डायबिटीज की प्लेट में क्या होना चाहिए और क्या नहीं? AIIMS के डॉक्टर की सलाह से समझें, कैसे रखें ब्लड शुगर कंट्रोल ???

डायबिटीज की प्लेट में क्या खाएं और क्या नहीं? जानें सही Diabetes Diet...

Diabetes Diet: डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए केवल चीनी छोड़ देना ही काफी नहीं है। खाने की मात्रा, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फाइबर और रोजाना की शारीरिक गतिविधि पर भी ध्यान देना जरूरी है। जानिए आपकी प्लेट में क्या होना चाहिए और किन चीजों से दूरी बनानी चाहिए।

https://images.openai.com/static-rsc-4/40qhTDUKyDT4p6eOSViD7jSVG3-Rv_tpHQKiWfgIENTqWwj8EvB4Gkv3RLg59FFRSgOMg1Rd5WisCaPz2ClwZhBj3npeJD1GMRDnJoWuDTM4SWiG9LTxjIRiJU8oF7gDmf3yQqfmqMkgkbiYcJo_sjTe_9L1DrdBEmcazhtRy3iIOHmmUQP5me6brMXhkliF?purpose=fullsize
https://images.openai.com/static-rsc-4/ZtV8xejVj24MHjFYENfVUiED510qeMpNpyfqLd6zDosAvD20F2i5KybXVb2nsDByQTUKdXiNPHIFafDE7c7irbNbOwEFiy-FH-3IfgXviXQQ4WAPa7w-L8nK0UDPoC-U2OF9jvRDv4SgAvNewvTRbvOHtYDqwSodrsQCzQ7L8T4oQfH14cGu53vevC2L4BYu?purpose=fullsize
https://images.openai.com/static-rsc-4/xXocp6mhc3SdXQ1WNeZNqFWReSRu9HFlqNfzvLOyMHzJOtjOIJHsqamZR1BrnQnJk7ojdOwEtgJB1l2YYQm8d8YcbZfLDmvLkp_sVpIvw0aAHc8YqLjD6I3w3yJtcEN28YB6EMSgyFu-2FK0Er8BtKhZ6OCYfkhRu9b42F4J5mkzgBuN_UzbjSwbRvEUG86f?purpose=fullsize
7

डायबिटीज आज ऐसी स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है, जिसमें खान-पान की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। बहुत से लोग डायबिटीज का पता चलने के बाद सबसे पहले चीनी, मिठाई और मीठे पेय पदार्थ छोड़ देते हैं। यह कदम जरूरी हो सकता है, लेकिन सिर्फ चीनी बंद कर देना डायबिटीज मैनेजमेंट के लिए पर्याप्त नहीं है। भोजन में मौजूद कुल कार्बोहाइड्रेट, उसकी मात्रा, फाइबर, प्रोटीन और खाने के समय जैसे कई दूसरे पहलू भी ब्लड ग्लूकोज को प्रभावित करते हैं।

All India Institute of Medical Sciences के एंडोक्राइनोलॉजी विभाग में प्रोफेसर डॉ. राजेश खड़गावत का नाम विभाग की आधिकारिक फैकल्टी और ओपीडी जानकारी में दर्ज है। AIIMS के रिकॉर्ड में उन्हें एंडोक्राइनोलॉजी और मेटाबॉलिज्म विभाग से जुड़ा बताया गया है।

दूसरी ओर, International Diabetes Federation भी स्वस्थ खान-पान को डायबिटीज मैनेजमेंट का महत्वपूर्ण हिस्सा मानता है। IDF की पोषण संबंधी जानकारी में पौधों पर आधारित खाद्य पदार्थ, नट्स और हेल्दी फैट्स को प्राथमिकता देने तथा चीनी, रेड मीट और सैचुरेटेड फैट का सेवन सीमित करने पर जोर दिया गया है।

डायबिटीज की प्लेट का आसान फॉर्मूला क्या है?

डायबिटीज के लिए इस्तेमाल होने वाला Plate Method खाने की मात्रा को समझने का आसान तरीका है। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के अनुसार लगभग 9 इंच की प्लेट को तीन हिस्सों में बांटकर भोजन की योजना बनाई जा सकती है—आधी प्लेट बिना स्टार्च वाली सब्जियों की, एक-चौथाई प्रोटीन की और बची एक-चौथाई में गुणवत्तापूर्ण कार्बोहाइड्रेट रखे जा सकते हैं।

इसे भारतीय खाने के हिसाब से इस तरह समझ सकते हैं:

½ प्लेट – सब्जियां और सलाद
¼ प्लेट – प्रोटीन
¼ प्लेट – कार्बोहाइड्रेट

यह तरीका भोजन को पूरी तरह छोड़ने के बजाय सही मात्रा और सही संतुलन पर ध्यान देने में मदद करता है।


1. प्लेट का आधा हिस्सा सब्जियों से भरें

डायबिटीज वाले व्यक्ति के लिए प्लेट में हरी और बिना ज्यादा स्टार्च वाली सब्जियों की मात्रा बढ़ाना उपयोगी हो सकता है। इनमें फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व होते हैं और आम तौर पर इनसे कार्बोहाइड्रेट का भार स्टार्च वाली चीजों की तुलना में कम होता है।

आप अपनी प्लेट में इन चीजों को शामिल कर सकते हैं:

  • लौकी
  • तोरी
  • भिंडी
  • पालक
  • मेथी
  • पत्तागोभी
  • फूलगोभी
  • शिमला मिर्च
  • खीरा
  • टमाटर
  • बैंगन
  • बीन्स
  • करेला
  • ब्रोकोली

सब्जियों को ज्यादा तेल में तलने के बजाय भाप में पकाना, हल्का भूनना या कम तेल में बनाना बेहतर विकल्प हो सकता है।

https://images.openai.com/static-rsc-4/TyU7xKKqhUnM_eM3okuUdji2W0uzXvl4A_5viuNSSrvwU-ZrfzAwBfYOukMCEw10ue015cRuTjf7x06Knu0u4supaefbVnl2bJVhUz2I-8wo9r1vqSEvwJcGORYQIkfQTE1gPc9cjKTETM4a_AfdrflTZUrjoz6hNYw30Y3tEWLseIasdTz65wAEnP4_wH_a?purpose=fullsize
https://images.openai.com/static-rsc-4/6gy5yYWA5wPJ9TdeJGtih4mXD24uuapvjr_DFk4fX4fsxUjf_LfN3pQGhGj34sUg-Qe11_UsQaASA9LL7NzaLU4AsoNIpcRgFh0ah3NnJ9xK4-Ngjr7k4GvOjHNXyXeKouKwrOU0L2fRtBuxtiwtAyl2DF7YgSoWJFAAL437nUp7IJiElVlRj9M4_n0ihZgW?purpose=fullsize
https://images.openai.com/static-rsc-4/9Rz6iqGwOJIkf-CnYmWIPfynGn7xKsiFdKJl7w6cPdFgjpEf1xXjHbcHmUmWrebIu-uH9AhrlEIWZSz-KurVWl09Nsf6FvVQjjIV4FMojdbvymen2llPEi1274bobkbw1supCdJyzHr55D0aAg3JRx2xKlnilTaC_J6QB7npuXbdsBHSbPoEZ2rKWWrKJq-F?purpose=fullsize
8

सलाद भी हो सकता है प्लेट का हिस्सा

खीरा, टमाटर, मूली, पत्तागोभी और हरी पत्तेदार सब्जियों का सलाद भोजन में शामिल किया जा सकता है। हालांकि किसी व्यक्ति को किडनी की बीमारी या दूसरी स्वास्थ्य समस्या है, तो उसे अपनी डाइट डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार तय करनी चाहिए।


2. एक-चौथाई प्लेट में प्रोटीन रखें

डायबिटीज की डाइट में प्रोटीन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। दाल, चना, राजमा, लोबिया, पनीर, अंडा, मछली या बिना ज्यादा फैट वाला चिकन जैसे विकल्प भोजन का हिस्सा हो सकते हैं।

शाकाहारी लोग इन विकल्पों पर ध्यान दे सकते हैं:

  • मूंग दाल
  • मसूर दाल
  • चना
  • राजमा
  • लोबिया
  • सोया
  • टोफू
  • सीमित मात्रा में पनीर
  • बिना चीनी वाला दही

नॉन-वेज खाने वालों के लिए अंडा, मछली और बिना त्वचा वाला चिकन जैसे विकल्प प्रोटीन के स्रोत हो सकते हैं।

हालांकि, दाल और फलियों में भी कार्बोहाइड्रेट होता है, इसलिए प्रोटीन का मतलब असीमित मात्रा में दाल या चना खाना नहीं है। कुल भोजन और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा व्यक्ति की जरूरत के हिसाब से तय होनी चाहिए।


3. प्लेट का एक-चौथाई हिस्सा कार्बोहाइड्रेट के लिए

यहीं पर डायबिटीज वाले लोगों को सबसे ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है। इसका मतलब यह नहीं कि रोटी या चावल पूरी तरह बंद कर दें। बल्कि मात्रा और चुनाव महत्वपूर्ण हैं।

कार्बोहाइड्रेट के बेहतर विकल्पों में शामिल हो सकते हैं:

  • मल्टीग्रेन या साबुत गेहूं की रोटी
  • नियंत्रित मात्रा में ब्राउन राइस
  • ओट्स
  • दलिया
  • साबुत अनाज
  • अन्य कम-प्रोसेस्ड अनाज

सबसे बड़ी गलती अक्सर तब होती है जब एक ही भोजन में बहुत ज्यादा चावल + कई रोटियां + आलू + मिठाई एक साथ शामिल हो जाते हैं। इससे भोजन में कार्बोहाइड्रेट की कुल मात्रा काफी बढ़ सकती है।

इसलिए प्लेट को संतुलित रखना ज्यादा महत्वपूर्ण है।


क्या डायबिटीज में फल बिल्कुल नहीं खाने चाहिए?

यह एक आम गलतफहमी है कि डायबिटीज होने पर फल पूरी तरह बंद कर देने चाहिए। ऐसा सामान्य नियम नहीं है। फल भी कार्बोहाइड्रेट का स्रोत हैं, लेकिन उनमें फाइबर, विटामिन और मिनरल भी होते हैं। इसलिए फल की मात्रा और व्यक्ति के ब्लड शुगर के अनुसार चुनाव किया जाना चाहिए।

पूरे फल को प्राथमिकता देना आम तौर पर जूस पीने से बेहतर विकल्प है, क्योंकि जूस में फाइबर कम हो सकता है और थोड़े समय में अधिक मात्रा में कार्बोहाइड्रेट लिया जा सकता है।

उदाहरण के तौर पर अमरूद, सेब, नाशपाती, संतरा जैसे पूरे फलों को नियंत्रित मात्रा में डाइट में शामिल किया जा सकता है।

फलों का जूस, शेक या उसमें अतिरिक्त चीनी डालना अलग बात है।


डायबिटीज में किन चीजों से दूरी बनाना बेहतर?

https://images.openai.com/static-rsc-4/Jt_BzOVntzrL1GpmC3Sy8Ost-0QTKabGZ5d14y1-R-b1gsSJOCh6ayqZph-oP5QVg9H7E8O9s4akN-xrz7B1oXop-CT7ZkhZshKeMWEsbvWg3FzS-sV2YXI77AopMYl48IbtdYs2Wui9N0NjhVaPTu0VWXxjDvLVkz4coW2ZBxscr3q4rhPxoK_PkSwmaXiw?purpose=fullsize
https://images.openai.com/static-rsc-4/sG6wpljkcqZEarr2wvLLBnE_naTevsAFMdxAKVqQbKVJc9Rd-jsqvJZIKQy2EMoierHueqydKuXq-QREgpce5etpjqE5U_SMvIEkEnbNCZMY9yf7P68ch72ovaJ3H1B5kPEnPXQOYfst2q-4kwLiersVKubuYd4RwUmLEJ26hhHbTZvqM4qsOlXfw7NPETvg?purpose=fullsize
https://images.openai.com/static-rsc-4/LME4sp3JWgZf4HVJej_ZKnbMERqOUI2ipb9WJpcYG_42YJwPNAsUnw36L8PlAqJrd4b_7QSgrf7tlGpw_F-pPcRhMS3U9Df0t-roHSEAeL2kiPm2pq5uCDaOhXkxOBAcA-RGuvBl4BsPfzDG2rQ2MqcrGsfWPKgHuUKhXmbVVTnzeZb5tTguMNtC_JD-1eQS?purpose=fullsize
4

डायबिटीज मैनेजमेंट के दौरान कुछ खाद्य पदार्थों को सीमित करना विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है।

1. मीठे पेय पदार्थ

कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड जूस, मीठी चाय-कॉफी, एनर्जी ड्रिंक और दूसरे शुगर वाले पेय तेजी से अतिरिक्त चीनी और कैलोरी दे सकते हैं।

इनकी जगह पानी या बिना चीनी वाला पेय बेहतर विकल्प हो सकता है। ADA भी पानी या जीरो-कैलोरी पेय को प्राथमिकता देने की सलाह देता है।

2. मिठाई और अतिरिक्त चीनी

रसगुल्ला, गुलाब जामुन, जलेबी, लड्डू, हलवा, केक, पेस्ट्री और कुकीज जैसी चीजों में अतिरिक्त चीनी और अक्सर अधिक कैलोरी भी होती है।

इसका मतलब यह नहीं कि हर व्यक्ति को जीवनभर हर मीठी चीज पूरी तरह छोड़नी ही होगी, लेकिन नियमित और ज्यादा मात्रा में सेवन ब्लड शुगर मैनेजमेंट को मुश्किल बना सकता है।

3. मैदा और अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड

मैदा से बनी कई चीजें फाइबर में कम और कैलोरी में अधिक हो सकती हैं। इसलिए नियमित तौर पर ज्यादा मात्रा में बिस्कुट, नमकीन, बेकरी प्रोडक्ट और फास्ट फूड लेने से बचना बेहतर है।

4. बहुत ज्यादा तला हुआ भोजन

समोसा, कचौरी, पकौड़े, फ्रेंच फ्राइज और अन्य डीप-फ्राइड चीजों को सीमित करना चाहिए। IDF भी स्वस्थ खान-पान में सैचुरेटेड फैट और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों को सीमित करने पर जोर देता है।


खाना छोड़ना क्यों सही रणनीति नहीं?

डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए कुछ लोग खाना ही कम कर देते हैं या लंबे समय तक भोजन छोड़ देते हैं। लेकिन डायबिटीज की दवाइयां या इंसुलिन लेने वाले लोगों में भोजन छोड़ना विशेष रूप से सावधानी का विषय है, क्योंकि कुछ परिस्थितियों में ब्लड शुगर बहुत कम हो सकता है।

इसलिए डायबिटीज की दवा या इंसुलिन लेने वाले व्यक्ति को अपनी मर्जी से भोजन, दवा या इंसुलिन की मात्रा में बदलाव नहीं करना चाहिए।

खाने का पैटर्न व्यक्ति की दवाओं, डायबिटीज के प्रकार, उम्र, वजन, किडनी की स्थिति, शारीरिक गतिविधि और अन्य स्वास्थ्य स्थितियों के अनुसार अलग हो सकता है।


सिर्फ चीनी नहीं, पूरी डाइट पर नजर जरूरी

डायबिटीज में सबसे महत्वपूर्ण बात यह समझना है कि ब्लड शुगर पर केवल टेबल शुगर ही असर नहीं डालती। रोटी, चावल, आलू, अनाज, दाल, दूध और फल जैसी कई चीजों में भी कार्बोहाइड्रेट होता है।

इसलिए किसी एक चीज को पूरी तरह दोष देने के बजाय पूरे भोजन की मात्रा और संरचना देखना ज्यादा उपयोगी है।

एक सामान्य प्लेट में अगर बहुत ज्यादा कार्बोहाइड्रेट और बहुत कम सब्जियां हैं, तो केवल चाय में चीनी बंद करने से पूरी समस्या हल नहीं होती।


एक आसान भारतीय डायबिटिक प्लेट का उदाहरण

लंच/डिनर में:

½ प्लेट:
सलाद + भिंडी/लौकी/तोरी/पालक/फूलगोभी जैसी सब्जियां

¼ प्लेट:
दाल/चना/पनीर/अंडा/मछली/चिकन में से कोई विकल्प

¼ प्लेट:
सीमित मात्रा में रोटी या चावल

साथ में:
पानी या बिना चीनी का पेय

यह सिर्फ एक सामान्य उदाहरण है। किसी व्यक्ति की वास्तविक डाइट उसके ब्लड शुगर, दवाओं, वजन और दूसरी बीमारियों के आधार पर अलग हो सकती है।


डायबिटीज में पोर्शन कंट्रोल क्यों जरूरी?

स्वस्थ भोजन भी अगर जरूरत से बहुत ज्यादा मात्रा में खाया जाए तो कुल कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट बढ़ सकते हैं। Diabetes UK के अनुसार बड़े पोर्शन में कैलोरी, कार्बोहाइड्रेट, फैट, शुगर और नमक की मात्रा बढ़ सकती है, जिससे ब्लड शुगर और वजन को मैनेज करना मुश्किल हो सकता है।

इसलिए क्या खा रहे हैं के साथ-साथ कितना खा रहे हैं, यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है।


डायबिटीज कंट्रोल में एक्सरसाइज और दवाओं की भी भूमिका

डाइट के साथ शारीरिक गतिविधि, वजन का प्रबंधन, नियमित ब्लड शुगर जांच और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का सही समय पर सेवन भी महत्वपूर्ण है। IDF के अनुसार संतुलित आहार और पोर्शन कंट्रोल ग्लूकोज मैनेजमेंट में मदद कर सकते हैं, जबकि नियमित शारीरिक गतिविधि वजन और इंसुलिन संवेदनशीलता को बेहतर करने में सहायक हो सकती है।

इसलिए डायबिटीज मैनेजमेंट को केवल “चीनी बंद करो” वाली सलाह तक सीमित नहीं रखना चाहिए।


निष्कर्ष

डायबिटीज में सबसे बेहतर तरीका भोजन को पूरी तरह छोड़ना नहीं, बल्कि प्लेट को संतुलित करना है। आधी प्लेट सब्जियों से, एक-चौथाई प्रोटीन से और एक-चौथाई गुणवत्तापूर्ण कार्बोहाइड्रेट से भरने का प्लेट मॉडल पोर्शन समझने का आसान तरीका है।

हालांकि, हर डायबिटीज मरीज के लिए एक जैसी डाइट सही नहीं होती। खासकर यदि मरीज इंसुलिन ले रहा है, किडनी/लिवर की बीमारी है, गर्भावस्था है या बार-बार ब्लड शुगर बहुत कम या ज्यादा हो रहा है, तो डॉक्टर या पंजीकृत डाइटिशियन से व्यक्तिगत डाइट प्लान लेना जरूरी है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। इसे डॉक्टर की सलाह, दवा या व्यक्तिगत डायबिटीज डाइट प्लान का विकल्प न मानें।

Back to top button