SIR को लेकर गृहमंत्री शर्मा का बड़ा बयान
एसआईआर की प्रक्रिया जारी है, इस बीच प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा के एक बयान को लेकर कांग्रेस ने आपत्ति जताते हुए विरोध जताया है। ( CG News ) प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि चुनाव आयोग इस संबंध में गृहमंत्री शर्मा से स्पष्टीकरण मांगे कि उन्होंने किस हैसियत से यह बयान दिया है।
घुसपैठियों का हव्वा क्यों बनाया जा रहा…
एसआईआर आयोग का काम है या राज्य सरकार का। राज्य के मंत्री कैसे बिना एसआईआर पूरा हुए किसी नागरिक की नागरिकता पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दो साल से वे राज्य के गृहमंत्री हैं। देश में मोदी की 14 साल से सरकार है। इसके बाद घुसपैठियों का हव्वा क्यों बनाया जा रहा है। गृहमंत्री प्रदेश के एसी, एसटी नागरिकों को अप्रत्यक्ष धमका रहे हैं और उनकी नागरिकता पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। जबकि आयोग कहता है एसआईआर नागरिकता की जांच नही है और गृहमंत्री उसी आधार पर लोगों को धमका रहे हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ किसानों का प्रदेश है, धान कटाई, मिंजाई और समर्थन मूल्य में बेचने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। किसानों के पास एक मिनट का भी वक्त नहीं है, ऐसे समय में एसआईआर के लिए गणना पत्रक फॉर्म 4 दिसंबर तक भरने का फरमान पूरी तरह से अनुचित है। प्रशासन के दबाव में फजीवाड़ा को बढ़ावा मिलेगा। बिना वेरिफिकेशन के बोगस एंट्री की आशंका है। अत: एसआईआर गणना पत्रक फॉर्म भरने के लिए कम से कम एक महीने का समय बढ़ाया जाए।
गृहमंत्री विजय शर्मा का बयान
SIR के संबंध में प्रदेश के डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि 2003 में जिनके ब्लड रिलेशन का कोई व्यक्ति ही नहीं होगा वो यहां कहां से आ गया इसकी जांच की जाएगी और उसके बाद पकड़े जाने पर फॉरेन एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई होगी?? ऐसे व्यक्ति जो चिन्हांकित होगे उनपर विभिन्न धाराओं पर कड़ी कार्रवाई होगी जेल में डाले जाएंगे।