Global Innovation Index 2026: वैश्विक नवाचार सूचकांक में भारत 38वें स्थान पर, डिजिटल सेवाओं और स्टार्टअप इकोसिस्टम का अहम योगदान ???

Global Innovation Index 2026: भारत 38वें स्थान पर, जानें पूरी रिपोर्ट...

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यह सूचकांक किसी देश की नवाचार क्षमता का आकलन करता है। इसमें शोध, तकनीकी विकास, शिक्षा, बुनियादी ढांचे, कारोबारी गतिविधियों, ज्ञान के निर्माण और नवाचार से प्राप्त परिणामों जैसे कई पहलुओं को शामिल किया जाता है। भारत की रैंकिंग देश में डिजिटल सेवाओं, उद्यमिता और तकनीकी क्षेत्र की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है।

क्या है ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स?

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ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं में नवाचार की स्थिति को मापने वाला एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सूचकांक है। इसे विश्व बौद्धिक संपदा संगठन यानी WIPO जारी करता है, जो संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी है।

वर्ष 2026 इस सूचकांक का 19वां संस्करण है। इसमें लगभग 80 संकेतकों के आधार पर देशों के नवाचार तंत्र का आकलन किया जाता है। इन संकेतकों में नीतिगत माहौल, शिक्षा, आधारभूत संरचना, ज्ञान का निर्माण, तकनीकी विकास और कारोबारी नवाचार जैसे विषय शामिल हैं।

WIPO
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भारत की रैंकिंग में क्या है खास?

भारत ने वर्ष 2026 में 38वां स्थान हासिल किया है। गौरतलब है कि भारत 2025 के ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में भी 38वें स्थान पर था। यानी इस बार भारत ने अपनी पिछली रैंकिंग बरकरार रखी है।

भारत की प्रगति को समझने के लिए पिछले वर्षों की रैंकिंग पर नजर डालना जरूरी है।

वर्ष 2015

81वां स्थान

वर्ष 2026

38वां स्थान

भारत ने 2015 से 2026 के बीच रैंकिंग में 43 स्थानों का सुधार किया है।

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यह सुधार भारत में नवाचार के बढ़ते आधार को दर्शाता है। हालांकि, किसी देश की रैंकिंग में सुधार का अर्थ यह नहीं है कि नवाचार से जुड़ी हर चुनौती का समाधान हो गया है। शोध, निवेश, शिक्षा और तकनीक को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देना अभी भी महत्वपूर्ण है।

डिजिटल सेवाओं और स्टार्टअप से भारत को मजबूती

WIPO की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की नवाचार क्षमता में डिजिटल सेवाओं, उद्यमिता और वेंचर कैपिटल की अहम भूमिका है।

भारत की प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं:

  • ICT सेवाओं के निर्यात में पहला स्थान: भारत सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी से जुड़ी सेवाओं के निर्यात में दुनिया में पहले स्थान पर है।

  • लेट-स्टेज वेंचर कैपिटल सौदों में चौथा स्थान: बड़े और अपेक्षाकृत परिपक्व स्टार्टअप में निवेश के मामले में भारत की स्थिति मजबूत है।

  • ज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आउटपुट में 15वां स्थान: तकनीकी ज्ञान को उपयोगी परिणामों में बदलने के क्षेत्र में भारत का प्रदर्शन उल्लेखनीय है।

  • नवाचार परिणामों में 25वां स्थान: भारत उपलब्ध शोध, तकनीकी क्षमता और अन्य संसाधनों से अपेक्षाकृत मजबूत परिणाम हासिल कर रहा है।

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इन उपलब्धियों से पता चलता है कि भारत की अर्थव्यवस्था में सॉफ्टवेयर सेवाओं, डिजिटल कारोबार, तकनीकी उद्यमों और नए व्यावसायिक विचारों का योगदान बढ़ा है।

दुनिया के सबसे नवाचारी देशों में कौन सबसे आगे?

ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स 2026 में स्विट्जरलैंड ने पहला स्थान हासिल किया है। स्वीडन दूसरे और अमेरिका तीसरे स्थान पर हैं। शीर्ष 10 देशों में एशिया और यूरोप की कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं।

रैंक

देश

1

स्विट्जरलैंड

2

स्वीडन

3

अमेरिका

4

दक्षिण कोरिया

5

सिंगापुर

6

ब्रिटेन

7

नीदरलैंड

8

फिनलैंड

9

डेनमार्क

10

चीन

स्रोत: WIPO, Global Innovation Index 2026.

WIPO

इस सूची में चीन दसवें स्थान पर है, जबकि भारत 38वें स्थान पर बना हुआ है। यह अंतर बताता है कि भारत ने नवाचार में प्रगति की है, लेकिन वैश्विक स्तर पर अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं तक पहुंचने के लिए शोध और तकनीकी विकास में लगातार निवेश की जरूरत है।

भारत के सामने अब क्या हैं चुनौतियां?

भारत की रैंकिंग मजबूत होने के बावजूद कुछ क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है। WIPO की रिपोर्ट में भारत के नवाचार निवेश और नवाचार परिणामों के बीच अंतर को महत्वपूर्ण बताया गया है।

भारत नवाचार निवेश यानी इनोवेशन इनपुट में 49वें स्थान पर है, जबकि नवाचार परिणाम यानी इनोवेशन आउटपुट में 25वें स्थान पर है। इससे संकेत मिलता है कि देश उपलब्ध संसाधनों से अच्छे परिणाम प्राप्त कर रहा है, लेकिन शोध और नवाचार के आधार को और मजबूत किया जा सकता है।

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आगे बढ़ने के लिए कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान देना होगा:

  1. विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में अनुसंधान को बढ़ावा देना।

  2. वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना।

  3. स्टार्टअप और छोटे कारोबारों को वित्तीय सहायता देना।

  4. उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाना।

  5. नई तकनीकों को बड़े पैमाने पर उत्पादन और निर्यात से जोड़ना।

इन प्रयासों से भारत अपनी मौजूदा उपलब्धियों को मजबूत कर सकता है और भविष्य में वैश्विक नवाचार के क्षेत्र में अपनी स्थिति बेहतर बना सकता है।

निष्कर्ष

ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स 2026 में भारत का 38वां स्थान देश की तकनीकी क्षमता, डिजिटल सेवाओं और उद्यमिता के क्षेत्र में हुई प्रगति को दर्शाता है। भारत ने 2015 के 81वें स्थान से आगे बढ़कर 2026 में 38वीं रैंक हासिल की है और दक्षिण तथा मध्य एशिया में अपनी अग्रणी स्थिति बनाए रखी है।

हालांकि, भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए शोध, वैज्ञानिक विकास, नवाचार में निवेश और उद्योगों के साथ तकनीकी सहयोग को मजबूत करना आवश्यक होगा।

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