सावन में बिना दूध के घर पर स्वादिष्ट राजस्थानी मीठी फीणी बनाएं। जानिए आसान रेसिपी, जरूरी सामग्री और कुरकुरी मिठाई बनाने के खास टिप्स।
बिना दूध घर पर बनाएं राजस्थानी मीठी फीणी, सावन में बढ़ेगा स्वाद और आनंद
बिना दूध के घर पर बनाएं राजस्थानी मीठी फीणी, सावन में लें पारंपरिक मिठास का स्वाद
सिर्फ आटा, घी और चीनी से तैयार होगी स्वादिष्ट मीठी फीणी, जेब पर भी नहीं पड़ेगा ज्यादा खर्च
सावन का महीना आते ही घरों में व्रत, पूजा और पारंपरिक व्यंजनों की रौनक बढ़ जाती है। ऐसे में अगर आप बाजार की महंगी मिठाइयों की बजाय घर पर कुछ खास बनाना चाहते हैं, तो राजस्थानी मीठी फीणी एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। खास बात यह है कि इस रेसिपी को बिना दूध के भी आसानी से बनाया जा सकता है। कम सामग्री, आसान विधि और लाजवाब स्वाद इसे सावन की खास मिठाइयों में शामिल करता है। फीणी राजस्थान की पारंपरिक मिठाई है, जिसे त्योहारों और विशेष अवसरों पर बड़े चाव से बनाया और परोसा जाता है।
मीठी फीणी बनाने के लिए सामग्री
4 लोगों के लिए आपको चाहिए—
- 2 कप मैदा
- 4–5 बड़े चम्मच देसी घी
- 1 कप चीनी
- 1 कप पानी
- ½ छोटी चम्मच इलायची पाउडर
- 8–10 बादाम (कटे हुए)
- 8–10 पिस्ता (कटे हुए)
- कुछ केसर के धागे (वैकल्पिक)
- तलने के लिए घी या रिफाइंड तेल
ऐसे तैयार करें स्वादिष्ट फीणी
सबसे पहले मैदा में थोड़ा-सा घी मिलाकर अच्छी तरह मसलें। इसके बाद जरूरत अनुसार पानी डालकर सख्त आटा गूंथ लें और 20–25 मिनट के लिए ढककर रख दें।
अब आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर उन्हें बहुत पतला बेलें। हर परत पर हल्का घी लगाते हुए कई परतें तैयार करें। फिर इन्हें रोल करके पतली-पतली स्ट्रिप्स में काटें और हल्के हाथों से गोल फीणी का आकार दें।
एक कड़ाही में घी या तेल गर्म करें और फीणी को धीमी आंच पर सुनहरा होने तक तल लें।
बिना दूध के मीठा स्वाद कैसे मिलेगा?
दूसरी ओर एक पैन में चीनी और पानी डालकर एक हल्की चाशनी तैयार करें। इसमें इलायची पाउडर और चाहें तो केसर मिला दें। तली हुई फीणी को कुछ सेकंड के लिए चाशनी में डुबोकर निकाल लें। ऊपर से बादाम और पिस्ता डालकर सजाएं। इस तरह बिना दूध के भी फीणी बेहद स्वादिष्ट और रसीली बनती है। इसी तरह पानी और चीनी से बनी मीठी सेवइयां भी बिना दूध के तैयार की जाती हैं।
सावन में क्यों है खास?
सावन में कई लोग दूध या भारी मिठाइयों की जगह हल्की और जल्दी बनने वाली पारंपरिक मिठाइयां पसंद करते हैं। फीणी कम समय में तैयार हो जाती है और इसे पूजा के भोग या मेहमानों के लिए भी परोसा जा सकता है।
स्वाद बढ़ाने के टिप्स
- घी का इस्तेमाल अच्छी गुणवत्ता वाला करें।
- फीणी को धीमी आंच पर ही तलें, इससे वह ज्यादा कुरकुरी बनेगी।
- चाशनी बहुत गाढ़ी न रखें, वरना फीणी सख्त हो सकती है।
- ऊपर से सूखे मेवे और केसर डालने से स्वाद और आकर्षक बन जाता है।
निष्कर्ष
अगर इस सावन आप घर पर कम खर्च में पारंपरिक मिठाई बनाना चाहते हैं, तो बिना दूध की राजस्थानी मीठी फीणी एक शानदार विकल्प है। इसे बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता और इसका कुरकुरा, मीठा स्वाद बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आता है।




