दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से बरी होने के बाद बृजभूषण शरण सिंह का पहला बयान सामने आया। जानिए महिला पहलवान यौन शोषण मामला क्या था?

महिला पहलवान यौन शोषण मामले में बरी होने पर बोले बृजभूषण शरण सिंह

क्या था महिला पहलवानों का यौन शोषण मामला?

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 3 अगस्त 2026 को पूर्व सांसद और पूर्व Wrestling Federation of India (WFI) प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह तथा पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को महिला पहलवानों द्वारा दर्ज कराए गए यौन शोषण मामले में सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। यह मामला 2023 से देशभर में चर्चा का विषय रहा था।

मामला क्या था?

  • जनवरी 2023 में कई महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न और डराने-धमकाने के आरोप लगाए।
  • इसके बाद Jantar Mantar पर कई दिनों तक पहलवानों का धरना-प्रदर्शन चला।
  • सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।
  • जून 2023 में पुलिस ने आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल किया।
  • ट्रायल के दौरान कई गवाहों के बयान दर्ज किए गए और दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।

अदालत ने क्या फैसला दिया?

राउज एवेन्यू कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने माना कि दोष सिद्ध करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं।

बरी होने के बाद बृजभूषण शरण सिंह का पहला बयान

फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर हमेशा भरोसा था। उन्होंने कहा कि वे कभी स्वयं को दोषी नहीं मानते थे और यदि वे वास्तव में दोषी होते, तो “मैं फांसी लगा लेता”। उन्होंने फैसले को सत्य की जीत बताया।

ध्यान दें: अदालत द्वारा बरी किया जाना इस मामले में आपराधिक आरोपों से कानूनी राहत है। यह निर्णय उपलब्ध साक्ष्यों के न्यायिक मूल्यांकन पर आधारित है।

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