हुंडई वरना से टेलीग्राम और केरल हॉस्टल तक… NEET-UG 2026 पेपर लीक में CBI का बड़ा खुलासा, चार्जशीट में सामने आया पूरा नेटवर्क ?????
NEET Paper Leak: हुंडई वरना से टेलीग्राम तक, CBI चार्जशीट में हुआ बड़े रैकेट का खुलासा.........
हुंडई वरना से टेलीग्राम और केरल हॉस्टल तक… NEET-UG 2026 पेपर लीक में CBI का बड़ा खुलासा, चार्जशीट में सामने आया पूरा नेटवर्क
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NEET Paper Leak: हुंडई वरना से टेलीग्राम तक, CBI चार्जशीट में हुआ बड़े रैकेट का खुलासा
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NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI चार्जशीट ने हुंडई वरना कार, टेलीग्राम और केरल हॉस्टल तक फैले नेटवर्क का खुलासा किया। जानें पूरी कहानी।
हुंडई वरना से टेलीग्राम और केरल हॉस्टल तक… NEET-UG 2026 पेपर लीक में CBI चार्जशीट का बड़ा खुलासा
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की चार्जशीट ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, परीक्षा से चार दिन पहले यानी 30 अप्रैल को राजस्थान के झुंझुनू बाईपास पर एक काली हुंडई वरना कार से कथित तौर पर 11 प्रिंटेड प्रश्नपत्र सेट सौंपे गए थे। इसके बाद यही प्रश्नपत्र कई राज्यों में एजेंटों, कोचिंग संचालकों और उम्मीदवारों तक पहुंचाए गए।
CBI की जांच में सामने आया है कि यह कोई साधारण लीक नहीं, बल्कि महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा और केरल तक फैला एक संगठित नेटवर्क था, जिसमें कथित तौर पर NTA से जुड़े विशेषज्ञ, बिचौलिए और कोचिंग संस्थानों के लोग शामिल थे।
झुंझुनू बाईपास पर हुई पेपर की डिलीवरी
चार्जशीट के मुताबिक, 30 अप्रैल को झुंझुनू बाईपास पर एक काली हुंडई वरना कार पहुंची। इसमें कथित तौर पर फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 11 प्रिंटेड प्रश्नपत्र सेट मौजूद थे।
CBI के अनुसार, इन सेटों को लेने के लिए पहुंचे आरोपी ने तुरंत भुगतान नहीं किया। उसने कथित तौर पर चार उम्मीदवारों की मूल 10वीं और 12वीं की मार्कशीट सुरक्षा के तौर पर जमा कराई। यह भी तय हुआ कि यदि वास्तविक परीक्षा में 150 से अधिक प्रश्न मेल खाते हैं, तभी पूरी रकम दी जाएगी।
ऐसे शुरू हुआ पूरा पेपर लीक नेटवर्क
जांच एजेंसी का दावा है कि पेपर लीक की शुरुआत परीक्षा से कई सप्ताह पहले ही हो गई थी। आरोप है कि प्रश्नपत्र तैयार करने, अनुवाद और प्रूफरीडिंग की गोपनीय प्रक्रिया में शामिल कुछ विशेषज्ञों ने प्रश्नों को याद कर, नोट्स बनाकर या NCERT पुस्तकों में निशान लगाकर बाहर पहुंचाया।
इसके बाद इन्हें कथित तौर पर चुनिंदा छात्रों को निजी “स्पेशल रिवीजन सेशन” में पढ़ाया गया और बाद में यही सामग्री डिजिटल माध्यम से दूसरे राज्यों तक पहुंचाई गई।
टेलीग्राम बना सबसे बड़ा माध्यम
CBI के अनुसार, हाथ से लिखे गए प्रश्नों को पहले PDF फाइलों में बदला गया। इसके बाद इन्हें Telegram के जरिए अलग-अलग एजेंटों तक भेजा गया।
जांच में सामने आया कि राजस्थान के नेटवर्क तक पहुंचने के बाद इन्हीं PDF की प्रिंट कॉपियां तैयार कर कई उम्मीदवारों और कोचिंग से जुड़े लोगों में वितरित की गईं।
केरल हॉस्टल से खुला बड़ा राज
इस पूरे मामले का पहला बड़ा सुराग राजस्थान के एक केमिस्ट्री शिक्षक को मिला। उन्हें जानकारी मिली कि केरल के एक मेडिकल हॉस्टल में परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र जैसी सामग्री घूम रही है।
शिक्षक ने कथित “गेस पेपर” का मिलान वास्तविक प्रश्नपत्र से किया तो बड़ी संख्या में प्रश्न समान पाए गए। इसके बाद उन्होंने NTA और राजस्थान पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद जांच CBI तक पहुंची।
अस्पताल और कोचिंग सेंटर भी जांच के घेरे में
चार्जशीट में दावा किया गया है कि कुछ उम्मीदवारों को कथित तौर पर एक निजी अस्पताल में ले जाकर प्रश्न याद करवाए गए। वहीं कई कोचिंग संस्थानों और मध्यस्थों ने इस पूरे नेटवर्क को संचालित करने में भूमिका निभाई। जांच के दौरान नकदी, डिजिटल लेन-देन और हस्तलिखित नोट्स भी बरामद किए गए हैं।
13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट
CBI ने इस मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है। इसमें NTA से जुड़े कुछ विषय विशेषज्ञ, कोचिंग संचालक, डॉक्टर और कई बिचौलियों के नाम शामिल हैं। जांच एजेंसी ने सैकड़ों गवाहों, दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का दावा किया है।
परीक्षा रद्द करनी पड़ी
3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी। बाद में 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें लाखों अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया।





