पॉल मर्चेंट्स फाइनेंस ने शुरू किया सिल्वर लोन, खास शाखाएं खोलने वाली भारत की पहली NBFC बनी ???

चांदी के बदले लोन देने में नई शुरुआत, खास शाखाएं खोलने वाली पहली NBFC बनी Paul Merchants Finance...

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Paul Merchants Finance Silver Loan: अब चांदी के बदले मिलेगा आसान कर्ज, ₹2,000 से ₹15 लाख तक की सुविधा

भारत के वित्तीय क्षेत्र में चांदी को लेकर एक नया कदम उठाया गया है। Paul Merchants Finance ने Loan Against Silver यानी चांदी के बदले लोन की शुरुआत की है। इसके साथ ही कंपनी ने खुद को भारत की पहली ऐसी NBFC बताया है, जिसने खास तौर पर सिल्वर लोन के लिए समर्पित शाखाएं स्थापित करने की पहल की है।

कंपनी ने अपने सिल्वर लोन कारोबार की शुरुआत चंडीगढ़ से की है और आने वाले समय में इसे चरणबद्ध तरीके से दूसरे शहरों तक बढ़ाने की योजना है। इस पहल का उद्देश्य उन लोगों को औपचारिक और संगठित वित्तीय सुविधा उपलब्ध कराना है, जिनके पास चांदी के आभूषण, गहने या स्वीकृत चांदी के सिक्के हैं और वे जरूरत के समय इनके बदले कर्ज लेना चाहते हैं।

RBI के नियमों के बाद खुला रास्ता

चांदी के बदले कर्ज देने की औपचारिक व्यवस्था को RBI के Lending Against Gold and Silver Collateral Directions, 2025 से नई दिशा मिली। इन नियमों के बाद पात्र विनियमित ऋणदाता सोने के साथ-साथ योग्य चांदी को भी गिरवी रखकर लोन देने के दायरे में शामिल कर सके।

भारत में चांदी लंबे समय से बचत और निवेश का एक महत्वपूर्ण माध्यम रही है, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में। कई परिवारों के पास चांदी के गहने और अन्य वस्तुएं होती हैं, लेकिन इनके बदले औपचारिक वित्तीय संस्थानों से कर्ज लेने के विकल्प सीमित रहे हैं। ऐसे में इस नई पहल को चांदी आधारित सुरक्षित ऋण के औपचारिक बाजार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

₹2,000 से ₹15 लाख तक मिलेगा लोन

Paul Merchants Finance के अनुसार, ग्राहक अपनी पात्र चांदी की ज्वेलरी, आभूषण और स्वीकृत चांदी के सिक्कों के बदले ₹2,000 से लेकर ₹15 लाख तक का लोन प्राप्त कर सकते हैं। लोन की अंतिम राशि कंपनी की ऋण नीति, चांदी की पात्रता और लागू नियामकीय शर्तों के आधार पर तय होगी।

इस सुविधा का लाभ व्यक्तिगत जरूरतों के साथ-साथ कारोबारियों, प्रोपराइटरों और MSME क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी मिल सकता है, जिन्हें अल्पकालिक नकदी की आवश्यकता होती है।

खास सिल्वर लोन शाखाओं पर रहेगा फोकस

कंपनी की इस पहल की सबसे खास बात यह है कि वह केवल सामान्य शाखाओं के जरिए सिल्वर लोन देने तक सीमित नहीं रहना चाहती। Paul Merchants Finance ने सिल्वर लोन के लिए विशेष शाखाएं विकसित करने की योजना बनाई है।

इन शाखाओं का उद्देश्य चांदी को गिरवी रखकर लोन लेने वाले ग्राहकों के लिए एक अलग और संगठित मंच तैयार करना है। कंपनी का मानना है कि इससे उस क्षेत्र को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ा जा सकेगा, जहां अब तक स्थानीय साहूकारों और असंगठित माध्यमों की भूमिका अधिक रही है।

छोटे कारोबारियों और आम ग्राहकों को मिल सकती है मदद

चांदी भारत के कई घरों में केवल आभूषण नहीं बल्कि जरूरत के समय आर्थिक सुरक्षा के रूप में भी रखी जाती है। अचानक आने वाले खर्च, शिक्षा, व्यवसाय विस्तार या अन्य वैध वित्तीय जरूरतों के दौरान लोग अपनी संपत्ति को बेचे बिना उसके बदले कर्ज लेने का विकल्प तलाशते हैं।

सिल्वर लोन की नई व्यवस्था से ऐसे ग्राहकों को एक औपचारिक और विनियमित विकल्प मिल सकता है। खासकर छोटे कारोबारियों और MSME से जुड़े लोगों के लिए यह कार्यशील पूंजी या तत्काल नकदी जरूरतों का एक संभावित माध्यम बन सकता है।

चरणबद्ध तरीके से होगा विस्तार

कंपनी ने फिलहाल चंडीगढ़ से सिल्वर लोन परिचालन शुरू किया है। आगे चलकर अधिक स्थानों पर समर्पित सिल्वर लोन शाखाएं स्थापित करने की योजना है।

Paul Merchants Finance का लक्ष्य सिल्वर लोन को अपने सुरक्षित ऋण पोर्टफोलियो के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में विकसित करना है। कंपनी पहले से अन्य सुरक्षित और कॉर्पोरेट ऋण उत्पादों के क्षेत्र में भी काम करती है।

क्या बदल सकता है चांदी लोन का बाजार?

विशेषज्ञों की नजर में चांदी के बदले औपचारिक ऋण की शुरुआत भारतीय वित्तीय बाजार में एक नए सेगमेंट को विकसित कर सकती है। देश में बड़ी संख्या में परिवारों के पास चांदी के आभूषण मौजूद हैं, लेकिन अब तक इनके बदले बैंकिंग और NBFC क्षेत्र में संगठित ऋण विकल्प सीमित रहे हैं।

यदि यह मॉडल बड़े स्तर पर सफल होता है तो आने वाले समय में चांदी केवल निवेश या पारंपरिक बचत का साधन नहीं, बल्कि जरूरत के समय औपचारिक वित्तीय सहायता प्राप्त करने का माध्यम भी बन सकती है।

 

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