नई दिल्ली में हुआ Munich Leaders Meeting 2026, वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर मंथन ???

नई दिल्ली में Munich Leaders Meeting 2026, वैश्विक सुरक्षा पर हुआ मंथन...

नई दिल्ली। राजधानी नई दिल्ली में 4 और 5 अक्टूबर 2026 को Munich Leaders Meeting – New Delhi 2026 का आयोजन किया गया। यह बैठक Munich Security Conference के सहयोग से भारत में आयोजित की गई, जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र, यूरोप और अमेरिका से जुड़े नीति-निर्माताओं एवं विशेषज्ञों ने वैश्विक सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। भारत सरकार के गृह मंत्रालय की स्वीकृत अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की सूची में भी इस बैठक को 4–5 अक्टूबर 2026 के आयोजन के रूप में दर्ज किया गया है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने किया संबोधित

बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत की विदेश और सुरक्षा नीति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखे। उन्होंने भारत-रूस संबंधों, रूस-यूक्रेन संघर्ष और वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की। जयशंकर ने कहा कि भारत रूस और यूक्रेन दोनों के साथ बातचीत कर रहा है और संघर्ष का समाधान संवाद तथा कूटनीति के जरिए निकालने की आवश्यकता है।

भारत-रूस संबंधों पर भी चर्चा

जयशंकर ने भारत और रूस के संबंधों को लंबे समय से चले आ रहे विश्वास और सहयोग से जुड़ा बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते केवल रक्षा क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आज इनमें व्यापार, निवेश, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं।

उन्होंने रूस-यूक्रेन संघर्ष को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि भारत की स्थिति स्पष्ट है कि इस संघर्ष का अंत होना चाहिए और इसके लिए बातचीत तथा कूटनीति आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने हाल के महीनों में रूस और यूक्रेन दोनों के साथ बातचीत की है।

हिंद-प्रशांत और वैश्विक सुरक्षा पर जोर

Munich Leaders Meeting का उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों के नेताओं और विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर वर्तमान सुरक्षा चुनौतियों पर विचार-विमर्श करना है। नई दिल्ली में आयोजित बैठक में हिंद-प्रशांत, यूरोप और अमेरिका से जुड़े सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा हुई।

बदलते वैश्विक सुरक्षा वातावरण में समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय संघर्ष, आर्थिक सुरक्षा, नई तकनीक और बदलती अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था जैसे मुद्दे भी महत्वपूर्ण रहे।

62वें Munich Security Conference से अलग आयोजन

यह स्पष्ट करना जरूरी है कि 62वां Munich Security Conference 13 से 15 फरवरी 2026 को जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित हुआ था। जर्मनी के विदेश मंत्रालय के अनुसार उस सम्मेलन में 115 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों समेत 1,000 से ज्यादा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था।

वहीं, अक्टूबर में नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम का आधिकारिक नाम Munich Leaders Meeting – New Delhi 2026 था। इसलिए इसे सीधे “62वां Munich Security Conference” कहना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं होगा।

भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है बैठक?

नई दिल्ली में Munich Security Conference से जुड़े इस उच्चस्तरीय आयोजन का होना भारत की बढ़ती भूमिका के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। इससे भारत को यूरोप, अमेरिका और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के नीति-निर्माताओं के साथ सुरक्षा और विदेश नीति के मुद्दों पर सीधे संवाद का अवसर मिला।

ऐसे मंचों पर वैश्विक सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक हितों और नई उभरती तकनीकों से जुड़े मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया जाता है। भारत के लिए यह अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं और क्षेत्रीय दृष्टिकोण को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रखने का एक महत्वपूर्ण अवसर रहा।

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