17545 करोड़ की नेटवर्थ हुई Zero; कभी शाहरुख-मेसी को बनाया था ब्रांड एंबेसडर, अब कोर्ट ने सुनाई जेल की सजा
BYJU'S Founder Crisis: 17545 करोड़ की नेटवर्थ से जेल तक, जानिए बायजू रवींद्रन की पूरी कहानी
एक समय भारत के सबसे बड़े एडटेक स्टार्टअप BYJU’S का नाम सफलता की मिसाल माना जाता था। करोड़ों छात्रों तक पहुंच बनाने वाली इस कंपनी के फाउंडर बायजू रवींद्रन कभी देश के सबसे चर्चित स्टार्टअप उद्यमियों में गिने जाते थे। लेकिन अब हालात ऐसे हो चुके हैं कि कभी अरबों की नेटवर्थ रखने वाले बायजू रवींद्रन को सिंगापुर कोर्ट ने 6 महीने की जेल की सजा सुना दी है।

कभी बॉलीवुड सुपरस्टार Shah Rukh Khan और फुटबॉल दिग्गज Lionel Messi को ब्रांड एंबेसडर बनाने वाली BYJU’S आज कानूनी विवादों, कर्ज और दिवालियापन के संकट से जूझ रही है। कंपनी की वैल्यूएशन जहां एक समय 22 अरब डॉलर तक पहुंच गई थी, वहीं अब फोर्ब्स ने बायजू रवींद्रन की नेटवर्थ को शून्य बताया है।
कैसे शुरू हुई BYJU’S की कहानी?
बायजू रवींद्रन ने साल 2011 में Think & Learn Pvt Ltd की शुरुआत की थी। उनका मकसद छात्रों को डिजिटल तरीके से पढ़ाई उपलब्ध कराना था। धीरे-धीरे BYJU’S भारत का सबसे लोकप्रिय ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म बन गया। कोविड-19 महामारी के दौरान ऑनलाइन एजुकेशन की मांग तेजी से बढ़ी और कंपनी ने रिकॉर्ड ग्रोथ हासिल की।
BYJU’S ने आक्रामक विस्तार करते हुए कई कंपनियों का अधिग्रहण किया। भारी निवेश, बड़े विज्ञापन और सेलिब्रिटी प्रमोशन ने कंपनी को ग्लोबल पहचान दिलाई। कंपनी ने भारतीय क्रिकेट टीम को स्पॉन्सर किया और FIFA World Cup जैसे बड़े इवेंट्स से भी जुड़ी रही।
शाहरुख खान और मेसी बने थे चेहरा

BYJU’S ने अपनी ब्रांडिंग को मजबूत करने के लिए बड़े सितारों को जोड़ा। Shah Rukh Khan लंबे समय तक कंपनी के प्रचार अभियान का चेहरा रहे। इसके बाद फुटबॉल सुपरस्टार Lionel Messi को भी कंपनी ने ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर बनाया। इन विज्ञापनों ने BYJU’S को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई, लेकिन कंपनी का खर्च लगातार बढ़ता चला गया।
17545 करोड़ की नेटवर्थ कैसे हुई Zero?
एक समय बायजू रवींद्रन की नेटवर्थ करीब 2.1 अरब डॉलर यानी लगभग 17,545 करोड़ रुपये बताई जाती थी। लेकिन कंपनी पर बढ़ते कर्ज, गलत वित्तीय फैसलों, निवेशकों के साथ विवाद और कानूनी मामलों ने पूरी तस्वीर बदल दी।
BYJU’S पर आरोप लगे कि कंपनी ने आक्रामक सेल्स रणनीति अपनाई और कई मामलों में पारदर्शिता नहीं बरती। कंपनी समय पर वित्तीय रिपोर्ट पेश नहीं कर पाई। इसके अलावा विदेशी निवेशकों और कर्जदाताओं के साथ विवाद लगातार बढ़ते गए।
धीरे-धीरे निवेशकों का भरोसा टूटता गया और कंपनी की वैल्यू तेजी से गिर गई। हालात इतने खराब हुए कि फोर्ब्स ने बायजू रवींद्रन की नेटवर्थ को शून्य कर दिया।
आखिर क्यों हुई जेल की सजा?
ताजा मामले में सिंगापुर कोर्ट ने बायजू रवींद्रन को कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने पर 6 महीने की जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने कहा कि उन्होंने अपनी संपत्तियों से जुड़े कई जरूरी दस्तावेज पेश नहीं किए और अदालत के निर्देशों का पालन नहीं किया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक कोर्ट ने उन्हें अधिकारियों के सामने सरेंडर करने, करीब 90 हजार सिंगापुर डॉलर का कानूनी खर्च जमा करने और Beeaar Investco Pte नामक कंपनी से जुड़े दस्तावेज सौंपने का आदेश दिया है।
सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया
BYJU’S के पतन और जेल की खबर के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। कई यूजर्स इसे भारत के सबसे बड़े स्टार्टअप पतनों में से एक बता रहे हैं। वहीं कुछ लोगों ने कंपनी की पुरानी सेल्स रणनीतियों और विवादों को लेकर भी आलोचना की।
भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए बड़ा सबक
BYJU’S की कहानी अब भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए एक बड़ा सबक मानी जा रही है। तेजी से विस्तार, भारी निवेश और ऊंची वैल्यूएशन के बावजूद अगर पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन नहीं हो तो बड़ी से बड़ी कंपनी भी संकट में आ सकती है।
कभी शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाने का दावा करने वाली कंपनी आज कानूनी लड़ाइयों और आर्थिक संकट का सामना कर रही है। बायजू रवींद्रन की कहानी सफलता से लेकर गिरावट तक का ऐसा उदाहरण बन गई है, जिसकी चर्चा लंबे समय तक होती रहेगी।





