ग्लोबल हंगर इंडेक्स 2026 में भारत 100वें स्थान पर, भूख की स्थिति अब भी गंभीर ???

भारत ग्लोबल हंगर इंडेक्स (Global Hunger Index) 2026 में 122 देशों में 100वें स्थान पर...

भारत ग्लोबल हंगर इंडेक्स (Global Hunger Index) 2026 में 122 देशों में 100वें स्थान पर है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत का स्कोर 24.1 रहा है और देश में भूख का स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा गया है। यह सूचकांक कुपोषण, बच्चों में कम लंबाई, बच्चों में दुबलापन और पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर जैसे संकेतकों के आधार पर तैयार किया जाता है।

पूरी खबर

ग्लोबल हंगर इंडेक्स 2026 में भारत को 100वां स्थान मिला है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का स्कोर 24.1 है, जो भूख की गंभीरता के लिहाज से ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। इस सूचकांक में भारत की स्थिति खाद्य सुरक्षा, कुपोषण और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित करती है।

क्या है ग्लोबल हंगर इंडेक्स?

ग्लोबल हंगर इंडेक्स यानी GHI एक वार्षिक सूचकांक है, जिसके जरिए दुनिया के अलग-अलग देशों में भूख और कुपोषण की स्थिति का आकलन किया जाता है। इसे Concern Worldwide और Welthungerhilfe द्वारा प्रकाशित किया जाता है। रिपोर्ट में चार प्रमुख संकेतकों को शामिल किया जाता है:

  1. अल्पपोषण: आबादी का वह हिस्सा जिसे पर्याप्त कैलोरी नहीं मिलती।

  2. बच्चों में बौनापन: पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की लंबाई का उनकी उम्र के अनुपात में कम होना।

  3. बच्चों में दुबलापन: लंबाई के अनुपात में बच्चों का कम वजन होना।

  4. बाल मृत्यु दर: पांच वर्ष की उम्र से पहले बच्चों की मृत्यु की दर।

इन संकेतकों के आधार पर देशों के स्कोर और भूख की गंभीरता की श्रेणी निर्धारित की जाती है।

भारत के सामने क्या हैं प्रमुख चुनौतियां?

भारत में खाद्य उपलब्धता बढ़ाने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है कि पौष्टिक भोजन जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे। बच्चों में कुपोषण, महिलाओं में पोषण की कमी, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और परिवारों की आर्थिक स्थिति जैसे पहलू इस दिशा में अहम भूमिका निभाते हैं।

विशेषज्ञों के लिए यह भी जरूरी है कि पोषण संबंधी योजनाओं का लाभ सबसे कमजोर वर्गों तक पहुंचे और बच्चों के शुरुआती विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए।

सरकारी योजनाओं की भूमिका

भारत में पोषण और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं संचालित की जाती हैं। इनमें प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना, एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS), पोषण अभियान और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत खाद्यान्न वितरण जैसे प्रयास शामिल हैं।

इन योजनाओं का प्रभाव बेहतर बनाने के लिए पौष्टिक भोजन की उपलब्धता, नियमित निगरानी, स्वास्थ्य सेवाओं और जन-जागरूकता पर लगातार काम करना जरूरी है।

निष्कर्ष

ग्लोबल हंगर इंडेक्स 2026 में भारत का 100वां स्थान देश के सामने मौजूद पोषण संबंधी चुनौतियों को रेखांकित करता है। भूख की समस्या से निपटने के लिए खाद्यान्न वितरण के साथ-साथ बच्चों के पोषण, महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता पर भी ध्यान देना आवश्यक है।

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