INS समर्थक: भारतीय नौसेना को मिलेगी स्वदेशी मल्टी-पर्पज वेसल की ताकत, जानें इसकी खासियत ???
INS समर्थक का निर्माण लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने तमिलनाडु के कट्टुपल्ली स्थित शिपयार्ड में किया...
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम
INS समर्थक का निर्माण लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने तमिलनाडु के कट्टुपल्ली स्थित शिपयार्ड में किया है। यह जहाज भारत सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत विकसित किया गया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इसमें 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। इससे देश के घरेलू जहाज निर्माण और रक्षा तकनीक से जुड़े औद्योगिक तंत्र को बढ़ावा मिलता है।
जहाज को 27 अगस्त 2026 को भारतीय नौसेना को सौंपा गया था। अब इसकी औपचारिक कमीशनिंग के साथ यह नौसेना की परिचालन क्षमताओं में शामिल होगा। <Cite refs={[“turn841673search2″,”turn841673search1”]}/>
क्या हैं INS समर्थक की प्रमुख खूबियां?
INS समर्थक को किसी एक भूमिका तक सीमित रखने के बजाय कई प्रकार के समुद्री अभियानों के लिए तैयार किया गया है। इसकी प्रमुख क्षमताएं इस प्रकार हैं:
- समुद्री निगरानी और गश्त: समुद्री क्षेत्रों में निगरानी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने में मदद।
- कम तीव्रता वाले समुद्री अभियान: सीमित स्तर के समुद्री सुरक्षा अभियानों में इस्तेमाल।
- लक्ष्य परीक्षण: नौसेना के हथियारों और प्रणालियों के परीक्षण के लिए लक्ष्य तैनात करने तथा परीक्षण संबंधी गतिविधियों में सहायता।
- मानवरहित प्रणालियों का संचालन: मानवरहित और स्वायत्त प्रणालियों के लिए मदरशिप के रूप में काम करने की क्षमता।
- आपदा राहत: मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) अभियानों में सहयोग।
- सीमित चिकित्सा सुविधा: आवश्यकता पड़ने पर सीमित क्षमता वाले अस्पताल जहाज में बदला जा सकता है।
- बचाव अभियान: समुद्र में फंसे जहाजों और अन्य परिस्थितियों में बचाव तथा सल्वेज से जुड़े अभियानों में उपयोग।
इन क्षमताओं के कारण INS समर्थक नौसेना के लिए एक बहुउद्देशीय प्लेटफॉर्म के रूप में उपयोगी साबित हो सकता है। <Cite refs={[“turn841673search0″,”turn841673search2”]}/>
स्वदेशी सेंसर और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, INS समर्थक में स्वदेशी सेंसर, हथियार और इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों को एकीकृत किया गया है। इसका इंटीग्रेटेड कॉम्बैट सूट चुनौतीपूर्ण समुद्री परिस्थितियों में संचालन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
स्वदेशी प्रणालियों का इस्तेमाल भारत को रक्षा उपकरणों के विकास और रखरखाव में घरेलू क्षमता मजबूत करने का अवसर देता है। इससे भविष्य में नई तकनीकों के परीक्षण और उनके नौसेना में इस्तेमाल की संभावनाओं को भी समर्थन मिल सकता है।
INS समर्थक के नाम और प्रतीक का क्या है अर्थ?
‘समर्थक’ नाम का अर्थ सहयोग देने वाला या किसी कार्य को आगे बढ़ाने में मदद करने वाला है। जहाज की बहुउद्देशीय भूमिका को देखते हुए इसका नाम इसकी उपयोगिता को दर्शाता है।
इसके प्रतीक चिह्न में समुद्र की लहरों से उभरता हुआ भारतीय हाथी दिखाया गया है। यह शक्ति, बुद्धिमत्ता और फुर्ती का प्रतीक है। जहाज का आदर्श वाक्य ‘विजयार्थम् एकनिष्ठता’ है, जिसका अर्थ है—‘विजय ही हमारा एकमात्र लक्ष्य है।’ <Cite refs={[“turn841673search0″,”turn841673search1”]}/>
भारतीय नौसेना के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह जहाज?
आधुनिक समुद्री सुरक्षा में नौसेना को निगरानी, गश्त, तकनीकी परीक्षण, आपदा राहत और मानवरहित प्रणालियों के संचालन जैसी अलग-अलग जरूरतों के लिए सक्षम प्लेटफॉर्म चाहिए। INS समर्थक इन कार्यों में बहुउद्देशीय सहायता प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है।
इसका नौसेना में शामिल होना स्वदेशी जहाज निर्माण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। भारत में निर्मित प्लेटफॉर्म के माध्यम से नौसेना अपनी परिचालन जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ घरेलू रक्षा उद्योग की क्षमताओं का भी उपयोग कर सकेगी।
निष्कर्ष
INS समर्थक भारतीय नौसेना के लिए विकसित एक स्वदेशी बहुउद्देशीय जहाज है, जिसे 16 अक्टूबर 2026 को कारवार नौसेना बेस पर कमीशन किया जाना निर्धारित है। L&T द्वारा निर्मित इस जहाज में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। समुद्री निगरानी, गश्त, तकनीकी परीक्षण, मानवरहित प्रणालियों के संचालन और आपदा राहत जैसी भूमिकाएं इसे नौसेना के लिए उपयोगी बनाती हैं। इसकी कमीशनिंग से भारत की आत्मनिर्भर रक्षा निर्माण नीति और स्वदेशी समुद्री क्षमताओं को आगे बढ़ाने की कोशिश को बल मिलेगा।






