वैभव सूर्यवंशी से इंग्लैंड में क्यों नहीं बन रहे हैं रन? आखिर कहां गायब हो गया ताबड़तोड़ फॉर्म!
Vaibhav Suryavanshi Poor Form: इंग्लैंड में क्यों नहीं चल रहा वैभव सूर्यवंशी का बल्ला? जानिए क्या है वजह
पिचों की चुनौती और आगे वापसी की संभावनाएं।
भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल और अंडर-19 क्रिकेट में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया था। बड़े-बड़े गेंदबाजों के खिलाफ बेखौफ अंदाज में रन बनाने वाले वैभव से इंग्लैंड दौरे पर भी ऐसी ही उम्मीदें थीं। लेकिन अब तक उनका बल्ला वैसी चमक नहीं दिखा पाया है। लगातार कम स्कोर और शुरुआती विकेट ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर उनका ताबड़तोड़ फॉर्म कहां गायब हो गया?
इंग्लैंड की पिचों ने बढ़ाई मुश्किल
इंग्लैंड की परिस्थितियां भारतीय पिचों से बिल्कुल अलग होती हैं। यहां नई गेंद ज्यादा स्विंग और सीम मूवमेंट करती है। वैभव का स्वाभाविक खेल शुरुआत से आक्रामक शॉट खेलने का है, लेकिन इंग्लिश गेंदबाजों ने उनकी इसी कमजोरी को निशाना बनाया। नतीजा यह रहा कि उन्हें लंबी पारी खेलने का मौका नहीं मिल पाया।
अनुभव की कमी भी बन रही वजह
महज 15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने वाले वैभव के पास विदेशी परिस्थितियों में खेलने का अनुभव सीमित है। आईपीएल में सपाट पिचों पर सफलता और इंग्लैंड में अंतरराष्ट्रीय स्तर की तेज गेंदबाजी का सामना करना दो अलग चुनौतियां हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि उन्हें समय और अनुभव के साथ अपनी तकनीक में और निखार लाना होगा।
गेंदबाजों ने बनाई खास रणनीति
इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने वैभव के खिलाफ ऑफ स्टंप के बाहर लगातार गेंदबाजी की और उन्हें ड्राइव खेलने के लिए मजबूर किया। साथ ही शॉर्ट गेंदों और अतिरिक्त उछाल का भी इस्तेमाल किया गया। यही वजह रही कि वह अपनी स्वाभाविक लय हासिल नहीं कर सके।
आक्रामक खेल बना जोखिम
वैभव की पहचान तेज स्ट्राइक रेट और बड़े शॉट लगाने की रही है। लेकिन इंग्लैंड में यही आक्रामकता कई बार उनके खिलाफ चली गई। कठिन परिस्थितियों में शुरुआत में थोड़ा संयम दिखाने की जरूरत होती है, जो अभी उनके खेल में पूरी तरह नजर नहीं आई। यही कारण है कि वह बड़ी पारी खेलने से चूक रहे हैं।
क्या होगी वापसी?
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव की प्रतिभा पर कोई सवाल नहीं है। उन्होंने आईपीएल, घरेलू क्रिकेट और अंडर-19 स्तर पर अपनी क्षमता साबित की है। ऐसे में कुछ खराब पारियों के आधार पर निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। यदि वह शुरुआती ओवरों में धैर्य दिखाते हैं और परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करते हैं, तो आने वाले मुकाबलों में दमदार वापसी कर सकते हैं।





