100 साल बाद मिली जंगली बिल्ली की नई प्रजाति, बोलीविया के युंगास क्षेत्र में खोजी गई ‘टिलकायो’???

बोलीविया में 100 साल बाद मिली जंगली बिल्ली की नई प्रजाति, जानें टिलकायो की खासियत...

नई दिल्ली: दुनिया में वन्यजीवों की नई प्रजातियों की खोज का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में वैज्ञानिकों ने दक्षिण अमेरिकी देश बोलीविया के युंगास क्षेत्र में जंगली बिल्ली की एक नई प्रजाति की पहचान की है। इसे स्थानीय नाम ‘टिलकायो’ (Tilkayo tiger cat) दिया गया है। वैज्ञानिक रूप से इसका नाम Leopardus tilcayo रखा गया है।

वैज्ञानिकों के मुताबिक यह खोज बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि 100 से अधिक वर्षों के बाद पहली बार जंगली बिल्ली की एक नई प्रजाति का औपचारिक रूप से वर्णन और नामकरण किया गया है। इस शोध के नतीजे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिका Current Biology में प्रकाशित हुए हैं।

कैसी दिखती है टिलकायो बिल्ली?

टिलकायो एक छोटी जंगली बिल्ली है, जिसका आकार सामान्य घरेलू बिल्ली से भी छोटा बताया गया है। इसकी लंबाई करीब 45-46 सेंटीमीटर और वजन लगभग 1.4 किलोग्राम है।

इसके शरीर पर हल्के भूरे रंग के फर और रोसेट जैसे धब्बे दिखाई देते हैं। यही वजह है कि इसे ‘टाइगर कैट’ समूह से जोड़ा गया है। इसके गोलाकार कान और छोटा आकार भी इसकी पहचान में मदद करते हैं।

युंगास के जंगलों में मिला यह दुर्लभ जीव

टिलकायो की पहचान बोलीविया के युंगास क्षेत्र के पर्वतीय जंगलों में हुई है। यह क्षेत्र जैव विविधता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन जंगलों पर वनों की कटाई, कृषि विस्तार, आग और खनन जैसी गतिविधियों का दबाव बढ़ रहा है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि नई प्रजाति की पहचान से युंगास के जंगलों के संरक्षण की जरूरत और भी स्पष्ट होती है।

पहले इसे सामान्य टाइगर कैट समझा गया

टिलकायो की खासियत यह है कि इसे लंबे समय तक अलग प्रजाति के तौर पर पहचाना ही नहीं गया। इसका बाहरी रूप अन्य टाइगर कैट से काफी मिलता-जुलता है। इसी कारण वैज्ञानिकों ने इसे एक ‘क्रिप्टिक प्रजाति’ के रूप में वर्णित किया है।

क्रिप्टिक प्रजातियों में बाहरी रूप से समानता इतनी अधिक होती है कि केवल देखकर उन्हें अलग-अलग प्रजातियों के रूप में पहचानना मुश्किल हो सकता है। ऐसे मामलों में आनुवंशिक जांच महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

DNA जांच से हुआ बड़ा खुलासा

वैज्ञानिकों ने दक्षिण अमेरिका की अलग-अलग जगहों से 38 बिल्लियों के DNA का विश्लेषण किया। इनमें संग्रहालयों में रखे नमूने भी शामिल थे। आनुवंशिक विश्लेषण से पता चला कि जिन टाइगर कैट को पहले एक ही समूह माना जाता था, उनमें वास्तव में कई अलग-अलग आनुवंशिक वंश मौजूद हैं।

इसी अध्ययन में बोलीविया की टिलकायो बिल्ली को एक अलग प्रजाति के रूप में पहचानने के पर्याप्त आनुवंशिक प्रमाण मिले। शोध के मुताबिक टिलकायो की वंशावली करीब 14 लाख वर्ष पहले अन्य टाइगर कैट वंश से अलग हुई थी।

अब तक केवल दो जीवों का विस्तृत अध्ययन

शोधकर्ताओं ने दो जीवित टिलकायो बिल्लियों का अध्ययन किया है। इनमें से एक करीब 10 साल का नर है, जो फिलहाल बोलीविया के एक वन्यजीव संरक्षण केंद्र में है। उसे पहले एक स्थानीय परिवार ने अपने घर में रखा था।

दूसरे जीव का भी वैज्ञानिक अध्ययन किया गया। इसके अलावा शोधकर्ताओं ने कैमरा ट्रैप से प्राप्त तस्वीरों का विश्लेषण किया, जिससे जंगल में इस बिल्ली की मौजूदगी और व्यवहार के बारे में जानकारी मिली।

रात में अधिक सक्रिय होने के संकेत

टिलकायो के जीवन और व्यवहार के बारे में अभी बहुत कम जानकारी उपलब्ध है। कैमरा ट्रैप से मिले रिकॉर्ड संकेत देते हैं कि यह बिल्ली मुख्य रूप से रात में सक्रिय हो सकती है।

इसके भोजन के बारे में भी शुरुआती जानकारी ही उपलब्ध है। शोधकर्ताओं को मिले प्रमाणों से संकेत मिलता है कि छोटे कृंतक यानी चूहे जैसे जीव इसके आहार का हिस्सा हो सकते हैं। हालांकि, इसकी पूरी भोजन श्रृंखला और व्यवहार को समझने के लिए आगे और अध्ययन की आवश्यकता होगी।

1923 के बाद पहली नई जंगली बिल्ली की प्रजाति

इस खोज को इसलिए भी ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि वैज्ञानिकों के अनुसार 1923 के बाद पहली बार किसी नई जंगली बिल्ली की प्रजाति का औपचारिक वर्णन किया गया है।

इससे पहले उरुग्वेयन पम्पास कैट के बाद जंगली बिल्लियों के वर्गीकरण में इस तरह की नई प्रजाति की पहचान नहीं हुई थी। हालांकि, टाइगर कैट समूह में आनुवंशिक विविधता को लेकर वैज्ञानिकों को पहले से संकेत मिलते रहे थे।

युंगास के जंगलों के संरक्षण की चुनौती

वैज्ञानिकों के लिए टिलकायो की खोज केवल एक नई प्रजाति की पहचान तक सीमित नहीं है। यह खोज उस प्राकृतिक आवास की ओर भी ध्यान खींचती है, जहां यह बिल्ली पाई गई है।

युंगास के जंगलों को वनों की कटाई, कृषि के विस्तार, मानव-जनित जंगल की आग और खनन जैसी गतिविधियों से खतरा है। यदि टिलकायो का आवास सीमित है, तो उसके संरक्षण के लिए उसके प्राकृतिक क्षेत्र को सुरक्षित रखना महत्वपूर्ण हो सकता है।

संरक्षण की स्थिति पर आगे होगा अध्ययन

अभी इस नई प्रजाति की वैश्विक संरक्षण स्थिति का विस्तृत आकलन होना बाकी है। शोधकर्ताओं ने अपने निष्कर्षों को IUCN के सामने भी प्रस्तुत किया है, ताकि टाइगर कैट की अलग-अलग आनुवंशिक आबादियों और प्रजातियों का स्वतंत्र रूप से मूल्यांकन किया जा सके।

विशेषज्ञों के अनुसार, किसी नई प्रजाति की पहचान के बाद उसका वास्तविक क्षेत्र, आबादी का आकार, प्रजनन दर और प्राकृतिक आवास जैसी जानकारियां जुटाना संरक्षण योजना के लिए जरूरी होता है।

वैज्ञानिकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह खोज?

दुनिया में बड़े और प्रसिद्ध वन्यजीवों पर लंबे समय से अध्ययन होते रहे हैं, लेकिन टिलकायो की खोज यह दिखाती है कि अच्छी तरह अध्ययन किए जा चुके माने जाने वाले समूहों में भी नई प्रजातियां छिपी हो सकती हैं।

आनुवंशिक तकनीक और कैमरा ट्रैप जैसे आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों ने ऐसी प्रजातियों की पहचान को संभव बनाया है, जिन्हें केवल उनके बाहरी रूप से अलग करना कठिन था।

निष्कर्ष

बोलीविया के युंगास क्षेत्र में मिली टिलकायो टाइगर कैट (Leopardus tilcayo) की पहचान वन्यजीव विज्ञान के लिए महत्वपूर्ण खोज है। करीब एक सदी बाद जंगली बिल्ली की नई प्रजाति का औपचारिक वर्णन सामने आया है। DNA विश्लेषण ने इसकी अलग आनुवंशिक पहचान की पुष्टि करने में अहम भूमिका निभाई।

हालांकि, टिलकायो के बारे में अभी कई सवालों के जवाब बाकी हैं। इसकी वास्तविक आबादी, वितरण क्षेत्र और संरक्षण स्थिति को समझने के लिए आगे विस्तृत अध्ययन जरूरी होगा। साथ ही, जिस युंगास पारिस्थितिकी तंत्र में यह बिल्ली मिली है, उसके संरक्षण पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।

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