दुनिया में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ईसीजी की व्याख्या करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित आक्लूसिव मायोकार्डियल इन्फार्शन (एमआई) का पता लगाने में मानक तरीकों से बेहतर प्रदर्शन किया। यूरोपियन सोसाइटी ऑफ कार्डियोलाजी (ईएससी) की एक शाखा, एसोसिएशन फार एक्यूट कार्डियोवैस्कुलर केयर (एसीवीसी) के सम्मेलन ईएससी एक्यूट कार्डियोवैस्कुलर केयर 2026 में पेश किए गए एक अध्ययन के अनुसार यह जानकारी सामने आई।
मरीज की कोरोनरी धमनी में रुकावट
जिन मरीजों में एक्यूट कोरोनरी सिंड्रोम एलिवेशन इन्फार्शन है (एसीएस) का शक होता है, उनके ईएससी में खास बदलाव जिसे एसटी एलिवेशन कहते हैं, इस बात का संकेत होता है कि मरीज की कोरोनरी धमनी में रुकावट हो सकती है। इस तरह के हार्ट अटैक एसटी मायोकार्डियल (एसईएमआई) के नाम से जाना जाता और हार्ट में खून का बहाव फिर से शुरू करने के लिए इसमें तुरंत परक्यूटेनियस कोरोनरी इंटरवेंशन की जरूरत होती है। जिन मरीजों में एसटी एलिवेशन नहीं होता, उनमें सीने में दर्द का कारण कम निश्चित हो सकता है।
इटली के सेंट्रल हास्पिटल बोलजानो के डॉक्टर फेडेरिको नानी ने समझाया कि कई रोगियों में जिनमें एसटी वृद्धि नहीं होती है, आक्लूसिव एमआई होता है, लेकिन डाक्टरों के लिए इसे जल्दी व सटीक रूप से पहचानना कठिन हो सकता है, जिससे इमरजेंसी उपचार में देरी होती है। हमने यह जांचा कि क्या प्रारंभिक ईसीजी की एआई आधारित व्याख्या आक्लूसिव एमआई का पता लगाने की सटीकता में सुधार कर सकती है।”
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