16 घंटे में 4 बार बदली कार, पूरे रास्ते पूछताछ… कोटा से मुंबई ऐसे लाए गए टाइगर श्रॉफ के शूटर्स ????
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों को राजस्थान के कोटा से सड़क मार्ग के जरिए मुंबई लाया गया...
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों को राजस्थान के कोटा से सड़क मार्ग के जरिए मुंबई लाया गया। आरोपियों को मुंबई पहुंचाने के दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा। लंबी दूरी की इस यात्रा में करीब 16 घंटे लगे और इस दौरान चार बार कार बदले जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने रास्ते में भी आरोपियों से पूछताछ की, ताकि मामले से जुड़े तथ्यों और उनकी भूमिका के बारे में अधिक जानकारी जुटाई जा सके।
मुंबई पहुंचने के बाद तीनों आरोपियों को सबसे पहले अनिवार्य चिकित्सकीय जांच के लिए जीटी अस्पताल ले जाया गया। मेडिकल जांच पूरी होने के बाद उन्हें मुंबई पुलिस की अपराध शाखा के जबरन वसूली रोधी प्रकोष्ठ के कार्यालय ले जाया गया, जहां आगे की पूछताछ की जानी थी। जांच एजेंसियां इस मामले में आरोपियों की भूमिका, उनके संपर्कों और कथित साजिश से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
कोटा से मुंबई तक 900 किलोमीटर का सफर, सुरक्षा के बीच हुई आरोपियों की शिफ्टिंग
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुंबई पुलिस की अपराध शाखा तीनों आरोपियों को लेकर कोटा से मुंबई के लिए रवाना हुई थी। लगभग 900 किलोमीटर की इस यात्रा के दौरान पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर कई सावधानियां बरतीं। रास्ते में गाड़ियों को बदला गया और काफिले के मार्ग में भी बदलाव किया गया। इसका उद्देश्य आरोपियों को सुरक्षित मुंबई पहुंचाना और यात्रा के दौरान उनसे पूछताछ जारी रखना था।
कौन हैं गिरफ्तार किए गए तीन आरोपी?
इस मामले में कोटा से पकड़े गए तीन आरोपियों की पहचान रेहान उर्फ सुक्का, ऋतिक कुमार उर्फ रोशन और फूल सिंह के रूप में बताई गई है। रिपोर्टों के अनुसार, आरोपियों में हरियाणा के सोनीपत क्षेत्र से जुड़े युवक और बिहार के बेगूसराय का मूल निवासी ऋतिक कुमार शामिल हैं, जो मुंबई में रह रहा था।
कैसे पकड़े गए आरोपी? जांच में सामने आई भागने की कहानी
जांच से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, फायरिंग की घटना के बाद आरोपियों ने अपनी पहचान और लोकेशन छिपाने के लिए अलग-अलग साधनों से यात्रा की। पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि कथित हमलावरों ने मोटरसाइकिल छोड़ने के बाद कैब और ट्रेन का इस्तेमाल किया था।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपियों के फोन कुछ समय तक बंद रहे। बाद में सूरत जाने के लिए बुक की गई कैब से जुड़े संपर्क के कारण पुलिस को उनकी लोकेशन तक पहुंचने में मदद मिली। इसके बाद राजस्थान पुलिस और संबंधित एजेंसियों की मदद से कोटा में उन्हें गिरफ्तार किया गया।
मुंबई पहुंचते ही GT अस्पताल में मेडिकल जांच
21 अक्टूबर की सुबह करीब 3:30 बजे तीनों आरोपियों को मुंबई लाया गया। यहां पहुंचने के बाद उन्हें सबसे पहले जीटी अस्पताल ले जाया गया, जहां अनिवार्य चिकित्सकीय जांच कराई गई। इसके बाद उन्हें मुंबई पुलिस की अपराध शाखा के एंटी-एक्सटॉर्शन सेल (AEC) कार्यालय ले जाया गया।
मेडिकल जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद पुलिस ने आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की तैयारी की। जांच का प्रमुख उद्देश्य फायरिंग की वजह, कथित साजिश और आरोपियों को निर्देश देने वाले व्यक्तियों की भूमिका का पता लगाना है।
इस मामले में जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू कथित तौर पर बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को पहले निशाना बनाने की योजना से जुड़ा है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में पुलिस जांच के हवाले से बताया गया है कि आरोपियों ने सलमान खान के आवास के आसपास रेकी की थी। बाद में कथित तौर पर योजना में बदलाव किया गया और टाइगर श्रॉफ से जुड़ी घटना सामने आई।
हालांकि, इन दावों की पुष्टि जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही हो सकेगी। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि फायरिंग के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था और क्या इसका संबंध किसी संगठित आपराधिक नेटवर्क से है।
तीनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस के सामने कई अहम सवाल हैं। इनमें कथित हमले की योजना, हथियारों की व्यवस्था, वारदात के बाद भागने में मदद करने वाले लोगों की पहचान और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका शामिल है।
जांच एजेंसियां उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और आरोपियों के बयानों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही हैं। पुलिस की जांच पूरी होने और अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत किए जाने के बाद ही मामले से जुड़े सभी तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
फिलहाल, कोटा से मुंबई तक आरोपियों को लाने के दौरान अपनाई गई सुरक्षा व्यवस्था और रास्ते में की गई पूछताछ इस मामले की जांच का अहम हिस्सा है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत द्वारा साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।






