गले में दर्द से हैं परेशान? इन घरेलू नुस्खों से घर पर पाएं राहत
गले में दर्द और खराश से परेशान? अपनाएं ये असरदार घरेलू नुस्खे

बदलते मौसम और गर्मी में बढ़ रही गले की समस्या
गर्मी के मौसम में ठंडी चीजें ज्यादा खाना, बार-बार फ्रिज का पानी पीना, धूल-मिट्टी और संक्रमण के कारण गले में दर्द, खराश और सूजन जैसी समस्याएं काफी बढ़ जाती हैं। कई लोगों को गला खराब होने के साथ आवाज बैठने, खांसी और निगलने में परेशानी भी होने लगती है।
गले में दर्द हमेशा बड़ी बीमारी का संकेत नहीं होता। कई बार वायरल संक्रमण, एलर्जी या मौसम में बदलाव के कारण भी यह समस्या हो सकती है। अगर शुरुआत में ही कुछ घरेलू उपाय अपनाए जाएं तो गले के दर्द से काफी राहत मिल सकती है।

नमक वाले गुनगुने पानी से गरारे
गले के दर्द में सबसे पुराना और असरदार उपाय है गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करना। इससे गले की सूजन कम होती है और बैक्टीरिया भी कम होते हैं।
दिन में 2 से 3 बार गरारे करने से गले को काफी आराम मिल सकता है।
शहद और अदरक का सेवन
अदरक में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। वहीं शहद गले को आराम पहुंचाने में मदद करता है।
आप अदरक के रस में थोड़ा शहद मिलाकर सेवन कर सकते हैं। इससे गले की खराश और दर्द में राहत मिलती है।
हल्दी वाला दूध
हल्दी को प्राकृतिक एंटीसेप्टिक माना जाता है। रात में सोने से पहले हल्दी वाला गुनगुना दूध पीने से गले की सूजन और दर्द कम हो सकता है।
यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी मदद करता है।

तुलसी और काली मिर्च की चाय
तुलसी की पत्तियां और काली मिर्च गले के संक्रमण में काफी फायदेमंद मानी जाती हैं।
इन दोनों को पानी में उबालकर चाय की तरह पीने से गले को आराम मिलता है और खांसी में भी राहत मिल सकती है।
ज्यादा ठंडी चीजों से बचें
गला खराब होने पर आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक और बहुत ज्यादा ठंडी चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए। इससे समस्या और बढ़ सकती है।
शरीर को रखें हाइड्रेट
गले में दर्द होने पर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। शरीर में पानी की कमी होने से गला ज्यादा सूख सकता है और दर्द बढ़ सकता है।
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर गले में दर्द कई दिनों तक बना रहे, तेज बुखार आए, सांस लेने में दिक्कत हो या निगलने में ज्यादा परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
घरेलू उपाय शुरुआती राहत देने में मदद कर सकते हैं, लेकिन गंभीर समस्या होने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए।





