EU KIDS Act: बच्चों की सोशल मीडिया पहुंच सीमित करने के लिए यूरोपीय आयोग का बड़ा प्रस्ताव???

बच्चों की सोशल मीडिया पहुंच सीमित करने का यूरोपीय आयोग का प्रस्ताव...

13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन किया जाए, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष का प्रस्ताव

ब्रुसेल्स, 17 सितंबर 2026: यूरोपीय आयोग ने बच्चों को ऑनलाइन खतरों से बचाने और सोशल मीडिया के इस्तेमाल को उम्र के आधार पर नियंत्रित करने के लिए EU KIDS Act का प्रस्ताव पेश किया है। इसका उद्देश्य सोशल मीडिया, वीडियो-शेयरिंग प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन गेम और AI चैटबॉट जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नाबालिगों की सुरक्षा मजबूत करना है।

13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर रोक

प्रस्ताव के अनुसार 13 साल से कम उम्र के बच्चे सोशल मीडिया सेवाओं का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। हालांकि, वे माता-पिता या अभिभावक द्वारा संचालित अकाउंट के जरिए बच्चों के लिए बनाए गए सुरक्षित वीडियो-शेयरिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर सकेंगे।

13 से 15 साल की उम्र में अभिभावक की निगरानी

13 से 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर सीमित सुविधा वाले मिनी अकाउंट का प्रस्ताव है। यह अकाउंट माता-पिता या अभिभावक की निगरानी में होगा और सोशल मीडिया इस्तेमाल की सीमा एक घंटे प्रतिदिन तक रखने का प्रस्ताव है। 15 साल की उम्र से बच्चे अपना स्वतंत्र सोशल मीडिया अकाउंट खोल और संचालित कर सकेंगे।

प्लेटफॉर्म पर भी बढ़ेगी जिम्मेदारी

EU KIDS Act में केवल उम्र की सीमा तय करने पर ही जोर नहीं है, बल्कि प्लेटफॉर्म को बच्चों के लिए सेवाएं ‘safe by design’ बनाने की जिम्मेदारी देने का प्रस्ताव भी है। इसमें अनंत स्क्रॉल, अत्यधिक इस्तेमाल को बढ़ावा देने वाले रिवॉर्ड फीचर और सोने के समय पुश नोटिफिकेशन जैसी सुविधाओं पर रोक या सीमाएं शामिल हैं। नाबालिगों की प्रोफाइल डिफॉल्ट रूप से निजी रखने और अजनबियों के अनचाहे संपर्क को रोकने का भी प्रस्ताव है।

AI चैटबॉट और उम्र की जांच

प्रस्ताव के तहत बच्चों के लिए AI चैटबॉट और AI companions को डिफॉल्ट रूप से बंद रखने की व्यवस्था होगी। साथ ही सोशल मीडिया और वीडियो-शेयरिंग प्लेटफॉर्म को नए अकाउंट बनाते समय उम्र की जांच करनी होगी। यूरोपीय आयोग इसके लिए प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए EU age-verification app का इस्तेमाल करने का विकल्प भी दे रहा है।

अभी कानून नहीं बना है

EU KIDS Act फिलहाल प्रस्ताव है। इसे अब यूरोपीय संसद और यूरोपीय संघ की परिषद में विचार-विमर्श और बातचीत की प्रक्रिया से गुजरना होगा। अंतिम कानून बनने से पहले इसके प्रावधानों में बदलाव भी हो सकते हैं।

इस प्रस्ताव के जरिए यूरोपीय आयोग बच्चों के डिजिटल अधिकारों और ऑनलाइन सुरक्षा के लिए पूरे यूरोपीय संघ में एक समान नियम स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

Back to top button