मिजोरम की महिला किसान लालरिथांगी को मिलेगा FAO का ‘100 Women Heroes’ सम्मान, स्ट्रॉबेरी की खेती से बनाई पहचान ???

मिजोरम की लालरिथांगी को मिलेगा FAO 100 Women Heroes सम्मान...

आइजोल, 25 सितंबर 2026: मिजोरम के लॉन्गतलाई जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर स्ट्रॉबेरी की खेती को अपनी आजीविका का साधन बनाने वाली महिला किसान जेड टी लालरिथांगी (Z T Lalrithangi) को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने उन्हें ‘FAO 100 Women Heroes in Agrifood Systems and Rural Development’ के लिए चुना है।

लालरिथांगी को यह सम्मान International Year of Women Farmers 2026 के तहत दिया जा रहा है। वह दुनिया के 131 देशों से प्राप्त 600 से अधिक नामांकनों में चुनी गई 100 महिलाओं में शामिल हैं। भारत से इस सम्मान के लिए कुल दो महिलाओं का चयन हुआ है।

रोम में होगा सम्मान समारोह

लालरिथांगी को यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान इटली के रोम स्थित FAO मुख्यालय में होने वाले World Food Forum के दौरान दिया जाएगा। यह कार्यक्रम 12 से 16 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जाना है।

FAO की ओर से लालरिथांगी को 21 सितंबर को ईमेल के माध्यम से उनके चयन की जानकारी दी गई थी। मिजोरम के बागवानी विभाग ने भी उन्हें उनके चयन के बारे में जानकारी दी थी।

कौन हैं Z T Lalrithangi?

Z T Lalrithangi, जिन्हें Pi Mari-i के नाम से भी जाना जाता है, मिजोरम के दक्षिणी हिस्से में स्थित Lawngtlai जिले के Sangau गांव की रहने वाली हैं। वह पहले एक निजी स्कूल में शिक्षक के रूप में काम करती थीं।

उन्होंने समाजशास्त्र में पोस्टग्रेजुएशन किया है। सरकारी नौकरी के लिए कई प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रयास करने के बाद उन्होंने खेती को अपना व्यवसाय बनाने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू की और धीरे-धीरे इसे आय के एक महत्वपूर्ण स्रोत में बदल दिया।

2024 में शुरू की स्ट्रॉबेरी की खेती

लालरिथांगी ने वर्ष 2024 में स्ट्रॉबेरी की खेती का प्रयोग शुरू किया। उन्हें पड़ोसी सियाहा जिले में कुछ किसानों द्वारा स्ट्रॉबेरी की सफल खेती किए जाने की जानकारी मिली थी।

शुरुआत में उन्होंने करीब 1,000 पौधों के साथ खेती शुरू की। शुरुआती उत्पादन से लगभग 1.5 लाख रुपये की आय होने के बाद उन्होंने खेती का विस्तार करने का फैसला किया। अब वह करीब दो हेक्टेयर जमीन पर 10 हजार से अधिक स्ट्रॉबेरी पौधे उगा रही हैं।

स्ट्रॉबेरी से 2025 में 10 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई

लालरिथांगी की खेती केवल ताजा स्ट्रॉबेरी बेचने तक सीमित नहीं है। उन्होंने स्ट्रॉबेरी से अलग-अलग वैल्यू-एडेड उत्पाद तैयार करने की दिशा में भी काम किया है।

रिपोर्टों के अनुसार, वर्ष 2025 में उनकी स्ट्रॉबेरी खेती से 10 लाख रुपये से अधिक की आय हुई। वह स्ट्रॉबेरी से तैयार उत्पादों में भी काम कर रही हैं। इनमें स्ट्रॉबेरी वाइन, डिहाइड्रेटेड स्ट्रॉबेरी और कैंडी जैसे उत्पाद शामिल हैं। इसके अलावा कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) के साथ मिलकर स्ट्रॉबेरी जूस तैयार करने पर भी काम किया जा रहा है।

बिना औपचारिक प्रशिक्षण के सीखी खेती की तकनीक

लालरिथांगी के कृषि सफर की खास बात यह है कि स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू करने से पहले उनके पास इस फसल की औपचारिक ट्रेनिंग नहीं थी।

उन्होंने इंटरनेट पर उपलब्ध खेती से जुड़े ट्यूटोरियल और अन्य किसानों से जानकारी हासिल की। इसके बाद खेती के तरीकों को अपने खेत में प्रयोग के तौर पर अपनाया और धीरे-धीरे उत्पादन बढ़ाया।

पहले भी मिल चुका है राज्य स्तर का सम्मान

FAO के अंतरराष्ट्रीय सम्मान से पहले भी लालरिथांगी को मिजोरम में उनके कृषि कार्य के लिए पहचान मिल चुकी है। उन्हें Horti Fair Mizoram 2026 में Lawngtlai जिले का Best Farmer चुना गया था।

अब FAO की 100 Women Heroes सूची में चयन होने के बाद उनके कृषि कार्य को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिली है।

भारत से चुनी गईं दो महिलाओं में शामिल

FAO के इस सम्मान के लिए दुनिया के 131 देशों से 600 से अधिक महिलाओं के नामांकन प्राप्त हुए थे। इनमें से 100 महिलाओं को चुना गया है।

लालरिथांगी भारत से चयनित दो महिलाओं में से एक हैं। रिपोर्टों के अनुसार, वह इस वैश्विक सम्मान को हासिल करने वाली पहली मिजो महिला हैं।

International Year of Women Farmers 2026 से जुड़ा सम्मान

वर्ष 2026 को International Year of the Woman Farmer के रूप में मनाया जा रहा है। FAO के अनुसार इस पहल का उद्देश्य कृषि और खाद्य प्रणालियों में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को सामने लाना तथा महिला किसानों के सामने मौजूद संसाधन, वित्त, तकनीक, प्रशिक्षण और सेवाओं से जुड़ी चुनौतियों पर ध्यान आकर्षित करना है।

इसी वैश्विक पहल के तहत FAO ने कृषि और ग्रामीण विकास में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 100 महिलाओं की कहानियों को सामने लाने के लिए यह पहचान शुरू की है।

मिजोरम की स्ट्रॉबेरी खेती को मिली वैश्विक पहचान

लालरिथांगी की कहानी मिजोरम में हाई-वैल्यू हॉर्टिकल्चर और कृषि विविधीकरण की संभावनाओं को भी सामने लाती है। पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के लिए पारंपरिक फसलों के अलावा फल और बागवानी आधारित खेती आय के नए अवसर पैदा कर सकती है।

लालरिथांगी ने स्ट्रॉबेरी उत्पादन के साथ-साथ उसके प्रसंस्करण और वैल्यू एडेड उत्पादों पर भी ध्यान दिया है। इससे कृषि उत्पादन को बाजार से जोड़ने और किसानों की आय बढ़ाने की संभावनाएं सामने आती हैं।

निष्कर्ष

मिजोरम के लॉन्गतलाई जिले के सांगाऊ गांव की Z T Lalrithangi का स्ट्रॉबेरी खेती से शुरू हुआ सफर अब अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच गया है। FAO ने उन्हें 100 Women Heroes in Agrifood Systems and Rural Development में शामिल किया है।

131 देशों से आए 600 से अधिक नामांकनों में से चुनी गई 100 महिलाओं में शामिल लालरिथांगी भारत की दो चयनित महिलाओं में से एक हैं। अक्टूबर 2026 में रोम स्थित FAO मुख्यालय में World Food Forum के दौरान उन्हें यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।

 

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