NSO ने किया भारत का पहला Household Travel Survey, सामने आई लोगों के यात्रा पैटर्न की अहम जानकारी ???
NSO ने किया भारत का पहला Household Travel Survey, जानें दोपहिया...
NSO ने पहली बार किया राष्ट्रीय घरेलू यात्रा सर्वेक्षण
भारत के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने देश का पहला National Household Travel Survey (NHTS) पूरा किया है। यह सर्वेक्षण जुलाई 2025 से जून 2026 के बीच किया गया और इसका उद्देश्य देश में लोगों के घरेलू यात्रा व्यवहार, परिवहन के साधनों, यात्रा के उद्देश्य, दूरी, समय और खर्च से जुड़ा व्यापक डेटा जुटाना था।
यह सर्वेक्षण सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के तहत किया गया। सर्वे में देश के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों को शामिल किया गया, जिससे भारत में लोगों के रोजमर्रा के यात्रा पैटर्न की राष्ट्रीय तस्वीर सामने आई है।
कितने लोगों और परिवारों को किया गया शामिल?
NSO के पहले National Household Travel Survey के तहत देश के 14,274 गांवों और 10,377 शहरी ब्लॉकों को कवर किया गया। सर्वेक्षण में लगभग 4,92,023 परिवारों से जानकारी जुटाई गई, जिसमें 20,34,371 लोगों को शामिल किया गया।
सर्वे में एक यात्रा को उस समय ‘Travel’ माना गया, जब व्यक्ति ने कम से कम 1 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी तय की हो। एक किलोमीटर से कम दूरी की आवाजाही को इस सर्वेक्षण में यात्रा के रूप में शामिल नहीं किया गया।
सर्वेक्षण का उद्देश्य क्या था?
National Household Travel Survey का मुख्य उद्देश्य भारत में लोग कहां, कब, क्यों और किस माध्यम से यात्रा करते हैं, इसकी विश्वसनीय जानकारी जुटाना था।
सर्वे में रोजगार, शिक्षा, सामाजिक गतिविधियों, धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों, पर्यटन, घरेलू काम और अन्य उद्देश्यों से होने वाली यात्राओं को शामिल किया गया। साथ ही अलग-अलग परिवहन साधनों के इस्तेमाल, यात्रा की अवधि और दूरी तथा नियमित यात्राओं पर होने वाले खर्च की जानकारी भी जुटाई गई।
काम पर जाने के लिए दोपहिया सबसे प्रमुख साधन
सर्वे के अनुसार, निश्चित कार्यस्थल पर जाने वाले कर्मचारियों के बीच दोपहिया वाहन सबसे प्रमुख परिवहन साधन रहा। लगभग 42.6 प्रतिशत कामगार अपने कार्यस्थल तक पहुंचने के लिए दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल करते हैं। इसके बाद करीब 28.3 प्रतिशत लोग पैदल अपने कार्यस्थल तक पहुंचते हैं।
सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने वालों की हिस्सेदारी अपेक्षाकृत कम रही। बसों से यात्रा करने वाले कामगारों की हिस्सेदारी लगभग 6.7 प्रतिशत बताई गई, जबकि रेल, मेट्रो, मोनोरेल और ट्राम जैसे साधनों का उपयोग भी सीमित रहा।
काम पर आने-जाने में कितना खर्च?
NHTS के अनुसार, किसी निश्चित कार्यस्थल तक आने-जाने में एक कर्मचारी का औसत मासिक खर्च 785 रुपये रहा।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच इसमें बड़ा अंतर देखने को मिला। शहरी क्षेत्रों में कर्मचारियों का औसत मासिक यात्रा खर्च करीब 1,044 रुपये, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह लगभग 612 रुपये रहा।
इस आंकड़े से यह भी पता चलता है कि शहरों में काम पर आने-जाने की लागत ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में काफी अधिक है।
30 मिनट से कम समय में पहुंचते हैं अधिकांश लोग
सर्वेक्षण में यात्रा के समय को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। करीब 83.4 प्रतिशत कामगार अपने निश्चित कार्यस्थल तक 30 मिनट से कम समय में पहुंच जाते हैं।
वहीं छात्रों की यात्रा को देखें तो लगभग 87.6 प्रतिशत विद्यार्थी अपने शिक्षण संस्थान तक 30 मिनट के भीतर पहुंचते हैं।
ये आंकड़े देश में दैनिक आवागमन के समय और परिवहन सुविधाओं को समझने में मदद कर सकते हैं।
रातभर की यात्राओं में बस और रेलवे का दबदबा
NHTS के अनुसार, रातभर चलने वाली घरेलू यात्राओं में बस और रेलवे सबसे प्रमुख परिवहन साधन रहे। दोनों मिलकर ऐसी यात्राओं का लगभग 73.5 प्रतिशत हिस्सा पूरा करते हैं।
इनमें बसों की हिस्सेदारी 55.8 प्रतिशत और रेलवे की हिस्सेदारी 17.7 प्रतिशत रही। इसके बाद कार से करीब 15.1 प्रतिशत और दोपहिया वाहनों से 8.8 प्रतिशत रातभर की यात्राएं की गईं।
सर्वेक्षण के मुताबिक, रातभर की घरेलू यात्राओं में सामाजिक और धार्मिक उद्देश्य महत्वपूर्ण रहे और इन यात्राओं में बसों की भूमिका विशेष रूप से बड़ी रही।
परिवहन नीति बनाने में मिलेगी मदद
सरकार के अनुसार, इस सर्वे से प्राप्त आंकड़ों का इस्तेमाल क्षेत्रीय परिवहन योजना, बुनियादी ढांचे के विकास और नीति निर्माण में किया जा सकता है।
यात्रियों के परिवहन साधनों और यात्रा पैटर्न की जानकारी से मौजूदा परिवहन व्यवस्था में मौजूद कमियों की पहचान करने, नए मार्गों की जरूरत समझने और बस-रेल जैसी सेवाओं की आवृत्ति तथा समय-सारणी को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
क्यों महत्वपूर्ण है पहला Household Travel Survey?
भारत जैसे विशाल देश में लोगों की आवाजाही से जुड़ा एक व्यापक राष्ट्रीय डेटाबेस परिवहन योजना के लिए काफी महत्वपूर्ण है। अभी तक अलग-अलग स्रोतों से यात्रा और परिवहन से संबंधित आंकड़े उपलब्ध होते रहे हैं, लेकिन NHTS ने पहली बार घरेलू यात्रा व्यवहार को एक व्यापक राष्ट्रीय सर्वेक्षण के माध्यम से दर्ज किया है।
इससे केंद्र और राज्य सरकारों को यह समझने में मदद मिल सकती है कि अलग-अलग क्षेत्रों में लोग किस परिवहन साधन पर निर्भर हैं, उन्हें कितनी दूरी तय करनी पड़ती है और यात्रा पर कितना खर्च आता है।
निष्कर्ष
NSO का पहला National Household Travel Survey भारत में यात्रा और परिवहन से जुड़े आंकड़ों की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। करीब 4.92 लाख परिवारों और 20.34 लाख लोगों से जुटाए गए आंकड़े देश के घरेलू यात्रा व्यवहार की व्यापक तस्वीर पेश करते हैं। दोपहिया वाहनों का दैनिक कामकाजी यात्रा में प्रमुख होना, शहरी क्षेत्रों में अधिक यात्रा खर्च और रातभर की यात्राओं में बस-रेल की बड़ी भूमिका इस सर्वे की प्रमुख जानकारियों में शामिल हैं।






