Lucknow Aliganj Fire Tragedy: 15 लोगों की मौत, सीएम योगी ने बनाई SIT, 4 गिरफ्तार
लखनऊ के अलीगंज में भीषण आग से 15 लोगों की मौत। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने SIT जांच के आदेश दिए। 4 गिरफ्तार, 4 अधिकारी निलंबित।
लखनऊ के अलीगंज में दर्दनाक अग्निकांड, 15 लोगों की मौत
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। एक बहुमंजिला व्यावसायिक भवन में अचानक लगी आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। मृतकों में बड़ी संख्या छात्रों और युवाओं की बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगते ही इमारत में धुआं भर गया। कई लोग बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि कुछ लोगों ने जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से छलांग लगा दी। राहत एवं बचाव दल ने घंटों तक अभियान चलाकर लोगों को बाहर निकाला।
सीएम योगी ने बनाई दो सदस्यीय SIT
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने तत्काल दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। SIT को घटना के कारणों, सुरक्षा मानकों में लापरवाही और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच टीम ने अपना काम भी शुरू कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने घटना स्थल का दौरा किया, घायलों का हालचाल जाना और अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। हादसे के बाद उन्होंने अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम भी रद्द कर दिए।
प्रारंभिक जांच में सामने आई बड़ी लापरवाही
प्रारंभिक रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि आग की शुरुआत एसी डक्ट या विद्युत प्रणाली से हुई हो सकती है। जांच एजेंसियां भवन में मौजूद सुरक्षा व्यवस्थाओं, फायर एग्जिट और आपातकालीन इंतजामों की भी पड़ताल कर रही हैं।
बताया जा रहा है कि जिस इमारत में आग लगी, उसे मूल रूप से आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृति मिली थी, लेकिन वहां व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। रिपोर्टों के अनुसार भवन को पहले भी ध्वस्तीकरण नोटिस जारी किया गया था।
4 गिरफ्तार, 4 अधिकारी निलंबित
घटना के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, लापरवाही के आरोप में चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
इसके साथ ही संबंधित भवन को सील कर दिया गया है और पूरे मामले में जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मुआवजे का ऐलान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही घायलों के समुचित इलाज के निर्देश भी दिए गए हैं।
पूरे प्रदेश में शोक की लहर
इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। घटना ने एक बार फिर व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





