Lonely Planet Best in Travel 2027: भारत के गुजरात और दार्जिलिंग को मिली वैश्विक पहचान, टॉप ट्रैवल लिस्ट में शामिल???

नई दिल्ली, 25 सितंबर 2026: भारत के पर्यटन और विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी पहचान मिली है। मशहूर ट्रैवल गाइड Lonely Planet ने अपनी Best in Travel 2027 सूची जारी की है, जिसमें भारत के गुजरात और दार्जिलिंग को शामिल किया गया है। गुजरात को दुनिया के 25 प्रमुख गंतव्यों में जगह मिली है, जबकि दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे (Darjeeling Himalayan Railway) को 25 प्रमुख ट्रैवल एक्सपीरियंस में शामिल किया गया है।

50 स्थानों और अनुभवों की सूची

Lonely Planet की Best in Travel 2027 सूची में कुल 50 स्थान और अनुभव शामिल किए गए हैं। इसमें 25 destinations और 25 experiences हैं। सूची में दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों के पर्यटन स्थलों और यात्राओं को शामिल किया गया है।

भारत से इस सूची में गुजरात और दार्जिलिंग की एंट्री हुई है। गुजरात को destination category में जबकि दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे को experience category में स्थान मिला है।

गुजरात को क्यों मिली जगह?

Lonely Planet ने गुजरात को “Best for salt flats and wild lions” के रूप में प्रस्तुत किया है। यानी राज्य की पहचान यहां के विशाल नमक के मैदानों और खुले जंगलों में घूमने वाले एशियाई शेरों से भी जुड़ी है।

गुजरात का कच्छ का रण, गिर क्षेत्र, लंबा समुद्री तट, ऐतिहासिक शहर, मंदिर, पुरातात्विक स्थल और पारंपरिक हस्तशिल्प इसे विविध पर्यटन अनुभव प्रदान करते हैं।

विशेष रूप से गिर राष्ट्रीय उद्यान एशियाई शेरों के लिए जाना जाता है। वहीं कच्छ का रण अपने विशाल सफेद नमक के मैदानों के कारण देश और दुनिया के पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है।

Lonely Planet ने गुजरात के बारे में बताते हुए इसके नमक के मैदानों, समुद्री तट, ऐतिहासिक कस्बों, वन्यजीवन और पारंपरिक हस्तशिल्प को प्रमुख आकर्षणों के तौर पर रेखांकित किया है।

दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे को मिला खास सम्मान

भारत की दूसरी बड़ी एंट्री दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे की है। इसे Lonely Planet ने वर्ष 2027 के 25 प्रमुख travel experiences में शामिल किया है।

दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे को आमतौर पर Toy Train के नाम से जाना जाता है। पहाड़ों के बीच चलने वाली यह ऐतिहासिक ट्रेन यात्रियों को दार्जिलिंग के खूबसूरत पहाड़ी और चाय बागान वाले इलाकों का अनोखा अनुभव देती है।

Lonely Planet ने इसे “Best for a Toy Train journey” के तौर पर पेश किया है। उसके अनुसार दार्जिलिंग में पर्यटकों के लिए ट्रेन की यात्रा ही अपने आप में एक प्रमुख अनुभव है।

14 किलोमीटर की यात्रा में खास अनुभव

दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे के दार्जिलिंग-घूम सेक्शन की यात्रा करीब 14 किलोमीटर की है और इसे पूरा करने में लगभग दो घंटे लग सकते हैं। सामान्य ट्रेन यात्रा की तुलना में यह सफर काफी धीमा है, लेकिन यही इसकी खासियत है।

यात्रा के दौरान यात्रियों को पहाड़ी ढलानों, चाय बागानों और दार्जिलिंग के आसपास के प्राकृतिक दृश्यों को करीब से देखने का मौका मिलता है।

UNESCO World Heritage Site है दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे

दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे केवल एक पर्यटन आकर्षण ही नहीं बल्कि भारत की महत्वपूर्ण रेलवे विरासत का हिस्सा है। इसे 1999 में UNESCO World Heritage Site के रूप में मान्यता मिली थी।

दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे का निर्माण 19वीं सदी के अंत में हुआ था। यह न्यू जलपाईगुड़ी से दार्जिलिंग तक पहाड़ी क्षेत्र को जोड़ने वाली ऐतिहासिक रेलवे व्यवस्था है। इसकी इंजीनियरिंग और पहाड़ी इलाके में रेलवे संचालन की तकनीक इसे खास बनाती है।

दार्जिलिंग में Toy Train के अलावा भी कई आकर्षण

Lonely Planet ने दार्जिलिंग की यात्रा के दौरान Toy Train के अलावा Tiger Hill, चाय संस्कृति, तिब्बती संस्कृति और धार्मिक स्थलों को भी देखने की सलाह दी है।

दार्जिलिंग लंबे समय से अपने चाय बागानों, हिमालयी दृश्यों और औपनिवेशिक दौर की विरासत के लिए प्रसिद्ध रहा है। Toy T

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