यापार और वैश्विक रणनीतिक सहयोग के नए अवसर भी खोलेगी।

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