SAREX-2026: रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने ओडिशा के पारादीप तट के पास 12वें राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव अभ्यास का किया उद्घाटन ???

SAREX-2026: संजय सेठ ने किया 12वें राष्ट्रीय समुद्री बचाव अभ्यास का उद्घाटन...

पारादीप, ओडिशा। भारत की समुद्री सुरक्षा और आपातकालीन बचाव क्षमताओं को मजबूत करने के उद्देश्य से 12वें राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव अभ्यास ‘SAREX-2026’ का आयोजन ओडिशा के पारादीप तट के पास किया गया। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने इस अभ्यास का उद्घाटन किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समुद्र में दुर्घटना, जहाजों के संकट में फंसने और अन्य आपात स्थितियों के दौरान विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।

समुद्री खोज एवं बचाव अभियान किसी भी देश की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। भारत की लंबी समुद्री तटरेखा और बड़े समुद्री व्यापार को देखते हुए ऐसी तैयारियां विशेष महत्व रखती हैं। SAREX जैसे अभ्यासों के माध्यम से बचाव दलों की कार्यक्षमता, संचार व्यवस्था और आपसी सहयोग को परखा जाता है।

SAREX-2026 में 30 देशों के 32 अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक हुए शामिल

रक्षा मंत्रालय की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, संजय सेठ ने 7 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर में SAREX-2026 का उद्घाटन किया। इसके बाद 8 अक्टूबर को पारादीप तट के पास समुद्री खोज एवं बचाव अभ्यास आयोजित किया गया। इसमें 30 देशों के 32 अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने हिस्सा लिया।

Press Information Bureau
+1

इस अभ्यास की थीम थी — “Leveraging Technology to Strengthen SAR Preparedness and Maritime Safety”, यानी खोज एवं बचाव की तैयारी तथा समुद्री सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए तकनीक का उपयोग।

इसका उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में बचाव अभियान को तेज करना, आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाना और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना था।

समुद्र में बड़े बचाव अभियान का किया गया अभ्यास

SAREX-2026 में एक ऐसी आपात स्थिति का सिमुलेशन किया गया, जिसमें 228 यात्रियों वाला एक विमान समुद्र में उतर जाता है और उसका ढांचा मालवाहक जहाज MV Zumba से टकरा जाता है। इस काल्पनिक दुर्घटना में जहाज को नुकसान पहुंचने और आग लगने की स्थिति भी शामिल की गई।

इस चुनौतीपूर्ण परिदृश्य के जरिए यह परखा गया कि अलग-अलग एजेंसियां एक साथ बड़े पैमाने पर बचाव अभियान कैसे संचालित करती हैं।

Press Information Bureau
+1

अभ्यास में हेलीकॉप्टरों से लोगों को निकालने, आग बुझाने, लाइफ राफ्ट तैनात करने, बचाव उपकरणों का इस्तेमाल करने और समुद्र में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने जैसी गतिविधियां शामिल थीं।

भारतीय तटरक्षक बल, नौसेना और वायुसेना ने दिखाया समन्वय

INDIA-DEFENCE-COAST GUARD

इस बड़े अभ्यास में भारतीय तटरक्षक बल, भारतीय नौसेना, भारतीय वायुसेना और कई नागरिक एजेंसियों ने हिस्सा लिया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, अभ्यास में निम्नलिखित संसाधनों का इस्तेमाल किया गया।

Press Information Bureau
+1
  • भारतीय तटरक्षक बल के 15 जहाज।

  • तीन डोर्नियर विमान।

  • तीन एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) और एक चेतक हेलीकॉप्टर।

  • भारतीय वायुसेना के C-130J विमान और Mi-17 हेलीकॉप्टर।

  • भारतीय नौसेना के दो जहाज।

  • नागरिक एजेंसियों, राज्य प्रशासन और तट-आधारित सहायता इकाइयों के संसाधन।

इस अभ्यास में भारतीय जहाजरानी निगम, जहाजरानी महानिदेशालय, मत्स्य विभाग, सीमा शुल्क विभाग, समुद्री पुलिस और पारादीप पत्तन प्राधिकरण सहित विभिन्न संस्थाओं ने भी भाग लिया।

SAREX-2026 भारत के लिए क्यों है महत्वपूर्ण?

भारत की समुद्री खोज एवं बचाव व्यवस्था का उद्देश्य समुद्र में संकटग्रस्त लोगों की जान बचाना और आपात स्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराना है। समुद्र में जहाज दुर्घटनाएं, आग, विमान संबंधी आपात स्थिति और खराब मौसम जैसी चुनौतियां सामने आ सकती हैं।

SAREX-2026 के माध्यम से भारत ने अपनी बचाव तैयारियों, तकनीकी क्षमता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को परखने का अवसर प्राप्त किया।

इस अभ्यास से तीन प्रमुख लाभ सामने आते हैं:

  1. त्वरित बचाव: संकट की सूचना मिलने के बाद बचाव संसाधनों को तेजी से तैनात करना।

  2. बेहतर समन्वय: तटरक्षक बल, नौसेना, वायुसेना और नागरिक एजेंसियों के बीच तालमेल मजबूत करना।

  3. अंतरराष्ट्रीय सहयोग: अन्य देशों के साथ बचाव प्रक्रियाओं और तकनीकी अनुभवों का आदान-प्रदान करना।

भारतीय तटरक्षक बल ने इस अभ्यास के जरिए समुद्र में जीवन बचाने के लिए तेज, तकनीक-सक्षम और समन्वित व्यवस्था विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह भारत की SAGAR (Security and Growth for All in the Region) की परिकल्पना और MAHASAGAR दृष्टिकोण के अनुरूप है।

Press Information Bureau
+1

निष्कर्ष

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने 7 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर में 12वें राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव अभ्यास SAREX-2026 का उद्घाटन किया। इसके बाद 8 अक्टूबर को ओडिशा के पारादीप तट के पास व्यापक समुद्री बचाव अभ्यास आयोजित हुआ। इसमें भारतीय तटरक्षक बल, नौसेना, वायुसेना, नागरिक एजेंसियों और 30 देशों के 32 पर्यवेक्षकों ने भाग लिया।

यह अभ्यास भारत की समुद्री सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

Back to top button