आजम खान को बड़ा झटका, DM पर ‘तनखैया’ टिप्पणी मामले में 2 साल की सजा बरकरार, कोर्ट ने खारिज की अपील
आजम खान को बड़ा झटका, 'तनखैया' टिप्पणी मामले में 2 साल की सजा बरकरार
आजम खान को बड़ा झटका, DM पर ‘तनखैया’ टिप्पणी मामले में 2 साल की सजा बरकरार, कोर्ट ने खारिज की अपील
रामपुर: समाजवादी पार्टी (SP) के वरिष्ठ नेता आजम खान को वर्ष 2019 के चर्चित ‘तनखैया’ टिप्पणी मामले में बड़ा कानूनी झटका लगा है। रामपुर की एमपी-एमएलए विशेष सत्र अदालत ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई दो साल की सजा के खिलाफ दायर उनकी अपील खारिज कर दी है। इसके साथ ही निचली अदालत का फैसला बरकरार रहेगा।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान रामपुर के भोट क्षेत्र में आयोजित एक चुनावी सभा से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार, चुनाव प्रचार के दौरान आजम खान ने तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट (DM) को “तनखैया” कहकर संबोधित किया था और समर्थकों से कहा था कि उनसे डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कथित तौर पर कहा था कि चुनाव जीतने के बाद अधिकारियों से अपने जूते साफ करवाएंगे। इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया और मामला दर्ज हुआ।
अदालत ने क्या फैसला सुनाया?
विशेष एमपी-एमएलए सत्र अदालत ने आजम खान की अपील को खारिज करते हुए निचली अदालत द्वारा सुनाई गई दो वर्ष की सजा और ₹5,000 के जुर्माने को बरकरार रखा। अदालत ने माना कि अपील में ऐसा कोई आधार नहीं मिला जिससे निचली अदालत के फैसले में हस्तक्षेप किया जाए।
निचली अदालत ने कब सुनाई थी सजा?
विशेष मजिस्ट्रेट अदालत ने 16 मई 2026 को इस मामले में आजम खान को दोषी ठहराते हुए दो साल के कारावास और ₹5,000 के जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके बाद उन्होंने सत्र अदालत में अपील दायर की थी, जिसे अब खारिज कर दिया गया है।
दूसरे मामले में मिली राहत
इसी चुनावी अभियान से जुड़े एक अन्य मामले में अदालत ने आजम खान के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उनकी बरी किए जाने के आदेश को बरकरार रखा। यानी एक मामले में उन्हें राहत मिली, जबकि ‘तनखैया’ टिप्पणी वाले मामले में सजा कायम रही।
आगे क्या हैं कानूनी विकल्प?
सत्र अदालत से अपील खारिज होने के बाद आजम खान के पास अब इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने का विकल्प मौजूद है। यदि वे आगे अपील करते हैं, तो वहां इस फैसले को चुनौती दे सकते हैं।
निष्कर्ष
रामपुर की एमपी-एमएलए विशेष सत्र अदालत के फैसले से समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को बड़ा झटका लगा है। 2019 के ‘तनखैया’ टिप्पणी मामले में उनकी दो साल की सजा बरकरार रहने से उनकी कानूनी मुश्किलें फिलहाल कम होती नहीं दिख रही हैं।





