How To Reduce High Blood Pressure- हाई BP कंट्रोल करने के लिए खाएं ये चीजें, जानें क्या खाएं और क्या नहीं???

हाई ब्लड प्रेशर को कम रखने के लिए खाएं ये चीजें, इस तरह High BP की दिक्कत नहीं करेगी परेशान...

हाई ब्लड प्रेशर के मरीज मेथी दाना खा सकते हैं? जानें इस बीमारी में क्या खाएं और क्या नहीं | TheHealthSite.com Hindi

: हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन आज के समय में एक आम स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। कई लोगों में लंबे समय तक इसके कोई स्पष्ट लक्षण नजर नहीं आते, इसलिए इसे अक्सर ‘साइलेंट किलर’ भी कहा जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी से जुड़ी गंभीर समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है। ऐसे में ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए नियमित जांच के साथ सही खान-पान और स्वस्थ जीवनशैली बेहद जरूरी है।

क्या होता है हाई ब्लड प्रेशर?

जब धमनियों में बहने वाले खून का दबाव सामान्य से लगातार ज्यादा रहता है, तो इस स्थिति को हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन कहा जाता है। ब्लड प्रेशर को आमतौर पर दो संख्याओं में मापा जाता है। पहली संख्या सिस्टोलिक और दूसरी डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर को दर्शाती है।

WHO के मुताबिक, हाई ब्लड प्रेशर का पता लगाने के लिए नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच जरूरी है, क्योंकि बहुत से लोगों को इसके शुरुआती दौर में किसी तरह के लक्षण महसूस नहीं होते।

हाई BP क्यों बढ़ता है?

हाई ब्लड प्रेशर के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें उम्र बढ़ना, परिवार में हाई BP का इतिहास, ज्यादा नमक का सेवन, अधिक वजन, शारीरिक गतिविधि की कमी और अस्वास्थ्यकर खान-पान शामिल हैं।

इसके अलावा अत्यधिक शराब का सेवन, धूम्रपान, लंबे समय तक तनाव और कुछ अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी ब्लड प्रेशर बढ़ने का कारण बन सकती हैं।

हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण क्या हैं?

हाई BP अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के भी हो सकता है। यही वजह है कि केवल लक्षणों के आधार पर इसे पहचानना मुश्किल है।

बहुत ज्यादा ब्लड प्रेशर होने पर कुछ लोगों में सिरदर्द, धुंधला दिखाई देना, सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, चक्कर या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए।

हाई BP को कंट्रोल रखने के लिए क्या खाएं?

ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए डाइट में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। खासतौर पर ऐसी डाइट बेहतर मानी जाती है जिसमें नमक और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ कम हों।

1. हरी सब्जियां

पालक, मेथी, सरसों का साग और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियां संतुलित डाइट का हिस्सा बनाई जा सकती हैं। इनमें कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं।

सब्जियों को कम नमक और कम तेल के साथ तैयार करना बेहतर विकल्प है।

2. फल

सेब, संतरा, अमरूद, केला और अन्य ताजे फल डाइट में शामिल किए जा सकते हैं। फल शरीर को जरूरी विटामिन, मिनरल और फाइबर प्रदान करते हैं।

हालांकि, अगर किसी व्यक्ति को किडनी की बीमारी है या डॉक्टर ने पोटैशियम को सीमित करने की सलाह दी है, तो पोटैशियम वाले खाद्य पदार्थों की मात्रा डॉक्टर या डाइटीशियन से पूछकर तय करनी चाहिए।

3. साबुत अनाज

ओट्स, दलिया, ब्राउन राइस और अन्य साबुत अनाज बेहतर डाइट का हिस्सा हो सकते हैं। इनमें फाइबर पाया जाता है और ये संतुलित भोजन तैयार करने में मदद करते हैं।

4. दाल और फलियां

दाल, चना, राजमा और अन्य फलियां प्रोटीन और फाइबर के अच्छे स्रोत हो सकते हैं। इन्हें संतुलित मात्रा में भोजन में शामिल किया जा सकता है।

5. बिना नमक वाले नट्स

बादाम, अखरोट और अन्य नट्स को सीमित मात्रा में लिया जा सकता है। लेकिन बाजार में मिलने वाले ज्यादा नमक वाले या मसालेदार पैकेज्ड नट्स से बचना बेहतर है।

6. कम वसा वाले डेयरी उत्पाद

दूध और दही जैसे कम वसा वाले डेयरी उत्पाद संतुलित आहार का हिस्सा हो सकते हैं। इनमें कैल्शियम और प्रोटीन जैसे पोषक तत्व मिलते हैं।

हाई BP में इन चीजों से बनाएं दूरी

हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए सिर्फ यह जानना जरूरी नहीं है कि क्या खाना चाहिए, बल्कि यह भी समझना जरूरी है कि किन चीजों को सीमित करना चाहिए।

ज्यादा नमक

हाई BP वाले लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बातों में से एक नमक की मात्रा पर ध्यान देना है। ज्यादा सोडियम का सेवन ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है।

खाने में ऊपर से ज्यादा नमक डालने के अलावा पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड भी सोडियम का बड़ा स्रोत हो सकते हैं।

पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड

चिप्स, नमकीन, इंस्टेंट नूडल्स, पैकेज्ड स्नैक्स, प्रोसेस्ड मीट और कई तरह के रेडी-टू-ईट खाद्य पदार्थों में नमक की मात्रा अधिक हो सकती है।

इनका सेवन कम करना हाई BP मैनेजमेंट में मददगार हो सकता है।

ज्यादा तला-भुना खाना

बार-बार तली हुई चीजों और अधिक संतृप्त वसा वाले भोजन का सेवन कम करना बेहतर है। इसकी जगह घर का संतुलित और कम तेल वाला खाना लिया जा सकता है।

ज्यादा मीठे पेय

शुगर वाली सॉफ्ट ड्रिंक और अन्य मीठे पेय पदार्थों का नियमित सेवन वजन बढ़ने और कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा हो सकता है। इसलिए इनका सेवन सीमित करना बेहतर है।

DASH Diet क्यों चर्चा में रहती है?

हाई ब्लड प्रेशर को मैनेज करने के लिए DASH यानी Dietary Approaches to Stop Hypertension डाइट का अक्सर उल्लेख किया जाता है। इसमें फल, सब्जियां, साबुत अनाज, फलियां, नट्स और कम वसा वाले डेयरी उत्पादों को प्राथमिकता दी जाती है, जबकि ज्यादा नमक, संतृप्त वसा और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों को सीमित किया जाता है।

हालांकि हर व्यक्ति की पोषण संबंधी जरूरत अलग होती है। इसलिए अगर आपको पहले से हाई BP, किडनी की बीमारी, डायबिटीज या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो अपनी डाइट में बड़े बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य डाइटीशियन की सलाह लेना बेहतर है।

सिर्फ डाइट से नहीं, इन आदतों से भी कंट्रोल करें BP

हाई ब्लड प्रेशर को मैनेज करने के लिए खान-पान के साथ पूरी जीवनशैली पर ध्यान देना जरूरी है।

  • नियमित शारीरिक गतिविधि करें।
  • वजन स्वस्थ सीमा में रखने की कोशिश करें।
  • धूम्रपान से बचें।
  • शराब का सेवन सीमित करें या इससे बचें।
  • पर्याप्त नींद लें।
  • तनाव को कम करने के लिए योग, मेडिटेशन या अन्य स्वस्थ गतिविधियों को अपनाएं।
  • डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित रूप से BP की जांच करें।
  • अगर डॉक्टर ने BP की दवा लिखी है तो उसे अपनी मर्जी से बंद न करें।

कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?

अगर ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा बढ़ा हुआ है और साथ में सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, कमजोरी, बोलने में परेशानी, भ्रम, बेहोशी या अचानक दृष्टि संबंधी समस्या जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो इसे मेडिकल इमरजेंसी मानते हुए तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

निष्कर्ष

हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना लंबे समय तक स्वस्थ रहने के लिए बेहद जरूरी है। संतुलित डाइट में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और कम वसा वाले पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करना और ज्यादा नमक, प्रोसेस्ड फूड तथा अत्यधिक तला-भुना भोजन सीमित करना मददगार हो सकता है।

लेकिन केवल खान-पान के आधार पर हाई BP का इलाज नहीं किया जा सकता। नियमित ब्लड प्रेशर जांच, शारीरिक गतिविधि, स्वस्थ वजन और डॉक्टर की सलाह का पालन भी उतना ही जरूरी है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। हाई ब्लड प्रेशर का इलाज या दवा में बदलाव डॉक्टर की सलाह के बिना न करें।

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