Income Tax Return New Rules 2026: पहली बार ITR फाइल करने वाले जरूर देखें यह चेकलिस्ट, नहीं तो अटक सकता है रिटर्न

पहली बार ITR फाइल कर रहे हैं? जानें 2026 की पूरी चेकलिस्ट

ITR फाइल करने से पहले Form 26AS, AIS, सही ITR फॉर्म और जरूरी दस्तावेज जांचें। पहली बार रिटर्न भरने वालों के लिए आसान गाइड।
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नई दिल्ली। आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने का सीजन शुरू हो चुका है और पहली बार रिटर्न भरने वाले लाखों करदाताओं के लिए यह प्रक्रिया थोड़ी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि जल्दबाजी में गलत जानकारी भरने या जरूरी दस्तावेजों का मिलान न करने से रिटर्न अटक सकता है, रिफंड में देरी हो सकती है या आयकर विभाग की ओर से नोटिस भी आ सकता है। आयकर विभाग भी करदाताओं को रिटर्न दाखिल करने से पहले Form 16, Form 26AS और Annual Information Statement (AIS) का मिलान करने की सलाह दे रहा है।

सबसे पहले सही ITR फॉर्म चुनें

पहली बार रिटर्न भरने वालों के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम सही ITR फॉर्म का चयन है। यदि आपकी आय केवल वेतन, एक मकान और अन्य सामान्य स्रोतों (जैसे बैंक ब्याज) से है तथा निर्धारित सीमा के भीतर है, तो आमतौर पर ITR-1 उपयुक्त होता है। वहीं, यदि आपके पास शेयर, म्यूचुअल फंड, संपत्ति बिक्री से पूंजीगत लाभ या विदेशी संपत्ति जैसी आय है तो अलग फॉर्म भरना पड़ सकता है। गलत फॉर्म चुनने पर रिटर्न दोषपूर्ण (Defective Return) माना जा सकता है।

Form 26AS और AIS का मिलान क्यों जरूरी?

Form 26AS में आपके नाम पर जमा TDS, एडवांस टैक्स और कुछ वित्तीय लेनदेन की जानकारी होती है, जबकि AIS में बैंक ब्याज, डिविडेंड, शेयर लेनदेन, म्यूचुअल फंड निवेश और अन्य वित्तीय गतिविधियों का विस्तृत रिकॉर्ड दिखाई देता है। यदि ITR में दी गई जानकारी इन रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती, तो रिफंड में देरी या आयकर विभाग की ओर से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है।

ये दस्तावेज पहले से रखें तैयार

ITR भरने से पहले इन दस्तावेजों को तैयार रखें—

  • PAN और Aadhaar
  • Form 16 (यदि नौकरीपेशा हैं)
  • Form 26AS
  • AIS और TIS
  • बैंक स्टेटमेंट
  • सैलरी स्लिप
  • निवेश एवं टैक्स बचत के प्रमाण (80C, 80D आदि)
  • होम लोन स्टेटमेंट (यदि लागू हो)
  • कैपिटल गेन स्टेटमेंट (यदि शेयर या म्यूचुअल फंड में निवेश किया है)
  • बैंक ब्याज प्रमाणपत्र और किराया रसीद (यदि लागू हो)

नई टैक्स व्यवस्था का भी करें मूल्यांकन

वर्तमान में नई टैक्स व्यवस्था डिफॉल्ट विकल्प है। हालांकि, यदि आप पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत मिलने वाली कटौतियों और छूटों का लाभ लेना चाहते हैं, तो दोनों व्यवस्थाओं की तुलना करके ही विकल्प चुनें। अधिक टैक्स बचत किस व्यवस्था में होगी, इसका आकलन पहले कर लेना बेहतर रहेगा।

पहली बार ITR भरने वालों के लिए जरूरी सुझाव

  • सभी बैंक खातों का ब्याज शामिल करें।
  • यदि वर्ष में नौकरी बदली है तो सभी नियोक्ताओं की आय जोड़ें।
  • प्री-फिल्ड जानकारी को बिना जांचे स्वीकार न करें।
  • बैंक खाता और IFSC सही दर्ज करें ताकि रिफंड समय पर मिले।
  • रिटर्न जमा करने के बाद ई-वेरिफिकेशन (e-Verification) करना न भूलें, क्योंकि इसके बिना रिटर्न की प्रक्रिया पूरी नहीं मानी जाती।

समय सीमा का रखें ध्यान

यदि आप ऐसे व्यक्तिगत करदाता हैं जिनका टैक्स ऑडिट आवश्यक नहीं है, तो 31 जुलाई तक ITR दाखिल करना महत्वपूर्ण है। अंतिम समय तक इंतजार करने के बजाय समय रहते सभी दस्तावेजों का मिलान कर रिटर्न दाखिल करना बेहतर रहता है।

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