Swachhata Hi Seva 2026: देशभर में 17 सितंबर 2026 से स्वच्छता ही सेवा अभियान शुरू हो गया है???
पूरे देश में ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान शुरू, जानें थीम और पांच प्रमुख स्तंभ...
इस साल अभियान की थीम ‘स्वच्छता में सहभाग; स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ रखी गई है। अभियान में स्वच्छता, जनभागीदारी, युवाओं और सफाई मित्रों पर विशेष जोर दिया गया है।
भारत में स्वच्छता को लेकर जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ (SHS 2026) अभियान की शुरुआत हो गई है। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। केंद्र सरकार के अनुसार, अभियान में केंद्र और राज्य सरकारों के विभागों के साथ-साथ स्थानीय निकाय, संस्थान और आम नागरिक भी भाग लेंगे।
इस साल अभियान की थीम ‘स्वच्छता में सहभाग; स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ रखी गई है। इसका उद्देश्य स्वच्छता को केवल सरकारी कार्यक्रम के बजाय नागरिकों की साझा जिम्मेदारी के रूप में बढ़ावा देना है।
17 सितंबर से शुरू हुआ अभियान
स्वच्छता ही सेवा अभियान वर्ष 2017 से हर साल आयोजित किया जा रहा है। 2026 में इसकी शुरुआत 17 सितंबर से हुई है। अभियान के तहत ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सफाई, स्वच्छता जागरूकता और कचरा प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
17 सितंबर को आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (DDWS), जल शक्ति मंत्रालय ने संयुक्त रूप से नई दिल्ली के चिल्ड्रन्स पार्क, इंडिया गेट में ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत पौधरोपण अभियान के साथ SHS 2026 की शुरुआत की।
इस साल की थीम क्या है?
स्वच्छता ही सेवा 2026 की थीम है:
‘स्वच्छता में सहभाग; स्वच्छ भारत, विकसित भारत’
इस थीम के माध्यम से स्वच्छता में नागरिकों की भागीदारी को केंद्र में रखा गया है। सरकार के अनुसार स्वच्छ और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए Whole of Government और Whole of Society दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है।
अभियान के पांच प्रमुख स्तंभ
इस वर्ष स्वच्छता ही सेवा अभियान को पांच प्रमुख स्तंभों के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है।
| क्रम | प्रमुख स्तंभ | मुख्य उद्देश्य |
|---|---|---|
| 1 | Cleanliness Target Units और Clean Public Places | चिन्हित गंदे स्थानों की सफाई और सौंदर्यीकरण |
| 2 | Swachh Paathshala – Yuva for Swachhata | विद्यार्थियों और युवाओं की भागीदारी |
| 3 | SafaiMitra Suraksha Evam Samman Shivirs | सफाई कर्मचारियों की स्वास्थ्य व सामाजिक सुरक्षा |
| 4 | Jan Bhagidari for Swachhata | आम लोगों की सक्रिय भागीदारी |
| 5 | Swachhata Se Samriddhi | कचरे से संसाधन और Waste-to-Wealth पर जोर |
इन पांच स्तंभों के जरिए अभियान में सफाई के साथ-साथ कचरा प्रबंधन, युवा भागीदारी, सफाई मित्रों के कल्याण और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे विषयों को भी जोड़ा गया है।
युवाओं और विद्यार्थियों पर विशेष फोकस
SHS 2026 में विद्यार्थियों और युवाओं को स्वच्छता के लिए स्थायी व्यवहार परिवर्तन का महत्वपूर्ण माध्यम बनाया गया है।
इसके तहत विद्यार्थियों और युवाओं को Waste Management से जुड़ी व्यवस्थाओं को समझने के लिए Swachhata Gyan Yatras, संवाद, प्रतियोगिताएं और अन्य गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।
इसका उद्देश्य बच्चों और युवाओं में कचरे को अलग-अलग करने, सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की आदत विकसित करना है।
सफाई मित्रों के लिए विशेष शिविर
अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ‘SafaiMitra Suraksha Evam Samman Shivirs’ है।
इन शिविरों में सफाई मित्रों और स्वच्छता कर्मियों के लिए:
- स्वास्थ्य जांच
- सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना
- कल्याणकारी सेवाओं की जानकारी
- PPE किट जैसी सहायता
- सफाई मित्रों और स्वच्छाग्रहियों का सम्मान
जैसी गतिविधियां शामिल हैं।
कचरे को अलग-अलग करने पर जोर
SHS 2026 में Solid Waste Management Rules, 2026 के प्रति जागरूकता बढ़ाने और चार-तरफा स्रोत पृथक्करण (four-way source segregation) को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा रहा है।
इसका उद्देश्य घर या संस्थान के स्तर पर कचरे को उचित श्रेणियों में अलग करना और उसके बेहतर निस्तारण एवं पुनर्चक्रण को बढ़ावा देना है।
1 अक्टूबर को देशभर में विशेष श्रमदान
अभियान के दौरान 1 अक्टूबर को देशभर में एक साथ स्वैच्छिक श्रमदान और सफाई अभियान आयोजित किए जाएंगे।
इसे ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। इसका उद्देश्य बड़ी संख्या में नागरिकों को एक साथ स्वच्छता गतिविधियों से जोड़ना है।
2 अक्टूबर को विशेष ग्राम सभाएं
गांधी जयंती यानी 2 अक्टूबर 2026 को ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष ग्राम सभाएं और शहरी क्षेत्रों में विशेष परिषद बैठकें आयोजित की जाएंगी।
इन बैठकों में स्वच्छता ही सेवा अभियान के परिणामों, Solid Waste Management Rules 2026, चार-तरफा स्रोत पृथक्करण और गांवों की ODF Plus (Model) स्थिति जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।
पर्यटन स्थलों की सफाई पर भी जोर
इस बार अभियान में पर्यटन स्थलों की स्वच्छता को भी विशेष महत्व दिया गया है। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर अधिक भीड़ वाले पर्यटन स्थलों और पर्यटक-केंद्रित समुद्र तटों की सफाई पर विशेष गतिविधियां आयोजित करने की योजना है।
इसका उद्देश्य पर्यटन स्थलों को साफ रखने के साथ पर्यटकों और स्थानीय समुदायों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
‘स्वच्छता से समृद्धि’ का लक्ष्य
स्वच्छता ही सेवा 2026 में स्वच्छता को आर्थिक अवसरों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है। ‘Swachhata Se Samriddhi’ के तहत Circular Economy, Waste-to-Wealth और Waste-to-Art जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
यानी कचरे को केवल ऐसी वस्तु के रूप में नहीं देखा जा रहा जिसका निपटारा करना है, बल्कि उसे रिसाइक्लिंग और पुन: उपयोग के जरिए उपयोगी संसाधन में बदलने पर भी जोर है।
अभियान में कौन-कौन शामिल होगा?
स्वच्छता ही सेवा 2026 में कई स्तरों पर भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
प्रमुख भागीदार:
- केंद्र सरकार के मंत्रालय और विभाग
- राज्य सरकारें
- केंद्र शासित प्रदेश
- नगर निकाय
- ग्रामीण स्थानीय निकाय
- स्कूल और कॉलेज
- युवा संगठन
- सफाई मित्र और स्वच्छाग्रही
- नागरिक और सामुदायिक संगठन
सरकार का लक्ष्य अभियान को केवल सरकारी विभागों तक सीमित न रखकर जनभागीदारी आधारित राष्ट्रीय अभियान बनाना है।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| अभियान | स्वच्छता ही सेवा 2026 |
| शुरुआत | 17 सितंबर 2026 |
| अवधि | 17 सितंबर–17 अक्टूबर 2026 |
| थीम | ‘स्वच्छता में सहभाग; स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ |
| आयोजन | केंद्र, राज्य, स्थानीय निकाय और नागरिकों की भागीदारी |
| प्रमुख फोकस | स्वच्छता, जनभागीदारी, युवा और सफाई मित्र |
| प्रमुख स्तंभ | 5 |
| विशेष दिन | 1 अक्टूबर – ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ |
| 2 अक्टूबर | विशेष |






