वें CICA शिखर सम्मेलन में एशिया में शांति, सुरक्षा, आपसी विश्वास और क्षेत्रीय सहयोग , 7वें CICA शिखर सम्मेलन में लिए गए प्रमुख फैसले ???
। सम्मेलन की थीम थी — “Stronger CICA: Connectivity, Digitalization and Sustainable Growth in Asia...
अजरबैजान की राजधानी बाकू में 15 अक्टूबर 2026 को आयोजित सातवें CICA शिखर सम्मेलन में एशिया में शांति, सुरक्षा, आपसी विश्वास और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया गया। सम्मेलन की थीम थी — “Stronger CICA: Connectivity, Digitalization and Sustainable Growth in Asia”।
CICA का पूरा नाम Conference on Interaction and Confidence Building Measures in Asia है। यह एशियाई देशों के बीच संवाद, विश्वास निर्माण, शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने वाला एक अंतरराष्ट्रीय मंच है। इसकी शुरुआत कजाकिस्तान की पहल पर हुई थी, जिसे 5 अक्टूबर 1992 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 47वें सत्र में प्रस्तुत किया गया था।
शिखर सम्मेलन में परिवहन संपर्क, डिजिटल तकनीक, आर्थिक विकास, पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा सुरक्षा जैसे विषयों पर सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। बाकू घोषणा-पत्र में अंतरराष्ट्रीय कानून, देशों की संप्रभु समानता, विवादों के शांतिपूर्ण समाधान और विभिन्न सभ्यताओं के बीच संवाद के महत्व को भी रेखांकित किया गया।
अजरबैजान की अध्यक्षता को अगले दो वर्षों के लिए बढ़ाने का फैसला भी सम्मेलन का एक महत्वपूर्ण परिणाम रहा। इससे CICA के मौजूदा कार्यक्रमों और सदस्य देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है CICA?
भारत के लिए CICA एशियाई देशों के साथ कूटनीतिक संवाद और क्षेत्रीय सहयोग का एक उपयोगी मंच है। इसके माध्यम से आतंकवाद, क्षेत्रीय स्थिरता, व्यापार, ऊर्जा, संपर्क व्यवस्था और सतत विकास जैसे साझा मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जा सकता है।
एशिया में बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच ऐसे मंच देशों को बातचीत के जरिए मतभेद दूर करने और साझा हितों पर सहयोग बढ़ाने का अवसर देते हैं।
निष्कर्ष
अजरबैजान के बाकू में आयोजित सातवें CICA शिखर सम्मेलन ने एशिया में शांति, सुरक्षा और आपसी विश्वास को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। बाकू घोषणा-पत्र, लाओस की सदस्यता और अजरबैजान की अध्यक्षता के विस्तार जैसे फैसले संगठन के संस्थागत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।





