सऊदी अरब पर ईरानी हमलों के पाकिस्तान ने क्षेत्रीय शांति के बताया खतरनाक
पाकिस्तान के नागरिक और सैन्य नेतृत्व ने सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र में स्थित ऊर्जा केंद्रों पर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है।
इस्लामाबाद ने इसे एक ”खतरनाक वृद्धि” करार दिया है, जो क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए बड़ा खतरा है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान, अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम कराने के अंतिम प्रयासों में जुटा था।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा, ‘पाकिस्तान सरकार सऊदी अरब के ऊर्जा केंद्रों पर ईरान द्वारा किए गए हमलों की स्पष्ट रूप से निंदा करती है और इस पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त करती है।’
रावलपिंडी में फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की अध्यक्षता में आयोजित 274वें कोर कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में सेना ने इसे ‘अनावश्यक तनाव’ बताया।
सऊदी अरब ने भारी उकसावे के बावजूद संयम दिखाया- मुनीर
सेना के अनुसार, सऊदी अरब ने भारी उकसावे के बावजूद अब तक जो संयम दिखाया है, उसी की वजह से कूटनीतिक समाधान की गुंजाइश बनी हुई थी। यह हमला शांतिपूर्ण समाधान के लिए किए जा रहे प्रयासों को नुकसान पहुंचाता है। सेना ने चेतावनी दी है कि इस तरह के अनुचित हमलों के गंभीर परिणाम हो सकते हैं, जो मौजूदा शांतिपूर्ण विकल्पों और अनुकूल वातावरण को नष्ट कर सकते हैं।
पाकिस्तान ने ‘खतरनाक घटनाक्रम’ के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने इजरायल पर आरोप लगाया है कि उसने अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष-विराम वार्ता को आसान बनाने के इस्लामाबाद के प्रयासों को बिगाड़ने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि इजरायल ने उस समय तेहरान पर हमला किया, जब दोनों पक्ष बातचीत के लिए बैठने की स्थिति में थे।





