Arthur M. Bueche Award 2026:- सेतुरमन पंचनाथन को 2026 के Arthur M. Bueche Award से किया गया सम्मानित, पहले Indian American बने ???

अमेरिका की National Academy of Engineering ने भारतीय मूल के वैज्ञानिक सेतुरमन पंचनाथन को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित Arthur M. Bueche Award के लिए चुना है...

 यह सम्मान विज्ञान, तकनीक और नीति के क्षेत्र में उनके नेतृत्व तथा रिसर्च को व्यावहारिक उपयोग से जोड़ने में योगदान के लिए दिया गया है।

भारतीय मूल के वैज्ञानिक और इंजीनियर सेतुरमन पंचनाथन (Sethuraman Panchanathan) ने अमेरिका में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्हें National Academy of Engineering (NAE) की ओर से वर्ष 2026 के Arthur M. Bueche Award से सम्मानित किया गया है। Arizona State University के अनुसार, वह इस पुरस्कार को पाने वाले पहले Indian American हैं।

National Academies के अनुसार, पंचनाथन को यह सम्मान fundamental science, technology and policy को आगे बढ़ाने, translational research को बढ़ावा देने और देशभर में अवसरों का विस्तार करने वाले नेतृत्व के लिए दिया गया है।

कौन हैं सेतुरमन पंचनाथन?

सेतुरमन पंचनाथन का जन्म 24 जून 1961 को चेन्नई में हुआ था। उन्होंने भारत में अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद कनाडा से डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की। उनका करियर कंप्यूटर साइंस, इंजीनियरिंग, रिसर्च, विश्वविद्यालय प्रशासन और अमेरिकी विज्ञान नीति से जुड़ा रहा है।

उनकी शिक्षा में University of Madras से Physics में BSc, Indian Institute of Science से Electronics and Communication Engineering में BE, IIT Madras से Electrical Engineering में MTech और University of Ottawa से Electrical and Computer Engineering में PhD शामिल हैं।

पंचनाथन ने अपने करियर में machine learning, multimedia computing, haptic user interfaces और ubiquitous computing जैसे क्षेत्रों में काम किया है। उन्होंने Arizona State University में Center for Cognitive Ubiquitous Computing की स्थापना और नेतृत्व भी किया।

क्या है Arthur M. Bueche Award?

Arthur M. Bueche Award अमेरिका की National Academy of Engineering का एक प्रतिष्ठित सम्मान है। यह पुरस्कार ऐसे इंजीनियरों और वैज्ञानिक नेतृत्व को पहचानता है जिनका काम विज्ञान एवं तकनीकी नीति, तकनीकी विकास तथा उद्योग, सरकार और विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग को मजबूत करने से जुड़ा हो।

2026 में यह पुरस्कार पंचनाथन को उनके व्यापक वैज्ञानिक और नीति संबंधी योगदान के लिए दिया गया है। उनका करियर केवल अकादमिक शोध तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रीय विज्ञान नीति और रिसर्च को व्यावहारिक उपयोग से जोड़ने की दिशा में भी काम किया है।

अमेरिका के National Science Foundation के निदेशक रह चुके हैं

सेतुरमन पंचनाथन अमेरिका की National Science Foundation (NSF) के 15वें निदेशक भी रह चुके हैं। उन्होंने जून 2020 से अप्रैल 2025 तक इस पद पर कार्य किया। NSF अमेरिका की प्रमुख सरकारी वैज्ञानिक अनुसंधान एजेंसियों में से एक है।

NSF में अपने कार्यकाल के दौरान पंचनाथन ने विज्ञान और तकनीक को आर्थिक विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा और समाज पर प्रभाव से जोड़ने वाली पहलों पर काम किया। उनके कार्यकाल में Directorate for Technology, Innovation and Partnerships की स्थापना भी हुई, जिसका उद्देश्य वैज्ञानिक खोजों और तकनीकी विकास को व्यावहारिक उपयोग तक पहुंचाने में मदद करना था।

Arizona State University से

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