Sachin Tendulkar को 22 साल पहले आउट देने के फैसले पर आखिरकार बकनर को हुआ पछतावा

दिग्गज अंपायर स्टीव बकनर ने सचिन तेंदुलकर के खिलाफ दिए गए अपने कुछ गलत फैसलों पर दो दशक से अधिक समय बाद पछतावा व्यक्त किया है। उन्होंने स्वीकार किया कि 2003-04 में गाबा टेस्ट के दौरान तेंदुलकर को गलत एलबीडब्ल्यू आउट देना एक बड़ी गलती थी, जबकि रीप्ले में गेंद स्टंप के ऊपर से जा रही थी।

सचिन तेंदुलकर के खिलाफ बेहद खराब फैसला देने के दो दशक से अधिक समय बाद दिग्गज अंपायर स्टीव बकनर को पछतावा हुआ है और उन्होंने माना है कि यह एक गलती थी। वर्ष 2009 में संन्यास लेने वाले बकनर दो दशक से अधिक समय तक दुनिया के सबसे सम्मानित अंपायरों में से एक थे, हालांकि उन्होंने तेंदुलकर से जुड़े कुछ विवादित फैसले दिए जिनमें सबसे चौंकाने वाला फैसला 22 साल पहले ब्रिसबेन के गाबा में भारत-आस्ट्रेलिया टेस्ट मैच के दौरान एलबीडब्ल्यू आउट देना था।

Sachin Tendulkar को गलत आउट देने पर बकनर को 22 साल बाद पछतावा
वेस्टइंडीज क्रिकेट अंपायर संघ के साथ साक्षात्कार में जब बकनर से उनके सबसे मुश्किल फैसलों में से एक के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा,

सचिन तेंदुलकर को एलबीडब्ल्यू आउट देना। यह एक गलती थी लेकिन आज भी हर दिन लोग इसके बारे में बात करते हैं। मैंने उन्हें आउट क्यों दिया? क्या वह आउट था? लेकिन जिंदगी में गलतियां होती रहती हैं। मैंने मान लिया है कि यह एक गलती थी और जिंदगी चलती रहती है।

गाबा में हुए 2003-04 की सीरीज के उस मैच में आस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज जेसन गिलेस्पी और उनके साथियों की जोरदार अपील के बाद बकनर ने तेंदुलकर को एलबीडब्ल्यू आउट दे दिया था। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए तेंदुलकर ने गेंद को छोड़ने की कोशिश की जो उनके पैड के ऊपरी हिस्से में लगी लेकिन बकनर अपील से सहमत थे।

बाद में टेलीविजन रीप्ले में पुष्टि हुई कि गेंद साफ तौर पर स्टंप के ऊपर से जा रही थी। कमेंट्री बाक्स में मौजूद दिवंगत टोनी ग्रेग ने इसे ‘एक भयानक’ फैसला कहा था और उस समय ऐसा सोचने वाले वे अकेले नहीं थे। यह अकेला मामला नहीं था जब बकनर ने तेंदुलकर को गलत आउट दिया हो।

ईडन गार्डेंस में 2005 में पाकिस्तान के खिलाफ एक मैच में जमैका के बकनर ने आधे-अधूरे मन से की गई अपील के बावजूद अब्दुल रज्जाक की गेंद पर तेंदुलकर को कैच आउट दिया था। हालांकि रीप्ले में बल्ले और गेंद के बीच काफी अंतर दिखा। 79 वर्षीय बकनर ने 1989 और 2009 के बीच 128 टेस्ट मैच में अंपायरिंग की और 1992 से 2007 तक लगातार पांच विश्व कप फाइनल में अंपायरिंग करने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है।

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