सोनिया गांधी की नई किताब ‘Belonging: A Journey of Love’ का अनावरण, प्रेम, परिवार और भारतीय राजनीति के सफर की कहानी???

सोनिया गांधी की आत्मकथा ‘Belonging: A Journey of Love’ का अनावरण हुआ। किताब में प्रेम, परिवार, त्रासदी और राजनीति की उनकी लंबी यात्रा शामिल है...

कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी की पुस्तक 'बिलॉन्गिंग : अ जर्नी ऑफ लव' 10 नवंबर 2026 को प्रकाशित होगी ◇ सोनिया गांधी ने अपने जीवन से जुड़े कई ...

निजी जिंदगी से राजनीति तक के सफर को शब्दों में समेटेंगी सोनिया गांधी

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की नई किताब ‘Belonging: A Journey of Love’ का कवर अनावरण सामने आया है। यह उनकी आत्मकथा के रूप में प्रकाशित होने वाली 544 पन्नों की पुस्तक है, जिसमें वह अपने जीवन के निजी और सार्वजनिक दोनों पहलुओं पर विस्तार से बात करेंगी। किताब 10 नवंबर 2026 को प्रतिष्ठित प्रकाशन संस्था Alfred A. Knopf द्वारा प्रकाशित की जाएगी।

यह किताब सोनिया गांधी के बचपन से लेकर भारत आने, राजीव गांधी से प्रेम, नेहरू-गांधी परिवार का हिस्सा बनने, पारिवारिक त्रासदियों और फिर भारतीय राजनीति में प्रवेश तक की यात्रा को सामने लाएगी। प्रकाशक के अनुसार, यह एक व्यक्तिगत और राजनीतिक दोनों तरह की कहानी होगी, जिसमें भारत के करीब छह दशकों के सामाजिक और राजनीतिक बदलावों की झलक भी मिलेगी।

इटली से शुरू हुई भारत तक की यात्रा

‘Belonging: A Journey of Love’ सोनिया गांधी के जीवन की शुरुआत युद्धोत्तर इटली से करती है। वर्ष 1965 में इंग्लैंड के कैम्ब्रिज में पढ़ाई के दौरान उनकी मुलाकात राजीव गांधी से हुई थी। इसके बाद उनका जीवन भारत और नेहरू-गांधी परिवार से जुड़ गया।

किताब में सोनिया गांधी के भारत आने, भारतीय संस्कृति को अपनाने, हिंदी सीखने और भारतीय जीवनशैली के साथ खुद को ढालने के अनुभवों को भी शामिल किए जाने की बात कही गई है। पुस्तक उनके निजी जीवन के उन पहलुओं को भी सामने लाएगी, जिन पर अब तक बहुत कम सार्वजनिक रूप से चर्चा हुई है।

इंदिरा और राजीव गांधी की हत्या का दर्द

सोनिया गांधी के जीवन में दो बड़ी पारिवारिक त्रासदियों ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी। वर्ष 1984 में उनकी सास और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गई। इसके बाद राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी संभाली।

सात साल बाद 1991 में चुनाव प्रचार के दौरान राजीव गांधी की भी हत्या कर दी गई। इन घटनाओं के बाद सोनिया गांधी लंबे समय तक राजनीति से दूर रहीं। बाद में वह कांग्रेस में सक्रिय हुईं और पार्टी की सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल हो गईं।

क्यों राजनीति में आईं सोनिया गांधी?

पुस्तक के प्रकाशन से पहले जारी बयान में सोनिया गांधी ने स्वीकार किया कि निजी दुख और लगातार हुई त्रासदियों ने उन्हें सार्वजनिक जीवन और राजनीति की दुनिया की ओर धकेला। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय तक अपनी निजता को बेहद सावधानी से बचाती रहीं और अपने जीवन के निजी अनुभवों को सार्वजनिक करना उनके लिए आसान नहीं था।

सोनिया गांधी के अनुसार, इस किताब को लिखना उनके लिए अपने भीतर दबे कई अनुभवों और यादों को सामने लाने जैसा रहा। किताब में वह परिवार, प्रेम, कर्तव्य, दुख और सार्वजनिक जीवन के बीच अपने संघर्ष को साझा करेंगी।

परिवार के बारे में लिखी गई ‘कहानियों’ पर भी अपनी बात रखेंगी

नेहरू-गांधी परिवार को लेकर दशकों से देश और दुनिया में काफी कुछ लिखा गया है। सोनिया गांधी ने अपने बयान में कहा कि उनके परिवार के बारे में बहुत कुछ लिखा गया, लेकिन कई कथाएं उनके परिवार के लोगों की वास्तविक प्रेरणाओं, फैसलों और मानवीय कमजोरियों तक नहीं पहुंच पाईं।

उनकी नई किताब को इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें परिवार को केवल राजनीतिक पहचान के रूप में नहीं बल्कि मानवीय रिश्तों, संघर्षों और कमजोरियों के नजरिए से भी प्रस्तुत करने की कोशिश की गई है।

प्रधानमंत्री पद ठुकराने के फैसले का भी जिक्र

सोनिया गांधी की राजनीतिक यात्रा का सबसे चर्चित फैसला वर्ष 2004 के आम चुनाव के बाद प्रधानमंत्री पद स्वीकार नहीं करना था। कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को सत्ता मिलने के बाद पार्टी ने उन्हें प्रधानमंत्री पद के लिए चुना था, लेकिन उन्होंने यह पद स्वीकार नहीं किया।

इसके बाद डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बने और सोनिया गांधी ने यूपीए सरकार के दौरान गठबंधन और पार्टी के राजनीतिक नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। किताब में इस दौर और उनके राजनीतिक फैसलों पर भी नई जानकारी सामने आने की संभावना है।

राहुल और प्रियंका ने भी जताया गर्व

पुस्तक की घोषणा के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी सोनिया गांधी के जीवन संघर्ष और साहस की सराहना की। राजीव गांधी की जयंती के अवसर पर दोनों ने अपनी मां की नई किताब और उनके जीवन की यात्रा को भावनात्मक रूप से याद किया।

राहुल गांधी ने अपनी मां के निजी संघर्षों और साहस का उल्लेख करते हुए कहा कि परिवार के भीतर देखे गए उनके संघर्षों को दुनिया के सामने साझा करना एक महत्वपूर्ण कदम है।

10 नवंबर को होगी किताब की रिलीज

‘Belonging: A Journey of Love’ 10 नवंबर 2026 को हार्डकवर और ई-बुक संस्करण में प्रकाशित होगी। प्रकाशक ने पुस्तक का पहला प्रिंट रन 100,000 प्रतियों का घोषित किया है, जबकि इसका ऑडियो संस्करण भी प्रकाशित किया जाएगा।

544 पन्नों की यह किताब सिर्फ सोनिया गांधी की निजी कहानी नहीं होगी, बल्कि आधुनिक भारत के राजनीतिक और सामाजिक बदलावों को करीब से देखने वाली एक प्रमुख राजनीतिक शख्सियत का व्यक्तिगत दृष्टिकोण भी प्रस्तुत करेगी।

क्यों खास है ‘Belonging: A Journey of Love’?

सोनिया गांधी लंबे समय तक अपनी निजी जिंदगी को सार्वजनिक चर्चा से दूर रखने के लिए जानी जाती रही हैं। ऐसे में उनकी आत्मकथा को लेकर राजनीतिक और साहित्यिक जगत में खास उत्सुकता है।

इस पुस्तक में पाठकों को इटली की एक युवा छात्रा से भारत की प्रमुख राजनीतिक हस्ती बनने तक की यात्रा देखने को मिलेगी। साथ ही प्रेम, परिवार, शोक, राजनीतिक जिम्मेदारी और ‘घर’ या ‘अपनापन’ की भावना जैसे विषय पुस्तक के केंद्र में रहेंगे।

निष्कर्ष

‘Belonging: A Journey of Love’ सोनिया गांधी के जीवन का अब तक का सबसे व्यक्तिगत दस्तावेज बन सकती है। इटली से भारत तक की यात्रा, राजीव गांधी के साथ प्रेम और विवाह, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या का दर्द तथा कांग्रेस नेतृत्व तक पहुंचने की कहानी—ये सभी पहलू पुस्तक को महत्वपूर्ण बनाते हैं।

10 नवंबर 2026 को रिलीज होने वाली यह आत्मकथा न केवल सोनिया गांधी के जीवन के अनसुने पहलुओं को सामने लाएगी, बल्कि भारत के छह दशकों के सामाजिक और राजनीतिक बदलावों को भी एक प्रत्यक्षदर्शी के नजरिए से समझने का अवसर देगी।


 

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