Timur Turlov FIDE President:- कजाकिस्तान के तैमूर तुर्लोव बने FIDE के नए अध्यक्ष, विश्व शतरंज महासंघ की संभालेंगे कमान???

तैमूर तुर्लोव बने FIDE के नए अध्यक्ष, विश्व शतरंज की संभालेंगे कमान...

समरकंद में हुए FIDE चुनाव में तैमूर तुर्लोव ने जीत दर्ज की, 38 साल की उम्र में बने महासंघ के दूसरे सबसे युवा अध्यक्ष

कजाकिस्तान के कारोबारी और Kazakhstan Chess Federation के अध्यक्ष तैमूर तुर्लोव (Timur Turlov) को International Chess Federation (FIDE) का नया अध्यक्ष चुना गया है। 26 सितंबर 2026 को उज्बेकिस्तान के समरकंद में FIDE General Assembly के दौरान हुए चुनाव में तुर्लोव ने दूसरे दौर में जीत हासिल की। FIDE के आधिकारिक परिणाम के अनुसार उन्हें 110 वोट मिले।

38 वर्षीय तुर्लोव FIDE के इतिहास में दूसरे सबसे युवा अध्यक्ष बने हैं। साथ ही वह इस पद पर पहुंचने वाले पहले कजाकिस्तानी हैं।

दूसरे दौर में हुआ फैसला

FIDE अध्यक्ष पद के लिए 2026 में तीन उम्मीदवार मैदान में थे—तैमूर तुर्लोव, जर्मनी के वादिम रोजेनस्टीन और जर्मनी के ही जान हेनरिक बुटनर।

पहले दौर में तुर्लोव को 96, रोजेनस्टीन को 76 और बुटनर को 20 वोट मिले। किसी उम्मीदवार को आवश्यक बहुमत नहीं मिलने के बाद दूसरे दौर में तुर्लोव और रोजेनस्टीन के बीच मुकाबला हुआ। दूसरे दौर में तुर्लोव ने 110-85 के अंतर से जीत दर्ज की।

विश्व शतरंज के शीर्ष संगठन की कमान

FIDE यानी Fédération Internationale des Échecs दुनिया भर में शतरंज के अंतरराष्ट्रीय प्रशासन और प्रतियोगिताओं से जुड़ा प्रमुख संगठन है। तुर्लोव अब इसके अध्यक्ष के रूप में संगठन की वैश्विक गतिविधियों और विकास से जुड़े मामलों का नेतृत्व करेंगे।

उनका कार्यकाल चार वर्ष का होगा और 2030 तक चलेगा।

तुर्लोव के साथ होंगे विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद

तुर्लोव के चुनावी पैनल में भारत के पांच बार के विश्व शतरंज चैंपियन विश्वनाथन आनंद डिप्टी प्रेसिडेंट पद के लिए शामिल थे। चुनाव के बाद आनंद FIDE के डिप्टी प्रेसिडेंट बने हैं।

यह भारतीय शतरंज के लिए भी महत्वपूर्ण घटनाक्रम है, क्योंकि आनंद का अंतरराष्ट्रीय शतरंज में लंबा अनुभव FIDE के नेतृत्व में शामिल होगा।

कौन हैं तैमूर तुर्लोव?

तैमूर तुर्लोव कजाकिस्तान के प्रमुख कारोबारी और फाइनेंस सेक्टर से जुड़े उद्यमी हैं। वह Freedom Holding Corp. के संस्थापक और CEO हैं। इसके अलावा जनवरी 2023 से वह Kazakhstan Chess Federation के अध्यक्ष के रूप में भी काम कर रहे हैं।

शतरंज के क्षेत्र में उनके नेतृत्व में कजाकिस्तान में शतरंज के बुनियादी ढांचे, युवा कार्यक्रमों और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।

डिजिटल तकनीक और शतरंज शिक्षा पर जोर

FIDE अध्यक्ष पद के लिए तुर्लोव के अभियान में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, शतरंज शिक्षा, राष्ट्रीय महासंघों को सहयोग और वित्तीय स्थिरता जैसे मुद्दे प्रमुख रहे थे।

उनके प्रस्तावों में FIDE के लिए बेहतर डिजिटल प्लेटफॉर्म और दुनिया के अलग-अलग राष्ट्रीय शतरंज महासंघों को आधुनिक तकनीकी संसाधनों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया था।

ओलंपिक में शतरंज को शामिल करना भी लक्ष्य

FIDE अध्यक्ष बनने के बाद तुर्लोव ने शतरंज को Olympic Games के कार्यक्रम में शामिल कराने को संगठन के प्रमुख लक्ष्यों में से एक बताया है। उन्होंने 27 सितंबर को समरकंद में Chess Olympiad के समापन समारोह के दौरान अपनी पहली सार्वजनिक उपस्थिति में इस लक्ष्य का उल्लेख किया।

कजाकिस्तान के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि

तुर्लोव का चुनाव कजाकिस्तान के शतरंज इतिहास के लिए महत्वपूर्ण है। वह FIDE के अध्यक्ष बनने वाले पहले कजाकिस्तानी नागरिक हैं। इससे मध्य एशिया में शतरंज के बढ़ते प्रभाव को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है।

निष्कर्ष

तैमूर तुर्लोव का FIDE अध्यक्ष चुना जाना विश्व शतरंज प्रशासन में एक बड़ा बदलाव है। 38 वर्ष की उम्र में वह संगठन के दूसरे सबसे युवा अध्यक्ष बने हैं। उनके कार्यकाल में डिजिटल तकनीक, शतरंज शिक्षा, राष्ट्रीय महासंघों के विकास और शतरंज को वैश्विक स्तर पर और व्यापक बनाने से जुड़े मुद्दों पर ध्यान रहने की संभावना है। उनके साथ पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद का FIDE नेतृत्व में शामिल होना भी इस नए नेतृत्व की एक प्रमुख विशेषता है।

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