Formula 1 India Return:- भारत में फॉर्मूला-1 की वापसी की तैयारी, युगल किशोर जोशी की अध्यक्षता में टास्क फोर्स गठित

युगल किशोर जोशी की अध्यक्षता में टास्क फोर्स गठित...

 भारत में फॉर्मूला-1 और मोटरस्पोर्ट्स की वापसी की संभावनाओं का आकलन करने के लिए खेल मंत्रालय ने 10 सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता नीति आयोग के कार्यक्रम निदेशक एवं सलाहकार युगल किशोर जोशी करेंगे। खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने 15 सितंबर 2026 को इस पहल की घोषणा की।

टास्क फोर्स का मुख्य उद्देश्य भारत में मोटरस्पोर्ट्स के मौजूदा इकोसिस्टम का व्यापक अध्ययन करना, फॉर्मूला-1 की वापसी में आने वाली बाधाओं की पहचान करना और उन्हें दूर करने के लिए नीतिगत सुझाव देना है। समिति विशेष रूप से टैक्स से जुड़े मुद्दों, बुनियादी ढांचे, निवेश, पर्यटन और आयोजन से जुड़ी जरूरतों का अध्ययन करेगी।

2028 में F1 रेस की संभावना का होगा आकलन

टास्क फोर्स के संदर्भ में 2028 में भारत में फॉर्मूला-1 रेस आयोजित करने की व्यवहार्यता और संभावनाओं का आकलन किया जाएगा। इसका मतलब यह है कि 2028 की रेस अभी घोषित कार्यक्रम नहीं है, बल्कि समिति को यह देखने का काम दिया गया है कि भारत में इसे आयोजित करना व्यावहारिक रूप से संभव है या नहीं।

खेल मंत्री के अनुसार समिति मोटरस्पोर्ट्स के सतत विकास के लिए एक समग्र और समन्वित रोडमैप तैयार करने की दिशा में काम करेगी। साथ ही, प्रमुख मोटरस्पोर्ट्स आयोजनों से मिलने वाले आर्थिक, पर्यटन और निवेश संबंधी लाभों का भी आकलन किया जाएगा।

कौन-कौन टास्क फोर्स में शामिल?

10 सदस्यीय टास्क फोर्स में केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ मोटरस्पोर्ट्स क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है।

समिति में प्रमुख रूप से:

  • युगल किशोर जोशी — अध्यक्ष
  • कुणाल — खेल विभाग के संयुक्त सचिव
  • वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव
  • पर्यटन मंत्रालय के संयुक्त सचिव
  • राजस्व विभाग से CBIC और CBDT के प्रतिनिधि
  • उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सरकारों के प्रतिनिधि
  • बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (BIC) के प्रतिनिधि
  • मद्रास इंटरनेशनल सर्किट (MIC) के प्रतिनिधि
  • FMSCI के अध्यक्ष/महासचिव
  • FMSCI द्वारा नामित तकनीकी विशेषज्ञ

जरूरत के अनुसार अध्यक्ष अतिरिक्त सदस्यों को भी समिति में शामिल कर सकते हैं।

टैक्स और नीतिगत अड़चनों पर रहेगा फोकस

भारत में पहले आयोजित फॉर्मूला-1 रेस के अनुभवों को देखते हुए टैक्स और नीतिगत चुनौतियां टास्क फोर्स के अध्ययन का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगी। समिति यह देखेगी कि भारत में अंतरराष्ट्रीय स्तर के मोटरस्पोर्ट्स आयोजनों को लंबे समय तक आयोजित करने के लिए किस तरह की नीतिगत व्यवस्था की जरूरत है।

इसके अलावा बुनियादी ढांचे, संचालन, निवेश और निजी क्षेत्र की भागीदारी जैसे मुद्दों पर भी सुझाव दिए जाने हैं। समिति मोटरस्पोर्ट्स के विकास के लिए Public-Private Partnership (PPP) मॉडल की संभावनाओं पर भी विचार करेगी।

भारत में आखिरी बार 2013 में हुई थी F1 रेस

भारत ने पहली बार 2011 में फॉर्मूला-1 इंडियन ग्रां प्री की मेजबानी की थी। इसके बाद 2012 और 2013 में भी ग्रेटर नोएडा स्थित बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर रेस आयोजित हुई।

2013 के बाद भारत के F1 कैलेंडर से बाहर होने के बाद अब सरकार मोटरस्पोर्ट्स इकोसिस्टम की समीक्षा के जरिए इसकी संभावित वापसी का रास्ता तलाश रही है।

बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट फिर चर्चा में

भारत में F1 की वापसी की चर्चा में बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (BIC), ग्रेटर नोएडा का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है, क्योंकि यहीं भारत की पिछली फॉर्मूला-1 रेस आयोजित हुई थी। हालांकि, आधिकारिक रूप से 2028 के आयोजन स्थल की अंतिम घोषणा अभी नहीं हुई है।

टास्क फोर्स के सामने क्या-क्या काम?

क्षेत्र टास्क फोर्स का काम
F1 वापसी 2028 में आयोजन की व्यवहार्यता का आकलन
मोटरस्पोर्ट्स पूरे इकोसिस्टम की समीक्षा
टैक्स कर संबंधी चुनौतियों की पहचान
नीति जरूरी नीतिगत बदलाव सुझाना
इंफ्रास्ट्रक्चर आयोजन के लिए आवश्यक सुविधाओं का आकलन
पर्यटन अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के पर्यटन लाभों का अध्ययन
निवेश आर्थिक एवं निवेश संबंधी संभावनाओं की समीक्षा
PPP सरकारी-निजी भागीदारी की संभावनाओं पर सुझाव

निष्कर्ष

भारत में फॉर्मूला-1 की वापसी को लेकर सरकार ने फिलहाल अध्ययन और व्यवहार्यता आकलन का चरण शुरू किया है। युगल किशोर जोशी की अध्यक्षता वाली 10 सदस्यीय टास्क फोर्स भारत में मोटरस्पोर्ट्स की मौजूदा स्थिति, टैक्स व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर और नीतिगत चुनौतियों की समीक्षा करेगी। 2028 में F1 रेस की मेजबानी एक लक्ष्य के रूप में सामने रखा गया है, लेकिन आयोजन की पुष्टि इस समीक्षा और आगे की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

Back to top button