एक्स बॉयफ्रेंड, पति और ऑस्ट्रेलिया वाली कहानी… दो साल बाद खुली जामनगर की सबसे उलझी मर्डर मिस्ट्री

दो साल बाद खुली जामनगर मर्डर मिस्ट्री, ऑस्ट्रेलिया की कहानी निकली झूठ

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एक्स बॉयफ्रेंड, पति और ऑस्ट्रेलिया वाली कहानी… दो साल बाद खुली जामनगर की सबसे उलझी मर्डर मिस्ट्री

दो साल तक ‘ऑस्ट्रेलिया’ की कहानी सुनाती रही पत्नी, गुमशुदगी की जांच ने खोला सनसनीखेज हत्या का राज

गुजरात के जामनगर से सामने आई एक सनसनीखेज मर्डर मिस्ट्री ने पूरे देश को चौंका दिया है। करीब दो साल पहले लापता हुए एक व्यक्ति के मामले में पुलिस ने ऐसा खुलासा किया है, जिसकी तुलना कई लोग फिल्म ‘दृश्यम’ जैसी कहानी से कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, जिस व्यक्ति को परिवार ऑस्ट्रेलिया में नौकरी कर रहा समझ रहा था, उसकी कथित तौर पर हत्या कर शव को एक फैक्ट्री के फर्श के नीचे दफना दिया गया था। इस मामले में मृतक की पत्नी, उसके कथित पूर्व प्रेमी (एक्स बॉयफ्रेंड) और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, पुलिस जांच अभी जारी है और आरोपों का अंतिम सत्य अदालत में तय होगा।

कैसे शुरू हुई पूरी कहानी?

पुलिस के मुताबिक मृतक जिग्नेश मावडिया मई 2024 से लापता था। उसकी पत्नी परिवार और रिश्तेदारों को लगातार यह बताती रही कि जिग्नेश नौकरी के लिए ऑस्ट्रेलिया चला गया है और वहां की कंपनी उसे फोन पर बात करने की अनुमति नहीं देती। इसी वजह से वह किसी से संपर्क नहीं कर पा रहा है। यह कहानी लगभग दो साल तक परिवार को सच लगती रही।

ऑस्ट्रेलिया जाने की कहानी पर कैसे हुआ शक?

मामले ने तब नया मोड़ लिया जब परिवार का एक सदस्य ऑस्ट्रेलिया जाने की तैयारी कर रहा था। उसने जिग्नेश का पता और संपर्क नंबर मांगा ताकि वहां मुलाकात की जा सके। पत्नी बार-बार कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकी। लगातार टालमटोल और विरोधाभासी जवाबों के बाद परिवार को शक हुआ और उन्होंने पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद जांच ने तेजी पकड़ ली।

पुलिस जांच में क्या सामने आया?

पुलिस की जांच के दौरान पत्नी से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामला हत्या की ओर मुड़ गया। पुलिस का आरोप है कि पत्नी ने अपने कथित पूर्व प्रेमी और उसके एक साथी के साथ मिलकर जिग्नेश की हत्या की साजिश रची। जांच के अनुसार, 31 मई 2024 की रात जिग्नेश को शराब पार्टी के बहाने एक औद्योगिक शेड में बुलाया गया, जहां कथित रूप से उसकी शराब में सायनाइड मिलाया गया। उसकी मौत के बाद शव को करीब 12 फीट गहरे गड्ढे में दफनाकर ऊपर कंक्रीट की मोटी परत डाल दी गई ताकि किसी को शक न हो।

दो साल बाद ऐसे मिला शव

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर फैक्ट्री परिसर में खुदाई कराई। कंक्रीट तोड़ने के लिए भारी मशीनों का इस्तेमाल करना पड़ा। खुदाई के दौरान कंकाल जैसे अवशेष बरामद हुए, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि उनकी पहचान की वैज्ञानिक पुष्टि की जा सके।

पत्नी, कथित प्रेमी और साथी गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी, उसके कथित पूर्व प्रेमी और एक अन्य सहयोगी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ हत्या, सबूत मिटाने और आपराधिक साजिश समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने और अन्य साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।

क्यों चर्चा में है यह मामला?

यह मामला इसलिए भी सुर्खियों में है क्योंकि इसमें कथित तौर पर हत्या के बाद लंबे समय तक एक झूठी कहानी गढ़कर परिवार को भ्रम में रखा गया। साथ ही शव को कंक्रीट के नीचे दफनाने और गुमशुदगी को विदेश जाने की कहानी से जोड़ने के कारण इस केस की तुलना फिल्मी कथानक से की जा रही है। हालांकि, पुलिस ने इसे वास्तविक आपराधिक जांच का मामला बताया है और कहा है कि सभी साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

निष्कर्ष

जामनगर की यह मर्डर मिस्ट्री दिखाती है कि कई बार वर्षों पुरानी गुमशुदगी भी नई जानकारी मिलने पर हत्या के मामले में बदल सकती है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है, फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है और अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी। जब तक न्यायिक प्रक्रिया पूरी नहीं होती, आरोपियों पर लगे आरोप सिद्ध नहीं माने जाएंगे।

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