सोने-चांदी की चमक पड़ी फीकी, खरीदारी का है मौका? अजय केडिया से समझें सब कुछ

कमजोर हाजिर मांग और सटोरियों द्वारा अपने सौदे घटाने की वजह से मंगलवार को लगातार दूसरे दिन सोने-चांदी में गिरावट दर्ज हुई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (mcx gold silver price) पर सोने के भाव में जहां मामूली कमी देखी गई, वहीं चांदी की कीमतों में करीब 2300 रुपए तक की गिरावट (gold silver price crash) आई है।

MCX पर कहां ट्रेड कर रहा सोना-चांदी?
मंगलवार को एमसीएक्स पर जून की डिलीवरी वाले सोने का भाव 562 रुपए तक गिरावट (gold price crash) आई और कीमत 1,53,381 रुपए (gold price today) के दिन को लेवल पर चली गई। हालांकि, खबर लिखे जाने तक यह 1,53,476 रुपए (gold rate today) प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था। हाई लेवल 1,53,992 रुपए रहा। जबकि पिछला क्लोज 1,53,943 रुपए था।

बाजार जानकारों का मानना है कि घरेलू बाजार में मांग सुस्त होने के कारण निवेशकों ने अपने हाथ पीछे खींचे हैं, जिसका सीधा असर कीमतों पर दिखा।

दूसरी ओर, चांदी की कीमतों में ज्यादा बड़ी गिरावट देखने को मिली। मई की डिलीवरी वाली चांदी का भाव 2172 रुपए (0.86%) टूटकर 2,50,373 रुपए प्रति किलोग्राम (silver price today) रह गया। इस दौरान इसका हाई लेवल 2,51,743 रुपए और लो लेवल 2,50,210 रुपए (silver rate today) प्रति किलोग्राम रहा। पिछला क्लोज 2,52,545 रुपए था।

विश्लेषकों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर बिकवाली के दबाव और सटोरियों द्वारा दांव कम करने से चांदी की चाल सुस्त पड़ी है।

वैश्विक बाजार में कैसी है सोने-चांदी की चाल?
भारतीय बाजार ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं के दाम नीचे आए हैं। न्यूयॉर्क में सोने की वायदा कीमत 0.55% की गिरावट के साथ 4,794.27 डॉलर प्रति औंस रही। वहीं, चांदी भी 0.55% टूटकर 79.29 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी।

अजय केडिया ने बताईं गिरावट की वजहें
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया ने बताया कि, आमतौर पर युद्ध जैसे हालात में सोने-चांदी को ‘सेफ हेवन’ माना जाता है और इनकी कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन इस बार मामला उल्टा पड़ गया है। उन्होंने गिरावट के तीन बड़ी वजहें भी बताईं।

चौतरफा बिकवाली: वैश्विक बाजारों में भारी अस्थिरता के कारण सोना और चांदी में भारी बिकवाली देखी गई।
क्रूड ऑयल और महंगाई: कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर के करीब पहुंचने से महंगाई का डर बढ़ गया है। इस वजह से अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) ने ब्याज दरों में कटौती के बजाय उन्हें स्थिर रखने या बढ़ाने के संकेत दिए हैं। इससे मार्केट में कैश की कमी (लिक्विडिटी क्रंच) हुई और लोग निवेश बेचकर कैश जमा करने लगे।
इंडस्ट्रियल डिमांड पर असर: चांदी और तांबे की कीमतों में ज्यादा गिरावट इसलिए आई क्योंकि इनका इस्तेमाल उद्योगों में होता है। एनर्जी कॉस्ट 50% बढ़ने से उत्पादन लागत बढ़ी है और मांग को लेकर चिंताएं पैदा हुई हैं।

अजय केडिया ने दिया सोने-चांदी का टारगेट
अजय केडिया का अनुमान है कि अगले 1 से 1.5 महीने तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। सोने को 1,40,000 से 1,42,000 रुपए के स्तर पर सपोर्ट मिल सकता है, जबकि ऊपर में यह 1,60,000 रुपए (Gold Silver Target Price 2026) तक जा सकता है। चांदी 2,35,000 से 2,75,000 रुपए के दायरे में कारोबार कर सकती है।

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