VISTAR Scheme: केंद्रीय कैबिनेट ने VISTAR योजना को दी मंजूरी, ₹4,371 करोड़ होंगे खर्च; देश की सांख्यिकी व्यवस्था में आएगा बड़ा बदलाव ???

VISTAR योजना को कैबिनेट की मंजूरी, ₹4,371 करोड़ से बदलेगी देश की सांख्यिकी व्यवस्था...

VISTAR Yojana 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए VISTAR योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना पर अगले पांच वर्षों में 4,371.10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य देश की सांख्यिकी व्यवस्था को आधुनिक बनाना, आंकड़ों की गुणवत्ता सुधारना और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बेहतर नीतिगत फैसले लेने में मदद करना है।

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश की सांख्यिकी और डेटा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 4 नवंबर 2026 को ‘विकसित भारत इनिशिएटिव फॉर स्टैटिस्टिकल ट्रांसफॉर्मेशन, एनालिटिक्स एंड रिसर्च’ (VISTAR) योजना को मंजूरी दे दी। यह एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसे वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने कुल 4,371.10 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य भारत की आधिकारिक सांख्यिकी प्रणाली को अधिक आधुनिक, पारदर्शी, डिजिटल और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है। इसके तहत सरकारी आंकड़ों को समय पर एकत्र करने, उनका विश्लेषण करने और अलग-अलग क्षेत्रों से संबंधित सटीक जानकारी उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

सरकार का मानना है कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सटीक और भरोसेमंद आंकड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि और आर्थिक विकास से जुड़ी योजनाएं तैयार की जा सकेंगी।

क्या है VISTAR योजना और इसका क्या उद्देश्य है?

VISTAR का पूरा नाम ‘Viksit Bharat Initiative for Statistical Transformation, Analytics & Research’ है। यह योजना देश की सांख्यिकी व्यवस्था को नई तकनीक और आधुनिक डेटा प्रबंधन प्रणाली से जोड़ने के लिए शुरू की जा रही है।

इस योजना के माध्यम से सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) की विभिन्न सर्वेक्षण और डेटा प्रबंधन गतिविधियों को एक व्यापक ढांचे के अंतर्गत लाया जाएगा।

VISTAR योजना के तहत आंकड़ों को एकत्र करने की प्रक्रिया को डिजिटल बनाया जाएगा। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल करके डेटा की जांच, सत्यापन और विश्लेषण को बेहतर बनाया जाएगा।

इससे सरकार को देश की आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों को अधिक स्पष्ट रूप से समझने में मदद मिलेगी। साथ ही योजनाओं को जरूरतमंद क्षेत्रों तक पहुंचाने और सरकारी संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने में भी सहायता मिलेगी।

VISTAR योजना के तीन प्रमुख घटक

सरकार ने इस योजना को तीन प्रमुख घटकों में विभाजित किया है। इनका उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर से लेकर राज्य और स्थानीय स्तर तक सांख्यिकी व्यवस्था को मजबूत बनाना है।

1. व्यापक सांख्यिकीय संचालन और इकोसिस्टम को मजबूत करना

इस घटक के अंतर्गत देशभर में बड़े पैमाने पर सर्वेक्षण किए जाएंगे। आंकड़ों को एकत्र करने और उनका विश्लेषण करने के लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।

मंत्रालय की योजना 16वें वित्त आयोग के चक्र के दौरान कुल 59 सर्वेक्षण कराने की है। इससे पहले पिछले चक्र में 43 प्रमुख सर्वेक्षण किए गए थे। नए सर्वेक्षणों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े आंकड़ों की कमी को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।

2. सांख्यिकीय सुदृढ़ीकरण के लिए सहायता (SSS 2.0)

इस घटक के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सांख्यिकी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता दी जाएगी।

इसका उद्देश्य जिला स्तर तक अधिक सटीक आंकड़े उपलब्ध कराना है। इससे राज्यों को अपने यहां रोजगार, घरेलू उपभोग, आर्थिक गतिविधियों और औद्योगिक विकास से संबंधित बेहतर जानकारी मिल सकेगी।

इसके अलावा राज्य और जिला स्तर पर सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के अनुमान तैयार करने की क्षमता भी विकसित की जाएगी।

3. आर्थिक गणना (Economic Census)

VISTAR योजना के अंतर्गत आठवीं आर्थिक गणना (8th Economic Census) भी कराई जाएगी। इसे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से पूरा किया जाएगा।

इस गणना में गैर-कृषि प्रतिष्ठानों, उनकी आर्थिक गतिविधियों और वहां काम करने वाले कर्मचारियों से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। इसका डेटा ग्राम पंचायत और शहरी वार्ड स्तर तक उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

इससे देश के असंगठित क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को समझने और GDP में उसके योगदान का अनुमान लगाने में मदद मिलेगी।

AI और मशीन लर्निंग से बदलेगी आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया

VISTAR योजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) का इस्तेमाल शामिल है।

सरकार आंकड़ों की प्रोसेसिंग, जांच और विश्लेषण में इन आधुनिक तकनीकों को शामिल करेगी। इससे डेटा में होने वाली गलतियों को पहचानना और उन्हें सुधारना आसान होगा।

इसके अलावा मोबाइल फोन, रिटेल स्कैनर और ई-कॉमर्स से मिलने वाले आंकड़ों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इन वैकल्पिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पारंपरिक सर्वेक्षणों को बेहतर बनाने में मदद करेगी।

इससे सर्वेक्षणों पर लोगों का बोझ कम करने, आंकड़ों की कमी दूर करने और सरकारी फैसलों को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

नए आर्थिक सूचकांक भी होंगे जारी

इस योजना के अंतर्गत देश की आर्थिक गतिविधियों को बेहतर तरीके से मापने के लिए नए सूचकांक विकसित करने की भी योजना है।

इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • Headline Index of Services Production: सेवा क्षेत्र में उत्पादन और गतिविधियों की स्थिति समझने के लिए।

  • Index of Unincorporated Sector Enterprises: असंगठित और गैर-निगमित उद्यमों की आर्थिक गतिविधियों का आकलन करने के लिए।

इन सूचकांकों से सेवा क्षेत्र और असंगठित कारोबार की वास्तविक स्थिति समझने में मदद मिलेगी।

युवाओं और शोधकर्ताओं को भी मिलेगा अवसर

VISTAR योजना के तहत विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए भी नए अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।

इसके लिए इंटर्नशिप योजनाओं और शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों से प्राप्त रिसर्च प्रस्तावों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे युवाओं को सांख्यिकी, डेटा विश्लेषण और सरकारी शोध कार्यों से जुड़ने का अवसर मिल सकता है।

सरकार का उद्देश्य देश में डेटा आधारित शोध को बढ़ावा देना और सांख्यिकी क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार करना भी है।

विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में मिलेगी मदद

भारत सरकार का विकसित भारत 2047 का लक्ष्य देश को विकसित राष्ट्र बनाना है। इसके लिए आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के विस्तार पर ध्यान दिया जा रहा है।

VISTAR योजना इन सभी क्षेत्रों के लिए विश्वसनीय आंकड़े उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

जब सरकार के पास जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सटीक आंकड़े होंगे, तो योजनाओं को जरूरत के अनुसार तैयार करना आसान होगा। इससे सरकारी नीतियों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन भी बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।

कुल मिलाकर, VISTAR योजना भारत की सांख्यिकी व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आने वाले पांच वर्षों में इसके माध्यम से सर्वेक्षण प्रणाली, आर्थिक गणना, डेटा विश्लेषण और शोध के क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

स्रोत: भारत सरकार, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI)।

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