मासिक कालाष्टमी पर जरूर करें ये खास उपाय
वैदिक पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को ‘मासिक कालाष्टमी’ के रूप में मनाया जाता है। ऐसे में आज यानी शुक्रवार 10 अप्रैल को वैशाख कालाष्टमी का संयोग बन रहा है।
भगवान काल भैरव की पूजा निशिता मुहूर्त (मध्यरात्रि) में करना विशेष फलदायी माना गया है। जहां यह तिथि तंत्र-मंत्र के साधकों के लिए महत्वपूर्ण मानी गई है, वहीं गृहस्थ लोगों के लिए भी भैरव बाबा की भक्ति सुख-शांति का मार्ग खोलती है। चलिए पढ़ते हैं इस दिन के कुछ विशेष उपाय।
दूर होंगे जीवन के सभी कष्ट
यदि आप लंबे समय से परेशानियों से घिरे हैं, तो आज यह विशेष उपाय जरूर आजमा सकते हैं। इसके लिए कालाष्टमी के दिन काले कुत्ते को गुड़ वाली रोटी खिलाएं। माना जाता है कि कालाष्टमी के दिन इस उपाय को करने से काल भैरव की असीम कृपा प्राप्त होती है और दुखों का नाश होता है।
दूर होता है मन का डर
कालाष्टमी के मौके पर भैरव देव के मंदिर जाकर चौमुखी सरसों के तेल का दीपक जलाएं और काले तिल, उड़द की दाल, व काले कपड़े आदि का दान करें। ऐसा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके साथ ही कालाष्टमी के दिन भगवान काल भैरव की पूजा (विशेषकर रात्रि में) करने से शनि दोष, नकारात्मक ऊर्जा और भय आदि से मुक्ति मिलती है।
नकारात्मक ऊर्जा का होगा नाश
यदि आप घर में क्लेश या नकारात्मक ऊर्जा से परेशान हैं, तो कालाष्टमी पर किया गया ये उपाय आपके काम आ सकता है। इसके लिए कालाष्टमी की पूजा में भैरव बाबा को मीठी रोटी (गुड़ या शक्कर की) का भोग लगाएं। ऐसा करने से बुरी शक्तियों और नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव खत्म होता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
रखें इन बातों का ध्यान
काल भैरव की पूजा में सात्विक आचरण अपनाएं और मांसाहार और शराब के सेवन से बचें।
पूजा के दौरान मन को शांत रखें और मन में नकारात्मक विचार न लाएं।
काल भैरव न्याय के देवता हैं, इसलिए किसी भी निर्बल व्यक्ति को कष्ट न पहुंचाएं।
पशु विशेषकर कुत्ते आदि को परेशान न करें, क्योंकि यह भगवान काल भैरव को प्रिय है।
किसी का अपमान या विवाद करने से भी आपको काल भैरव की कृपा प्राप्त नहीं होती।





