आंध्र प्रदेश में ‘आदिवी थल्ली बाटा 2.0’ कार्यक्रम लॉन्च, आदिवासी क्षेत्रों के विकास पर रहेगा जोर ???

कार्यक्रम के तहत कुल 2,569 विकास कार्यों पर करीब 2,052 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है

₹2,052 करोड़ की परियोजनाओं को मिली शुरुआत

आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने 11 अक्टूबर 2026 को पोलावरम जिले में ‘आदिवी थल्ली बाटा 2.0’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम के तहत कुल 2,569 विकास कार्यों पर करीब 2,052 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है। इसका प्रमुख उद्देश्य दुर्गम आदिवासी बस्तियों को सड़क मार्ग से जोड़ना और वहां रहने वाले लोगों की बुनियादी समस्याओं को दूर करना है। <Cite refs={[“turn100301search2″,”turn100301search3”]}/>

1,341 आदिवासी बस्तियों तक पहुंचेगी सड़क

कार्यक्रम के तहत राज्य की 1,341 आदिवासी बस्तियों में करीब 1,976 किलोमीटर सड़कें बनाई जाएंगी। इसके अलावा 45 पुलों का निर्माण भी प्रस्तावित है। पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए ये सड़कें अस्पताल, स्कूल, बाजार और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंच आसान बनाने में मदद करेंगी।

कई दूरस्थ आदिवासी गांवों में खराब सड़क संपर्क के कारण मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बेहतर सड़क नेटवर्क से आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और परिवहन सुविधाओं तक पहुंच में सुधार की उम्मीद है। <Cite refs={[“turn100301search2″,”turn100301search8”]}/>

मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी पर भी जोर

‘आदिवी थल्ली बाटा 2.0’ के अंतर्गत केवल सड़कों का निर्माण ही नहीं, बल्कि दूरस्थ इलाकों में संचार सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में भी काम किया जाएगा। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, वन विभाग से 555 सड़क परियोजनाओं, 136 मोबाइल टावरों और 48 स्थानों पर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के कार्यों के लिए मंजूरी प्राप्त की गई है।

बेहतर मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी से आदिवासी समुदायों को डिजिटल सेवाओं, ऑनलाइन शिक्षा, स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और सरकारी योजनाओं से जुड़ने में मदद मिल सकती है। <Cite refs={[“turn100301search2″,”turn100301search6”]}/>

पहले चरण में भी हुए थे विकास कार्य

आदिवासी क्षेत्रों में सड़क संपर्क बढ़ाने के लिए ‘आदिवी थल्ली बाटा’ कार्यक्रम का पहला चरण भी शुरू किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, पहले चरण के तहत विभिन्न जिलों में करीब 1,406 करोड़ रुपये के विकास कार्य किए गए। दूसरे चरण में अधिक बस्तियों तक सड़क और अन्य सुविधाएं पहुंचाने पर ध्यान दिया जा रहा है।

इस कार्यक्रम का व्यापक उद्देश्य दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों को मुख्यधारा की बुनियादी सुविधाओं से जोड़ना और लोगों की रोजमर्रा की परेशानियों को कम करना है।

आदिवासी परिवारों की आजीविका पर भी ध्यान

पवन कल्याण ने आदिवासी समुदायों से बातचीत के दौरान वन उत्पादों और उनकी मार्केटिंग सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली। स्थानीय वन उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने, उनकी बेहतर बिक्री और रोजगार के अवसर बढ़ाने से जनजातीय परिवारों की आय में सुधार की संभावनाएं बन सकती हैं।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने स्थानीय समस्याओं को भी सामने रखा। अधिकारियों को इन मुद्दों पर ध्यान देने और संबंधित विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। <Cite refs={[“turn100301search1″,”turn100301search9”]}/>

निष्कर्ष

आंध्र प्रदेश में ‘आदिवी थल्ली बाटा 2.0’ कार्यक्रम के तहत करीब 2,052 करोड़ रुपये की लागत से 2,569 विकास कार्य शुरू किए गए हैं। इनमें 1,976 किलोमीटर सड़कों और 45 पुलों का निर्माण शामिल है, जिससे 1,341 आदिवासी बस्तियों की कनेक्टिविटी बेहतर बनाने का लक्ष्य है। सड़क, मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सुविधाओं के विस्तार से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सरकारी सेवाओं तक पहुंच में सुधार की उम्मीद है।

Back to top button