क्या रिजर्व पर बाइक चलाने से खराब होता है इंजन, क्या Reserve पर चल सकती है गाड़ी ???

लो फ्यूल वॉर्निंग आने पर बाइक कितने किलोमीटर चल सकती है? जानें रिजर्व में चलाने से इंजन और फ्यूल पंप पर असर...

Bike Care Tips:अगर आप अपनी बाइक को रिजर्व में चलाते हैं, तो क्या होते हैं नुकसान, जानें पूरी डिटेल - If You Ride Your Bike In Reserve, What Are The Disadvantages, Know

बाइक चलाते समय जैसे ही लो फ्यूल वॉर्निंग जलती है, ज्यादातर लोगों के मन में यही सवाल आता है कि अब गाड़ी कितनी दूर तक चलेगी। कई लोग इसे बाइक के रिजर्व में आने के रूप में देखते हैं और सोचते हैं कि शायद अभी कई किलोमीटर आराम से चलाया जा सकता है। लेकिन क्या लंबे समय तक कम पेट्रोल में बाइक चलाने से इंजन खराब हो सकता है? और आखिर Reserve पर बाइक कितने किलोमीटर तक चल सकती है? आइए आसान भाषा में समझते हैं।

क्या रिजर्व पर बाइक चलाने से इंजन खराब होता है?

सीधी बात करें तो कभी-कभी कम फ्यूल में बाइक चलाने से इंजन तुरंत खराब नहीं होता, लेकिन इसे आदत बनाना सही नहीं है। आधुनिक बाइकों में फ्यूल टैंक के अंदर मौजूद पेट्रोल पंप को ठंडा रखने में फ्यूल की भी भूमिका होती है। लगातार बहुत कम फ्यूल लेवल पर बाइक चलाने से पंप पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

Reserve Fuel Effects On Bike: रिजर्व में बाइक चलाने से क्या खराब हो जाता है इंजन, जानें किस पार्ट पर पड़ता है सबसे ज्यादा असर? | does running a bike on reserve

इसके अलावा टैंक के बिल्कुल नीचे मौजूद गंदगी, जंग या दूसरे कण लंबे समय में फ्यूल फिल्टर और फ्यूल सिस्टम तक पहुंचने का खतरा बढ़ा सकते हैं। इसलिए बाइक को बार-बार बिल्कुल खाली होने तक चलाना बेहतर विकल्प नहीं माना जाता।

Reserve पर कितने किलोमीटर चल सकती है बाइक?

इसका कोई एक निश्चित जवाब नहीं है, क्योंकि हर बाइक का फ्यूल टैंक, रिजर्व क्षमता और माइलेज अलग होता है। आमतौर पर पुरानी बाइकों में रिजर्व फ्यूल लगभग 1 से 2 लीटर के आसपास हो सकता है।

अगर किसी बाइक में 1.5 लीटर फ्यूल बचा है और उसका माइलेज 50 किमी प्रति लीटर है, तो सैद्धांतिक रूप से बाइक लगभग 75 किलोमीटर तक चल सकती है। हालांकि वास्तविक दूरी ट्रैफिक, स्पीड, सड़क और बाइक की स्थिति पर निर्भर करेगी।

इसलिए लो फ्यूल वॉर्निंग आने के बाद मिलने वाली दूरी को हमेशा सुरक्षित मानकर पूरा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। बेहतर है कि नजदीकी पेट्रोल पंप पर जल्द से जल्द फ्यूल भरवा लें।

पुरानी और नई बाइक में क्या अंतर है?

पुरानी कार्ब्यूरेटर वाली कई बाइकों में Reserve Fuel Cock होता था। उसमें पेट्रोल खत्म होने पर राइडर को लीवर को ON से RESERVE पर करना पड़ता था।

वहीं, ज्यादातर आधुनिक फ्यूल-इंजेक्टेड बाइकों में अलग से Reserve मोड नहीं होता। उनमें लो फ्यूल इंडिकेटर या फ्यूल गेज बताता है कि टैंक में पेट्रोल कम हो गया है। इसलिए नई बाइक में लोग जिस स्थिति को Reserve कहते हैं, वह वास्तव में लो फ्यूल लेवल होता है।

क्या कम पेट्रोल में चलाने से फ्यूल पंप खराब हो सकता है?

लंबे समय तक टैंक को लगभग खाली रखकर बाइक चलाने की आदत कुछ परिस्थितियों में फ्यूल पंप और फ्यूल सिस्टम के लिए अच्छी नहीं होती। खासकर फ्यूल-इंजेक्टेड बाइकों में पर्याप्त फ्यूल लेवल बनाए रखना बेहतर होता है।

हालांकि केवल एक-दो बार लो फ्यूल तक बाइक चलाने से तुरंत कोई बड़ी खराबी होने की संभावना नहीं होती। परेशानी तब बढ़ सकती है जब इसे रोजाना की आदत बना लिया जाए।

लो फ्यूल वॉर्निंग आने पर क्या करें?

लो फ्यूल लाइट जलते ही बाइक को बहुत तेज गति से चलाने के बजाय नजदीकी पेट्रोल पंप की योजना बनाएं। तेज एक्सीलरेशन और अनावश्यक लंबी दूरी से बचें। कोशिश करें कि बाइक को बिल्कुल फ्यूल खत्म होने के बाद बंद होने की स्थिति तक न पहुंचाएं।

अगर आप लंबी यात्रा पर जा रहे हैं, तो टैंक में हमेशा पर्याप्त फ्यूल रखें। ग्रामीण और हाईवे रूट पर पेट्रोल पंपों की दूरी ज्यादा हो सकती है।

निष्कर्ष

रिजर्व या लो फ्यूल पर कुछ दूरी तक बाइक चलाना सामान्य बात है, लेकिन लंबे समय तक इसी स्थिति में चलाना आदत नहीं बनानी चाहिए। बाइक कितने किलोमीटर चलेगी, यह उसके मॉडल, रिजर्व फ्यूल की मात्रा और माइलेज पर निर्भर करता है। सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि लो फ्यूल वॉर्निंग आते ही जल्द पेट्रोल भरवा लिया जाए।

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