तमिलनाडु सरकार का बड़ा ऐलान, ‘अन्नापूरणी सुपर सिक्स’ LPG योजना के तहत हर साल मिलेंगे 3 मुफ्त गैस सिलेंडर ???
तमिलनाडु में अन्नापूरणी सुपर सिक्स योजना, मिलेंगे 3 मुफ्त LPG सिलेंडर....
Annapoorani Super Six LPG Scheme: तमिलनाडु सरकार ने आम परिवारों को रसोई गैस की बढ़ती कीमतों से राहत देने के लिए एक बड़ी कल्याणकारी योजना की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने राज्य विधानसभा में ‘अन्नापूरणी सुपर सिक्स’ (Annapoorani Super Six) योजना का ऐलान किया। योजना के तहत पात्र परिवारों को हर वर्ष तीन घरेलू LPG गैस सिलेंडर की लागत उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार के अनुसार, इससे करीब 1.30 करोड़ परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है और योजना पर सालाना लगभग 4,000 करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं।
पोंगल 2027 से लागू होगी योजना
तमिलनाडु सरकार ने घोषणा की है कि अन्नापूरणी सुपर सिक्स योजना को अगले वर्ष जनवरी में पोंगल के अवसर से लागू करने की तैयारी है। पात्र परिवारों को LPG सिलेंडर का लाभ प्रत्यक्ष नकद सहायता के रूप में दिया जाएगा। यानी उपभोक्ता के सिलेंडर बुक करने और डिलीवरी होने के बाद, आधिकारिक बिल के आधार पर सिलेंडर की राशि परिवार की महिला मुखिया के बैंक खाते में जमा की जाएगी।
किन परिवारों को मिलेगा योजना का लाभ?
घोषणा के अनुसार, योजना का लाभ मुख्य रूप से आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को देने का लक्ष्य रखा गया है। पात्रता में शामिल परिवारों के लिए सालाना आय सीमा 2.5 लाख रुपये तक बताई गई है।
योजना के तहत इन वर्गों को प्राथमिकता दी जा सकती है—
- आर्थिक रूप से कमजोर परिवार
- 2.5 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले पात्र परिवार
- छोटे और सीमांत किसानों के परिवार
- दिव्यांग व्यक्तियों के परिवार
- अन्य कमजोर और जरूरतमंद वर्ग
सरकार का अनुमान है कि इन मानकों के तहत लगभग 1.30 करोड़ परिवार योजना के दायरे में आ सकते हैं।
महिला मुखिया के बैंक खाते में पहुंचेगी राशि
योजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर है। सरकार के अनुसार, पात्र परिवार की महिला मुखिया के बैंक खाते में LPG सिलेंडर की लागत जमा की जाएगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य लाभार्थी तक सहायता राशि सीधे पहुंचाना और पारदर्शिता बनाए रखना है। उपभोक्ता को सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी की प्रक्रिया पूरी करनी होगी, जिसके बाद आधिकारिक बिलिंग के आधार पर राशि ट्रांसफर की जाएगी।
रसोई गैस की बढ़ती लागत से राहत
LPG सिलेंडर आज हर घर की जरूरी जरूरत बन चुका है। खासतौर पर निम्न और मध्यम आय वाले परिवारों के लिए गैस रिफिल का खर्च घरेलू बजट पर बड़ा असर डाल सकता है। ऐसे में साल में तीन सिलेंडर की लागत सरकार द्वारा उपलब्ध कराने से पात्र परिवारों के मासिक और वार्षिक खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार ने इस योजना को घरेलू खर्च का बोझ कम करने और परिवारों के कल्याण से जोड़कर पेश किया है।
चुनावी वादे के बाद बदले स्वरूप पर सियासत भी तेज
अन्नापूरणी सुपर सिक्स योजना को लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। विपक्षी बीजेपी ने आरोप लगाया है कि चुनाव के दौरान साल में छह मुफ्त LPG सिलेंडर देने का वादा किया गया था, जबकि अब घोषित योजना में पहले चरण में तीन सिलेंडर का प्रावधान किया गया है।
राज्य सरकार की नई घोषणा के अनुसार, मौजूदा योजना पात्र परिवारों के लिए सालाना तीन LPG सिलेंडर की लागत उपलब्ध कराने की है। इस मुद्दे पर आने वाले समय में तमिलनाडु की राजनीति में बहस तेज रहने की संभावना है।
महिलाओं को केंद्र में रखकर बड़ा कल्याणकारी कदम
यह योजना विशेष रूप से परिवार की महिला मुखिया को केंद्र में रखकर बनाई गई है। गैस सिलेंडर का खर्च सीधे घरेलू बजट से जुड़ा होता है और इसकी कीमतों में बढ़ोतरी का असर सबसे पहले रसोई के खर्च पर पड़ता है।
महिला मुखिया के बैंक खाते में राशि भेजने की व्यवस्था से महिलाओं की वित्तीय भागीदारी और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण को भी बढ़ावा मिल सकता है।
1.30 करोड़ परिवारों तक पहुंचने का लक्ष्य
तमिलनाडु जैसे बड़े राज्य में करीब 1.30 करोड़ परिवारों को योजना के दायरे में लाने का लक्ष्य इसे एक बड़े सामाजिक कल्याण कार्यक्रम के रूप में स्थापित करता है। यदि योजना तय समय पर लागू होती है, तो बड़ी संख्या में परिवारों को हर वर्ष रसोई गैस रिफिल के खर्च से राहत मिल सकती है।
सरकार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती पात्र लाभार्थियों की पहचान, बैंक खातों की सत्यापन प्रक्रिया और LPG कंपनियों की बिलिंग व्यवस्था के साथ प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करना होगी।
निष्कर्ष
तमिलनाडु सरकार की ‘अन्नापूरणी सुपर सिक्स’ LPG योजना रसोई गैस के बढ़ते खर्च से जूझ रहे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल तीन LPG सिलेंडर की लागत सीधे बैंक खाते में उपलब्ध कराने की घोषणा की गई है।
करीब 1.30 करोड़ परिवारों को लाभ पहुंचाने और लगभग 4,000 करोड़ रुपये के वार्षिक खर्च वाली यह योजना तमिलनाडु सरकार के बड़े कल्याणकारी कार्यक्रमों में शामिल हो सकती है। अब सभी की नजर इसके जनवरी 2027 में प्रस्तावित क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक पहुंचने वाली वास्तविक व्यवस्था पर रहेगी।





