भारत-न्यूजीलैंड के बीच नागालैंड और उत्तराखंड में कीवी फ्रूट सेंटर स्थापित करने पर समझौता, बागवानी क्षेत्र को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
भारत-न्यूजीलैंड समझौता: नागालैंड और उत्तराखंड में बनेंगे कीवी फ्रूट सेंटर, किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ
भारत और न्यूजीलैंड ने बागवानी सहयोग को दी नई दिशा
भारत और न्यूजीलैंड ने कृषि एवं बागवानी क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से नागालैंड और उत्तराखंड में दो अत्याधुनिक कीवी फ्रूट सेंटर (Kiwi Fruit Centres of Excellence) स्थापित करने पर सहमति जताई है। यह समझौता दोनों देशों के बीच हुए व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) और कृषि सहयोग के तहत हुआ है। इसका उद्देश्य भारत में उच्च गुणवत्ता वाले कीवी उत्पादन, आधुनिक खेती की तकनीक, अनुसंधान और किसानों की आय बढ़ाने को बढ़ावा देना है।
दो राज्यों को क्यों चुना गया?
नागालैंड और उत्तराखंड भारत के उन राज्यों में शामिल हैं जहां जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियां कीवी की खेती के लिए अनुकूल मानी जाती हैं। नागालैंड पहले से ही पूर्वोत्तर भारत में कीवी उत्पादन का प्रमुख केंद्र है, जबकि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भी पिछले कुछ वर्षों में कीवी की खेती तेजी से बढ़ी है। नए सेंटर किसानों को उन्नत पौध सामग्री, वैज्ञानिक खेती, पौध संरक्षण और विपणन संबंधी प्रशिक्षण उपलब्ध कराएंगे।
क्या होंगे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख कार्य?
इन केंद्रों के माध्यम से दोनों देश मिलकर—
- उच्च गुणवत्ता वाले कीवी पौधों का विकास करेंगे।
- आधुनिक बागवानी तकनीकों का प्रशिक्षण देंगे।
- सिंचाई, पोषण और रोग नियंत्रण पर अनुसंधान करेंगे।
- फसल कटाई के बाद भंडारण और वैल्यू एडिशन की तकनीकों को बढ़ावा देंगे।
- किसानों को निर्यात योग्य गुणवत्ता का उत्पादन करने में सहायता देंगे।
न्यूजीलैंड की विशेषज्ञता का मिलेगा लाभ
न्यूजीलैंड दुनिया के अग्रणी कीवी उत्पादक और निर्यातक देशों में शामिल है। वहां विकसित आधुनिक बागवानी तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन का अनुभव भारतीय किसानों के लिए उपयोगी साबित होगा। इस सहयोग से भारत में कीवी उत्पादन की गुणवत्ता और उत्पादकता दोनों बढ़ने की उम्मीद है।
किसानों की आय और निर्यात को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से पर्वतीय क्षेत्रों के किसानों को पारंपरिक फसलों के मुकाबले अधिक लाभकारी विकल्प मिलेगा। बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पादन से घरेलू मांग पूरी करने के साथ-साथ भविष्य में निर्यात की संभावनाएं भी मजबूत होंगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और कृषि आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।
भारत-न्यूजीलैंड संबंधों में नया अध्याय
कीवी फ्रूट सेंटर स्थापित करने का यह समझौता भारत और न्यूजीलैंड के बीच कृषि, व्यापार और निवेश सहयोग को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दोनों देशों ने 2030 तक सहयोग बढ़ाने के रोडमैप पर भी सहमति जताई है, जिसमें कृषि, बागवानी, शिक्षा, विज्ञान और व्यापार जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है।





