Kal Ka Panchang (कल का पंचांग), 5 July 2026: रविवार को इस समय रहेगा राहुकाल, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त

कल का पंचांग 5 जुलाई 2026: रविवार का राहुकाल, शुभ मुहूर्त और रवि योग जानें

5 जुलाई 2026 रविवार के पंचांग में जानिए तिथि, नक्षत्र, रवि योग, राहुकाल, शुभ-अशुभ मुहूर्त और सूर्य पूजा का महत्व।

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हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। पंचांग की मदद से तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल और शुभ-अशुभ मुहूर्त की जानकारी प्राप्त होती है। रविवार, 5 जुलाई 2026 को कई शुभ संयोग बन रहे हैं। इस दिन रवि योग का निर्माण हो रहा है, जिसे कई शुभ कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, रविवार के दिन भगवान सूर्य की पूजा करने, उन्हें जल अर्पित करने और सूर्य चालीसा का पाठ करने से मान-सम्मान, सफलता और स्वास्थ्य में वृद्धि होती है।


5 जुलाई 2026 का पंचांग

  • दिन: रविवार
  • तिथि: कृष्ण पक्ष पंचमी (समाप्ति रात्रि तक)
  • माह: आषाढ़
  • विक्रम संवत: 2083
  • नक्षत्र: शतभिषा (प्रातः तक), इसके बाद पूर्वाभाद्रपद
  • योग: रवि योग
  • करण: तैतिल एवं गर
  • सूर्योदय: प्रातः 5:29 बजे (लगभग)
  • सूर्यास्त: सायं 7:21 बजे (लगभग)
  • चंद्रोदय: रात्रि में
  • चंद्र राशि: कुंभ से मीन राशि में प्रवेश

5 जुलाई 2026 का राहुकाल

रविवार को राहुकाल का समय:

🔴 सायं 5:37 बजे से 7:21 बजे तक (लगभग)

हिंदू मान्यताओं के अनुसार, राहुकाल में नए कार्य, यात्रा, निवेश या मांगलिक कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए।


अभिजीत मुहूर्त

🟢 दोपहर 11:58 बजे से 12:54 बजे तक (लगभग)

यह समय विशेष रूप से शुभ कार्यों, नए कार्यों की शुरुआत और महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए अच्छा माना जाता है।


अमृत काल

🟢 प्रातः से पूर्वाह्न तक शुभ समय

अमृत काल में पूजा-पाठ, दान, मंत्र जाप और धार्मिक कार्य करना शुभ माना जाता है।


रवि योग का महत्व

5 जुलाई को बनने वाला रवि योग विशेष फलदायी माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार इस योग में किए गए कार्यों में बाधाएं कम आती हैं और सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

इस दिन आप निम्न कार्य कर सकते हैं:

✅ सूर्य देव की पूजा
✅ नए कार्य की शुरुआत
✅ धार्मिक अनुष्ठान
✅ दान-पुण्य
✅ मंत्र जाप और व्रत


रविवार को करें ये उपाय

  • सुबह स्नान के बाद तांबे के लोटे से सूर्य देव को जल अर्पित करें।
  • जल में लाल फूल और रोली मिलाएं।
  • ‘ॐ घृणि सूर्याय नमः’ मंत्र का 11 या 108 बार जाप करें।
  • सूर्य चालीसा का पाठ करें।
  • जरूरतमंद लोगों को गेहूं, गुड़ या लाल वस्त्र का दान करें।

इन उपायों को करने से आत्मविश्वास, स्वास्थ्य और करियर में सकारात्मक परिणाम मिलने की मान्यता है।


अशुभ समय

❌ राहुकाल में नए कार्य शुरू न करें।
❌ किसी बड़े निवेश से बचें।
❌ शुभ यात्रा टालना बेहतर माना जाता है।


निष्कर्ष

5 जुलाई 2026, रविवार का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दिन रवि योग का निर्माण होने से पूजा-पाठ, दान और शुभ कार्यों का विशेष महत्व है। हालांकि राहुकाल के समय नए कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।

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