LPG Import in India: होर्मुज से बंद हुए रास्ते तो अमेरिका बना सहारा, पहली बार 10 लाख टन के पार पहुंचा LPG आयात

LPG Import in India: होर्मुज संकट के बीच अमेरिका से रिकॉर्ड LPG आयात, 10 लाख टन पार

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भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ी राहत

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में बाधित समुद्री यातायात के बीच भारत ने रसोई गैस (LPG) आपूर्ति बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। खाड़ी देशों से आने वाली आपूर्ति प्रभावित होने के बाद अमेरिका ने भारत को बड़े पैमाने पर LPG टैंकर भेजे हैं। इसके परिणामस्वरूप जून 2026 में भारत का अमेरिका से LPG आयात पहली बार 10 लाख टन (1 मिलियन टन) के आंकड़े को पार करने जा रहा है।

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक व्यापारिक उपलब्धि नहीं बल्कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति में बड़ा बदलाव है। लंबे समय से भारत LPG के लिए मुख्य रूप से खाड़ी देशों पर निर्भर रहा है, लेकिन हालिया संकट ने वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों की आवश्यकता को और स्पष्ट कर दिया है।

आखिर क्यों बढ़ा अमेरिका से LPG आयात?

भारत अपनी कुल LPG जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है। इनमें से करीब 90 प्रतिशत आपूर्ति होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आती है। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और समुद्री मार्गों में व्यवधान के कारण भारत को गैस आपूर्ति संकट का सामना करना पड़ा।

ऐसे समय में अमेरिकी कंपनियों ने भारत को अतिरिक्त LPG कार्गो उपलब्ध कराए। रिपोर्टों के अनुसार जून महीने में अमेरिका से भारत का LPG आयात 10 लाख टन से अधिक रहने का अनुमान है, जो अब तक का रिकॉर्ड स्तर है। इससे घरेलू बाजार में गैस की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिली है।

होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है इतना महत्वपूर्ण?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक माना जाता है। खाड़ी क्षेत्र से निकलने वाला अधिकांश तेल और LPG इसी रास्ते से वैश्विक बाजारों तक पहुंचता है। भारत के लिए इसका महत्व और भी अधिक है क्योंकि देश की बड़ी LPG जरूरतें इसी मार्ग पर निर्भर हैं।

जब इस मार्ग पर संकट पैदा हुआ तो भारत में रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई। हालांकि सरकार और तेल कंपनियों ने वैकल्पिक स्रोतों से आपूर्ति बढ़ाकर स्थिति को नियंत्रित रखा।

सरकार ने उठाए कई आपात कदम

LPG संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने घरेलू उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए। रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल इकाइयों को अधिक मात्रा में LPG उत्पादन करने के लिए कहा गया, जिससे घरेलू उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए गैस आपूर्ति सुनिश्चित की। साथ ही पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क के विस्तार और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर भी जोर दिया गया।

अमेरिका-भारत ऊर्जा साझेदारी हुई मजबूत

इस संकट के दौरान अमेरिका भारत के लिए सबसे बड़ा LPG और LNG आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा। इससे दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग को नई मजबूती मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए स्रोतों में विविधता लाने की नीति को और तेज करेगा।

आगे क्या?

होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है और खाड़ी देशों से आपूर्ति भी बहाल हो रही है। इसके बावजूद भारत अब केवल एक क्षेत्र पर निर्भर रहने के बजाय अमेरिका समेत कई देशों से LPG खरीदने की रणनीति पर काम कर रहा है। इससे भविष्य में किसी भी भू-राजनीतिक संकट का असर कम किया जा सकेगा।

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