क्या एयर फ्रायर में खाना बनाने से कैंसर होता है? हेल्थ एक्सपर्ट्स से जानिए क्या है पूरा सच
क्या एयर फ्रायर में खाना बनाने से कैंसर होता है? जानिए हेल्थ एक्सपर्ट्स की राय
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एयर फ्रायर का बढ़ता चलन, लेकिन क्या यह पूरी तरह सुरक्षित है?
पिछले कुछ वर्षों में एयर फ्रायर भारतीय रसोई का एक लोकप्रिय हिस्सा बन गया है। कम तेल में खाना पकाने की सुविधा और हेल्दी कुकिंग के दावों के कारण लोग तेजी से इसकी ओर आकर्षित हो रहे हैं। फ्रेंच फ्राइज, कटलेट, समोसा, चिकन और कई तरह के स्नैक्स अब एयर फ्रायर में आसानी से बनाए जा रहे हैं।
हालांकि, सोशल मीडिया और इंटरनेट पर अक्सर यह दावा किया जाता है कि एयर फ्रायर में बना खाना कैंसर का कारण बन सकता है। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या एयर फ्रायर वास्तव में स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है या नहीं।
क्या एयर फ्रायर से कैंसर होता है?
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, एयर फ्रायर खुद कैंसर का कारण नहीं बनता। एयर फ्रायर भोजन को गर्म हवा के तेज प्रवाह से पकाता है, जिससे कम तेल का उपयोग होता है। यही कारण है कि इसे पारंपरिक डीप फ्राई करने की तुलना में बेहतर विकल्प माना जाता है।
हालांकि, समस्या तब पैदा हो सकती है जब भोजन को बहुत अधिक तापमान पर या जरूरत से ज्यादा समय तक पकाया जाए। विशेष रूप से आलू जैसी स्टार्चयुक्त चीजों को अत्यधिक तापमान पर पकाने से एक्रिलामाइड (Acrylamide) नामक रसायन बन सकता है।
क्या है एक्रिलामाइड?
एक्रिलामाइड एक ऐसा रसायन है जो आलू, ब्रेड, बिस्किट और अन्य स्टार्च वाले खाद्य पदार्थों को बहुत अधिक तापमान पर पकाने के दौरान बन सकता है।
वैज्ञानिक अध्ययनों में जानवरों पर किए गए कुछ परीक्षणों में एक्रिलामाइड की अत्यधिक मात्रा को कैंसर के जोखिम से जोड़ा गया है। हालांकि इंसानों में इसके प्रभाव को लेकर अभी भी शोध जारी है और स्पष्ट निष्कर्ष सामने नहीं आए हैं।
एयर फ्रायर और डीप फ्राई में कौन बेहतर?
विशेषज्ञों का मानना है कि एयर फ्रायर में भोजन बनाने से तेल की मात्रा 70 से 90 प्रतिशत तक कम हो सकती है। इससे शरीर में अतिरिक्त कैलोरी और ट्रांस फैट की मात्रा घटती है।
डीप फ्राई भोजन में अधिक तेल होने के कारण मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल, हृदय रोग और डायबिटीज जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। वहीं एयर फ्रायर अपेक्षाकृत कम तेल में समान स्वाद देने का प्रयास करता है।
किन बातों का रखें ध्यान?
1. भोजन को ज्यादा न जलाएं
खाना सुनहरा होने तक पकाएं। यदि भोजन काला या अत्यधिक भूरा हो रहा है तो उसे अधिक पकाने से बचें।
2. सही तापमान का उपयोग करें
हर खाद्य पदार्थ के लिए अलग तापमान निर्धारित होता है। बहुत अधिक तापमान पर लगातार खाना पकाने से हानिकारक यौगिक बनने की संभावना बढ़ सकती है।
3. नियमित सफाई करें
एयर फ्रायर के अंदर जमा तेल और जले हुए कण अगली बार खाना पकाने के दौरान नुकसानदायक हो सकते हैं। इसलिए समय-समय पर इसकी सफाई जरूरी है।
4. संतुलित आहार लें
केवल एयर फ्रायर का इस्तेमाल करने से कोई व्यक्ति पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो जाता। संतुलित भोजन, फल, सब्जियां और नियमित व्यायाम भी उतने ही जरूरी हैं।
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार एयर फ्रायर का सही तरीके से उपयोग किया जाए तो यह डीप फ्राई की तुलना में बेहतर और अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्प माना जा सकता है। वर्तमान वैज्ञानिक प्रमाण यह नहीं बताते कि एयर फ्रायर सीधे तौर पर कैंसर का कारण बनता है।
हालांकि किसी भी खाद्य पदार्थ को अत्यधिक तापमान पर जलाकर खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, चाहे वह एयर फ्रायर में बनाया गया हो या किसी अन्य तरीके से।
निष्कर्ष

एयर फ्रायर स्वयं कैंसर का कारण नहीं है। इसके विपरीत यह कम तेल में भोजन तैयार करने का एक सुविधाजनक विकल्प है। लेकिन अत्यधिक तापमान, जला हुआ भोजन और गलत उपयोग स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ा सकते हैं। इसलिए एयर फ्रायर का इस्तेमाल करते समय तापमान, समय और सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए।





