राम मंदिर दान चोरी मामले में बड़ा मोड़, आरोपियों का वकीलों ने किया बॉयकॉट; 11 जुलाई को ट्रस्ट को मिल सकता है नया CEO????
#RamMandir #Ayodhya #RamMandirNews #DonationTheft #SITInvestigation #BreakingNews #UttarPradesh #HindNews24x7 #IndiaNews #RamTemple . राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा खुलासा। आठ आरोपी जेल में, वकीलों ने किया बहिष्कार, दो ट्रस्टियों का इस्तीफा और 11 जुलाई को नए CEO की नियुक्ति की संभावना।
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। SIT की जांच के बीच जहां आठ आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं, वहीं मामले में घिरे दो ट्रस्टियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इन घटनाक्रमों के बाद श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पुनर्गठन की चर्चाएं तेज हो गई हैं और माना जा रहा है कि 11 जुलाई को ट्रस्ट को नया CEO भी मिल सकता है।
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जा रही है और जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आने का दावा किया जा रहा है।
अब तक इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के बाद अयोध्या के अधिवक्ताओं ने भी सख्त रुख अपनाते हुए उनका कानूनी बहिष्कार कर दिया है। बार एसोसिएशन से जुड़े कई वकीलों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे चढ़ावा चोरी के आरोपियों की पैरवी नहीं करेंगे।
इसी बीच, मामले में उठे सवालों और बढ़ते विवाद के चलते श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के दो ट्रस्टियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इससे ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं को लेकर नए सिरे से चर्चा शुरू हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट में बड़े स्तर पर बदलाव की तैयारी चल रही है। आगामी 11 जुलाई को होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति सहित कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं। साथ ही ट्रस्ट के पुनर्गठन पर भी विचार किया जा सकता है।
मामले से जुड़े 5 बड़े अपडेट
- चढ़ावा चोरी मामले की SIT जांच जारी।
- आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
- अयोध्या के वकीलों ने आरोपियों का बहिष्कार किया।
- दो ट्रस्टियों ने अपने पद से इस्तीफा दिया।
- 11 जुलाई को ट्रस्ट को नया CEO मिलने की संभावना।
राम मंदिर देश की आस्था का केंद्र है, ऐसे में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद श्रद्धालुओं में भी चिंता बढ़ गई है। अब सभी की नजरें 11 जुलाई की बैठक और SIT जांच की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।





