Market Rally : शेयर बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 790 अंक उछला, निफ्टी 24 हजार के पार
मंगलवार की भारी गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को दमदार वापसी करते हुए निवेशकों को बड़ी राहत दी। घरेलू और वैश्विक संकेतों के सकारात्मक रहने, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और विदेशी निवेशकों की खरीदारी के दम पर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स करीब 790 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी एक बार फिर 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर को पार करने में सफल रहा। आईटी और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहा।

सेंसेक्स और निफ्टी में मजबूत बढ़त
बुधवार के कारोबारी सत्र में बीएसई सेंसेक्स 790.54 अंक यानी 1.04 प्रतिशत की तेजी के साथ 76,991.22 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स 197.55 अंक चढ़कर 24,021.65 के स्तर पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन बुधवार को निवेशकों की मजबूत खरीदारी ने बाजार की दिशा बदल दी।
बाजार की चौड़ाई भी सकारात्मक रही। कारोबार के दौरान 2,107 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 1,970 शेयरों में गिरावट देखने को मिली। इससे साफ संकेत मिला कि बाजार में व्यापक स्तर पर खरीदारी का माहौल बना रहा।
इन शेयरों ने दिखाई सबसे ज्यादा मजबूती
निफ्टी के प्रमुख गेनर्स में इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), अदाणी एंटरप्राइजेज, टेक महिंद्रा, ट्रेंट और बजाज फाइनेंस शामिल रहे। इन शेयरों में मजबूत खरीदारी के कारण निवेशकों को अच्छा रिटर्न मिला।
वहीं, गिरावट वाले शेयरों की बात करें तो बजाज ऑटो, एनटीपीसी, ओएनजीसी, टाटा स्टील और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स दबाव में रहे। हालांकि, इन चुनिंदा शेयरों की कमजोरी के बावजूद बाजार का समग्र रुख सकारात्मक बना रहा।
आईटी और बैंकिंग सेक्टर ने संभाली बाजार की कमान
बाजार में सबसे ज्यादा तेजी आईटी और बैंकिंग सेक्टर में देखने को मिली। टेक महिंद्रा, इंफोसिस और टीसीएस जैसे दिग्गज आईटी शेयरों में अच्छी खरीदारी हुई। इसके अलावा प्रमुख बैंकिंग शेयरों में भी मजबूती देखने को मिली, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी को समर्थन मिला।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी बाजारों में स्थिरता और टेक कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीदों के कारण भारतीय आईटी शेयरों में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। वहीं, बैंकिंग सेक्टर में मजबूत आर्थिक गतिविधियों और ऋण वृद्धि की संभावनाओं ने निवेशकों को आकर्षित किया।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से मिला सहारा
बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी रही। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत गिरकर करीब 76 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह एक सकारात्मक संकेत माना जाता है।
तेल की कीमतों में गिरावट से देश के आयात बिल पर दबाव कम होने की उम्मीद बढ़ती है। साथ ही महंगाई पर भी नियंत्रण रखने में मदद मिल सकती है। यही वजह है कि निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ और बाजार में खरीदारी का रुख देखने को मिला।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बढ़ा भरोसा
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की ओर से लगातार खरीदारी भी बाजार में तेजी का एक प्रमुख कारण रही। मंगलवार को विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में शुद्ध खरीदारी की थी, जिसका असर बुधवार के कारोबार में साफ दिखाई दिया।
विश्लेषकों का मानना है कि भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति, स्थिर विकास दर और कॉरपोरेट कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन के कारण विदेशी निवेशकों का भरोसा भारतीय बाजार पर कायम है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की उम्मीद से बढ़ा उत्साह
बाजार को समर्थन देने वाले प्रमुख कारकों में भारत और अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौता भी शामिल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
यदि यह समझौता सफल होता है, तो भारतीय कंपनियों के लिए अमेरिकी बाजार में नए अवसर खुल सकते हैं। इससे निर्यात और व्यापार गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है, जिसका सकारात्मक असर शेयर बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।
इंडिया VIX में गिरावट, कम हुई निवेशकों की चिंता
बाजार में उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडिया VIX इंडेक्स 2.65 प्रतिशत गिरकर 13.57 के स्तर पर आ गया। VIX में गिरावट इस बात का संकेत मानी जाती है कि निवेशकों की चिंता कम हुई है और बाजार में स्थिरता लौट रही है।
कम VIX का मतलब है कि निकट भविष्य में बाजार में अत्यधिक अस्थिरता की आशंका कम है, जिससे निवेशकों का विश्वास मजबूत होता है और खरीदारी को समर्थन मिलता है।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी बनी रहती है और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है, तो भारतीय शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है। इसके अलावा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से जुड़ी सकारात्मक खबरें भी बाजार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद कर सकती हैं।
हालांकि, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां और अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक घटनाक्रम आगे बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। फिलहाल निवेशकों के लिए राहत की बात यह है कि बाजार ने मजबूत वापसी करते हुए एक बार फिर सकारात्मक संकेत दिए हैं।





