NDA बैठक में PM मोदी का बड़ा संदेश: ‘पेपर लीक राजनीतिक विषय नहीं, दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा’
PM मोदी बोले- पेपर लीक राजनीति नहीं, दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा
नई दिल्ली। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की अहम बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में चर्चा का विषय बने परीक्षा पेपर लीक मामलों पर स्पष्ट और सख्त संदेश दिया। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने बैठक के बाद जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक किसी भी प्रकार से राजनीति का विषय नहीं है, बल्कि यह देश के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस तरह की घटनाओं में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई ही सरकार की प्राथमिकता है। उनके अनुसार, परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
NEET पेपर लीक पर भी हुई चर्चा
किरण रिजिजू ने बताया कि एनडीए की बैठक में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET से जुड़े पेपर लीक के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से छात्रों और अभिभावकों का भरोसा प्रभावित होता है, इसलिए सरकार इसे बेहद गंभीरता से ले रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित तथा तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के प्रयास भी जारी रहेंगे।
युवाओं का विश्वास बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता
प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में कहा कि देश के करोड़ों युवाओं की मेहनत और सपनों की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर किसी भी तरह का आंच नहीं आने दिया जाएगा। सरकार ऐसी व्यवस्था विकसित करने की दिशा में काम कर रही है जिससे परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बने।
उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जाएंगे और संबंधित एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
विपक्ष पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि पेपर लीक जैसे संवेदनशील मुद्दों को राजनीतिक लाभ-हानि के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा विषय है, इसलिए सभी दलों को जिम्मेदारी के साथ इस पर सहयोग करना चाहिए।
सरकार का संदेश
प्रधानमंत्री के बयान से स्पष्ट संकेत मिला कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक रोकने के लिए कठोर नीति अपनाने के पक्ष में है। सरकार का मानना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।





